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Lucknow News: अभिनेता श्रीप्रकाश बाजपेई की शालीनता थी उनकी पहचान
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अभिनेता श्रीप्रकाश बाजपेई। फाइल फोटो
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लखनऊ। 2020 में आई अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना जैसे कलाकारों से सजी फिल्म गुलाबो-सिताबो में अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले अभिनेता श्रीप्रकाश बाजपेई का 85 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रेडियो, रंगमंच और फिल्मों में 80 वर्ष की उम्र तक सक्रिय रहे श्रीप्रकाश बाजपेई ने 45 से अधिक छोटी-बड़ी फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाकर अपनी खास पहचान बनाई थी। वरिष्ठ रंगकर्मी पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि एक अभिनेता से इतर उनकी शालीनता उनकी विशेष पहचान थी।
डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि श्रीप्रकाश बाजपेई ने अभिनेता पंकज त्रिपाठी के साथ फिल्म कागज में भी अभिनय किया था। उन्होंने अजय देवगन अभिनीत फिल्म रेड, इंस्पेक्टर अविनाश और निम्मो लखनऊ वाली सहित कई फिल्मों में प्रभावशाली अभिनय किया। वे आकाशवाणी के ए-ग्रेड कलाकार भी रहे। लखनऊ दूरदर्शन के भी अप्रूव्ड कलाकार रहे।
श्रीप्रकाश ने नौवीं कक्षा से ही रंगमंच की दुनिया में कदम रख दिया था। पढ़ाई के दौरान कॉलेज में नाटकों में सक्रिय रहे। उन्होंने नाट्य भारती नाम से अपना थिएटर ग्रुप भी बनाया। डॉ. रस्तोगी के अनुसार, श्रीप्रकाश ने उनके साथ भी कई फिल्मों और नाटकों में काम किया। लकीरें और रेड में वे उनके साथ रहे। पिछले कुछ समय से वे बीमार चल रहे थे और बोल नहीं पाते थे। वे गोमतीनगर में अपनी बेटी के साथ रह रहे थे।
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डॉ. रस्तोगी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने अपनी एक फिल्म निम्मो लखनऊ वाली की एक क्लिप एक ग्रुप पर डाली थी जिसमें वे दोनों साथ थे। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि उनके मृदु और शालीन स्वभाव की वजह से सभी उनके मुरीद हो जाते थे। उनके निधन पर शहर के वरिष्ठ रंगकर्मी संगम बहुगुणा, सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ, ललित सिंह पोखरिया, मुकेश वर्मा, महेश चंद्र देवा, विनोद मिश्र, प्रेम कुंवर श्रीवास्तव और स्वतंत्र काले आदि ने गहरा दुख जताया है।
सीनियर फूड इंस्पेक्टर रहते हुए अभिनय में रहे सक्रिय
डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि सीनियर फूड इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत रहने के बावजूद उन्होंने अभिनय से अपना नाता कभी नहीं तोड़ा। लगभग तीन दशक तक दर्पण संस्था के साथ रंगमंच से जुड़े रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह अभिनय के लिए समर्पित कर दिया। उनकी पहली फिल्म बाबर थी, जिसमें उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ एक छोटा किरदार निभाया था। उन्होंने शोरगुल, लखनऊ टाइम्स, आई एम नॉट देवदास, लफ्ज, प्रणाम, बीवी डॉट कॉम, जॉली एलएलबी-2, वन टू का फोर और बारात कंपनी जैसी फिल्मों में भी अपनी अभिनय की छाप छोड़ी।
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डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि श्रीप्रकाश बाजपेई ने अभिनेता पंकज त्रिपाठी के साथ फिल्म कागज में भी अभिनय किया था। उन्होंने अजय देवगन अभिनीत फिल्म रेड, इंस्पेक्टर अविनाश और निम्मो लखनऊ वाली सहित कई फिल्मों में प्रभावशाली अभिनय किया। वे आकाशवाणी के ए-ग्रेड कलाकार भी रहे। लखनऊ दूरदर्शन के भी अप्रूव्ड कलाकार रहे।
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श्रीप्रकाश ने नौवीं कक्षा से ही रंगमंच की दुनिया में कदम रख दिया था। पढ़ाई के दौरान कॉलेज में नाटकों में सक्रिय रहे। उन्होंने नाट्य भारती नाम से अपना थिएटर ग्रुप भी बनाया। डॉ. रस्तोगी के अनुसार, श्रीप्रकाश ने उनके साथ भी कई फिल्मों और नाटकों में काम किया। लकीरें और रेड में वे उनके साथ रहे। पिछले कुछ समय से वे बीमार चल रहे थे और बोल नहीं पाते थे। वे गोमतीनगर में अपनी बेटी के साथ रह रहे थे।
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डॉ. रस्तोगी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने अपनी एक फिल्म निम्मो लखनऊ वाली की एक क्लिप एक ग्रुप पर डाली थी जिसमें वे दोनों साथ थे। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि उनके मृदु और शालीन स्वभाव की वजह से सभी उनके मुरीद हो जाते थे। उनके निधन पर शहर के वरिष्ठ रंगकर्मी संगम बहुगुणा, सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ, ललित सिंह पोखरिया, मुकेश वर्मा, महेश चंद्र देवा, विनोद मिश्र, प्रेम कुंवर श्रीवास्तव और स्वतंत्र काले आदि ने गहरा दुख जताया है।
सीनियर फूड इंस्पेक्टर रहते हुए अभिनय में रहे सक्रिय
डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि सीनियर फूड इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत रहने के बावजूद उन्होंने अभिनय से अपना नाता कभी नहीं तोड़ा। लगभग तीन दशक तक दर्पण संस्था के साथ रंगमंच से जुड़े रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह अभिनय के लिए समर्पित कर दिया। उनकी पहली फिल्म बाबर थी, जिसमें उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ एक छोटा किरदार निभाया था। उन्होंने शोरगुल, लखनऊ टाइम्स, आई एम नॉट देवदास, लफ्ज, प्रणाम, बीवी डॉट कॉम, जॉली एलएलबी-2, वन टू का फोर और बारात कंपनी जैसी फिल्मों में भी अपनी अभिनय की छाप छोड़ी।