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Lucknow News: कैसरबाग बस अड्डे पर बाबू और चालकों में विवाद, 2 घंटे तक 200 बसों के पहिये थमे
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कैसरबाग बस स्टेशन।
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लखनऊ। कैसरबाग बस अड्डे पर सोमवार दोपहर बसों की मरम्मत में घोटाले की शिकायत करने पहुंचे चालक-परिचालकों और एक वरिष्ठ लिपिक के बीच मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि बाबू ने कर्मियों को धक्के मारकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया और अभद्रता की। इससे नाराज होकर कर्मियों ने बसों का संचालन ठप कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक 200 बसें खड़ी रहीं और यात्री बेहाल हो गए।
चालक-परिचालकों का आरोप है कि बसों की मरम्मत के नाम पर बड़ा घोटाला हो रहा है। बसें बीच रास्ते खराब हो रही हैं और इसका खामियाजा उनके वेतन से कटौती के रूप में भुगतना पड़ रहा है। 50% लोड फैक्टर की अव्यावहारिक शर्तों को लेकर भी कर्मचारी आक्रोशित थे। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जब वे इन्हीं समस्याओं को लेकर एआरएम कार्यालय पहुंचे, तो वहां तैनात वरिष्ठ लिपिक सरोज तिवारी ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।
बाबू की बदसलूकी से नाराज ड्राइवरों ने चक्का जाम कर दिया। इस वजह से सीतापुर, लखीमपुर खीरी और अयोध्या मार्ग की करीब 200 बसें प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हो गईं। तेज धूप में यात्री दो घंटे तक बसों के चलने का इंतजार करते रहे। मामला बढ़ता देख एआरएम ने हस्तक्षेप किया और दोषियों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद दोपहर सवा दो बजे संचालन बहाल हो सका।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने मामले की जानकारी क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय को दे दी है। कर्मचारियों ने आरोपी बाबू को तत्काल हटाने की मांग की है। प्रबंधन का कहना है कि जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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चालक-परिचालकों का आरोप है कि बसों की मरम्मत के नाम पर बड़ा घोटाला हो रहा है। बसें बीच रास्ते खराब हो रही हैं और इसका खामियाजा उनके वेतन से कटौती के रूप में भुगतना पड़ रहा है। 50% लोड फैक्टर की अव्यावहारिक शर्तों को लेकर भी कर्मचारी आक्रोशित थे। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जब वे इन्हीं समस्याओं को लेकर एआरएम कार्यालय पहुंचे, तो वहां तैनात वरिष्ठ लिपिक सरोज तिवारी ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।
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बाबू की बदसलूकी से नाराज ड्राइवरों ने चक्का जाम कर दिया। इस वजह से सीतापुर, लखीमपुर खीरी और अयोध्या मार्ग की करीब 200 बसें प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हो गईं। तेज धूप में यात्री दो घंटे तक बसों के चलने का इंतजार करते रहे। मामला बढ़ता देख एआरएम ने हस्तक्षेप किया और दोषियों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद दोपहर सवा दो बजे संचालन बहाल हो सका।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने मामले की जानकारी क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय को दे दी है। कर्मचारियों ने आरोपी बाबू को तत्काल हटाने की मांग की है। प्रबंधन का कहना है कि जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।