UP: गंभीर मानसिक विकार है बच्चों के प्रति असामान्य यौन इच्छा, ऐसे करें अपराधी की पहचान; चुप्पी बनती है खतरा
बच्चों के प्रति असामान्य यौन इच्छा गंभीर मानसिक विकार है। वयस्क का बच्चों के प्रति यौन आकर्षण होने को पीडोफीलिया कहा जाता है। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों पर नजर रखने के साथ ही बातचीत करना बेहद जरूरी होता है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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बच्चों के यौन शोषण के मामले में बांदा के दंपती को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद 'पीडोफीलिया' शब्द चर्चा में आ गया है। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार पीडोफीलिया का मतलब वयस्क का बच्चों के प्रति यौन आकर्षण होना है। यह गंभीर मानसिक विकार है। इससे ग्रसित व्यक्ति की पहचान करना आसान नहीं है। इसलिए बच्चों पर नजर रखना और उनसे बातचीत करना बेहद जरूरी है।
बच्चों से बातचीत बेहद जरूरी
केजीएमयू के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विवेक अग्रवाल के अनुसार पीडोफीलिया भी असामान्य यौन इच्छा रखने वालों का एक प्रकार है। इस मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति चोरी-छिपे बच्चों का यौन शोषण करते रहते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों से बातचीत करते रहें। उन पर नजर रखें, उनकी गतिविधियों को ध्यान से देखें और किसी भी असामान्य स्थिति में उनको भरोसे में लें।
चिकित्सीय परामर्श से संभव है पीडोफीलिया का इलाज
केजीएमयू के पूर्व मनोरोग विशेषज्ञ प्रो. आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि कई बार असामान्य या तीव्र यौन इच्छा वाले व्यक्ति चिकित्सीय सलाह लेने आते हैं। इनमें बच्चे भी होते हैं। कई बार पत्नियां अपने पति को लेकर भी आती हैं। कुछ दवाओं और काउंसलिंग से पीडोफीलिया का इलाज संभव है।
बड़ी चुनौती है यौन शोषण झेलने वाले बच्चों का पुनर्वास
केजीएमयू के बाल मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार गुप्ता के मुताबिक यौन शोषण झेलने वाले बच्चों का पुनर्वास बड़ी चुनौती है। बचपन में हुए बलात्कार या फिर यौन शोषण की चोट का असर बच्चे के मन पर जीवन भर बना रह सकता है। इसलिए इन बच्चों को विशेष काउंसलिंग और पुनर्वास की जरूरत होती है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, केजीएमयू में भी यह सुविधा मौजूद है।
बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चों को अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श के बारे में बताएं
- बच्चों के साथ खुलकर बात करें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि आप उनकी बात हमेशा सुनेंगे
- बच्चों को बताएं, अगर कोई उनको असहज महसूस कराता है तो फिर तुरंत कहें
- बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें
- स्कूल में कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच और नियमित निगरानी रखें
बच्चों के यौन अपराधी की पहचान ऐसे करें
- ऐसा व्यक्ति जो बच्चे पर विशेष ध्यान देता हो
- बच्चे के साथ सामान्य से ज्यादा समय बिताता हो
- बच्चे की दोस्ती या रिश्तों में अनुचित रुचि दिखाता हो
बच्चे के साथ दुर्व्यवहार के संकेत
- बच्चे का चिड़चिड़ा होना या फिर कम बोलने लगना
- सामान्य से अधिक बात करना
- पुराने दोस्तों से अलग-थलग रहना
- बिना किसी स्पष्ट कारण के चिंता, सिरदर्द, नींद की कमी होना
- बुरे सपने, बिस्तर गीला करना, खाने में अरुचि
