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Lucknow News: 1500 शिक्षकों को एआई ट्यूटर में दक्ष बनाएगा एकेटीयू
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अक्षय कुमार
लखनऊ। देश-विदेश में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने भी शिक्षकों व छात्रों को इसमें दक्ष बनाने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत विश्वविद्यालय अपने संबद्ध संस्थानों के 1500 से अधिक शिक्षकों को एआई ट्यूटर में दक्ष बनाएगा।
शिक्षा मंत्रालय की पहल पर आईआईटी खड़गपुर के सहयोग से विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया (एनडीएलआई) के माध्यम से विश्वविद्यालय शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करेगा। इसके बाद ये शिक्षक अपने-अपने कॉलेजों में पहले सहयोगी शिक्षकों, फिर छात्रों को इससे जुड़ा प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने का काम करेंगे।
प्रति कुलपति प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि आज की जरूरत के अनुरूप शिक्षकों व छात्रों में एआई टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस, शोध व नवाचार को बढ़ावा दिया जाना है। ताकि शिक्षक और छात्र, दोनों आज की जरूरत के अनुरूप तैयार हो सकें। एआई ट्यूटर छात्रों को सोचने, समझने और खुद समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित व तैयार करता है।
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शिक्षकों को एआई ट्यूटर में दक्ष बनाने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से मास्टर ट्रेनर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएलआई फर्मी एआई ट्यूटर, एआई एप से शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस एप की यह खासियत है कि वो सीधे उत्तर देने की जगह उनकी सोचने और तर्क क्षमता बढ़ाने पर काम करता है।
प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि सभी संबद्ध संस्थानों के दो-दो और कुल लगभग 1500 शिक्षकों को निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी संबद्ध कॉलेजों से ऐसे इच्छुक शिक्षकों के नाम मांगे गए हैं।
हम शिक्षकों को लखनऊ और नोएडा परिसर में मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण देंगे। यह शिक्षक छात्रों को बताएंगे कि एआई टूल का किस तरह सही प्रयोग करना है। एआई ट्यूटर इसमें उनके लिए काफी उपयोगी होगा। यह सीधे समाधान बताने की जगह उन्हें सुझाव देगा, इससे पाठ्यक्रम से संबंधित समस्याओं का समाधान आसानी से खोजा जा सकेगा।
प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एकेटीयू
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लखनऊ। देश-विदेश में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने भी शिक्षकों व छात्रों को इसमें दक्ष बनाने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत विश्वविद्यालय अपने संबद्ध संस्थानों के 1500 से अधिक शिक्षकों को एआई ट्यूटर में दक्ष बनाएगा।
शिक्षा मंत्रालय की पहल पर आईआईटी खड़गपुर के सहयोग से विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया (एनडीएलआई) के माध्यम से विश्वविद्यालय शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करेगा। इसके बाद ये शिक्षक अपने-अपने कॉलेजों में पहले सहयोगी शिक्षकों, फिर छात्रों को इससे जुड़ा प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने का काम करेंगे।
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प्रति कुलपति प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि आज की जरूरत के अनुरूप शिक्षकों व छात्रों में एआई टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस, शोध व नवाचार को बढ़ावा दिया जाना है। ताकि शिक्षक और छात्र, दोनों आज की जरूरत के अनुरूप तैयार हो सकें। एआई ट्यूटर छात्रों को सोचने, समझने और खुद समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित व तैयार करता है।
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शिक्षकों को एआई ट्यूटर में दक्ष बनाने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से मास्टर ट्रेनर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएलआई फर्मी एआई ट्यूटर, एआई एप से शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस एप की यह खासियत है कि वो सीधे उत्तर देने की जगह उनकी सोचने और तर्क क्षमता बढ़ाने पर काम करता है।
प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि सभी संबद्ध संस्थानों के दो-दो और कुल लगभग 1500 शिक्षकों को निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी संबद्ध कॉलेजों से ऐसे इच्छुक शिक्षकों के नाम मांगे गए हैं।
हम शिक्षकों को लखनऊ और नोएडा परिसर में मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण देंगे। यह शिक्षक छात्रों को बताएंगे कि एआई टूल का किस तरह सही प्रयोग करना है। एआई ट्यूटर इसमें उनके लिए काफी उपयोगी होगा। यह सीधे समाधान बताने की जगह उन्हें सुझाव देगा, इससे पाठ्यक्रम से संबंधित समस्याओं का समाधान आसानी से खोजा जा सकेगा।
प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एकेटीयू