Lucknow News : प्रो. विनय पाठक के खिलाफ एकेटीयू प्रशासन ने बैठाई जांच, तीन सदस्यीय कमेटी का गठन
प्रो. पाठक के खिलाफ हुई यूजीसी में शिकायत के बाद यूजीसी के अवर सचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने एकेटीयू रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर कहा कि शिकायत में उठाए गए मुद्दों की विस्तृत विवेचना कर आयोग व उत्तर प्रदेश सरकार को भेजने को कहा था।
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राजभवन द्वारा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में हुई अनियमितता की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के कुछ ही दिन बाद एकेटीयू प्रशासन ने पूर्व कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के खिलाफ एक जांच बैठा दी है। इसका आधार नवंबर में यूजीसी में हुई शिकायत को बनाया गया है।
प्रो. पाठक के खिलाफ हुई यूजीसी में शिकायत के बाद यूजीसी के अवर सचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने एकेटीयू रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर कहा कि शिकायत में उठाए गए मुद्दों की विस्तृत विवेचना कर आयोग व उत्तर प्रदेश सरकार को भेजने को कहा था। इस क्रम में कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने शिकायत प्रकरणों की जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन किया है। इसमें सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश संजय व सोनभद्र राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. जीएस तोमर को सदस्य बनाया गया है। जबकि सहायक कुलसचिव रंजीत सिंह प्रस्तोता अधिकारी होंगे।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने प्रो. पाठक के खिलाफ कार्य परिषद व वित्त समिति की बैठक के निर्णयों की जांच, उनके कार्यकाल में हुई भर्तियों की जांच, ई-कंसोर्टियम की जांच, पीएनबी हाउसिंग में 700 और 1000 करोड़ के निवेश, परीक्षा के गोपनीय कार्यों में 100 करोड़ के निवेश, डीडीक्यूआईपी में 300 करोड़ के भुगतान, गोल्ड बांड में निवेश, प्लैगरिज्म व पीएचडी, विनियमितीकरण, आगरा व एकेटीयू के कार्य परिषद में नामित होने, प्रो. विनीत कंसल व प्रो. अनुराग त्रिपाठी की प्रोफेसर पद पर नियुक्ति, निर्माण कार्यों में भुगतान की जांच की मांग उठाई थी। जिनको इस जांच के बिंदु बनाया जाएगा।