अविमुक्तेश्वरानंद बोले: मुझे उम्मीद थी कि योगी होने के नाते गौरक्षा करेंगे आदित्यनाथ, कंस और रावण जैसा है शासन
Avimukteshwarananda: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग सिर्फ अपने स्वार्थ और भय के आधार पर फैसले ले रहे हैं।
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मुझे उम्मीद थी कि एक संन्यासी होने के नाते योगी आदित्यनाथ कम से कम गो-माता की रक्षा और धर्म की सेवा करेंगे, लेकिन आज सत्ता के लिए धर्म, गो-माता और देश की अखंडता तक को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसा आचरण कंस के दूसरे रूप जैसा प्रतीत होता है। आज की व्यवस्था में भी वही प्रवृत्ति दिखाई दे रही है, जहां अपनी इच्छा के अनुसार शासन चलाया जा रहा है और जनता को डराने की कोशिश हो रही है। ये बातें शुक्रवार को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहीं। वह आशियाना स्थित क्लब में गो गर्जना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान पौराणिक कथाओं से सत्ता पर निशाना साधा।
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग सिर्फ अपने स्वार्थ और भय के आधार पर फैसले ले रहे हैं। वे किसी रिश्ते या नागरिक स्वतंत्रता का सम्मान नहीं कर रहे हैं। राज्य प्रशासन का रवैया कंस और रावण के आचरण जैसा है। कंस और रावण का आचरण भी ऐसा ही था। आगाह करते हुए कहा कि प्रशासन कैमरों के जरिये उपस्थित लोगों की पहचान कर रहा है ताकि बाद में उन्हें परेशान किया जा सके। शंकराचार्य ने राज्य में गो-रक्षा अभियानों से जुड़े संतों और कार्यकर्ताओं पर हो रही पुलिस कार्रवाई पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही, कहा कि गाय को राज्य माता और राष्ट्र माता बनाने के लिए वह आवाज उठाते रहेंगे। इस अवसर पर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों ने गोरक्षा का संकल्प दोहराया।
सीएम के लिए योगी के नाम का किया था चयन
शंकराचार्य ने कौशांबी का उदाहरण देते हुए कहा कि देर रात पुलिस गो-रक्षकों के घरों पर दबिश दे रही है और उन्हें अभियानों से हटने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब उत्तर प्रदेश में संतों और धर्माचार्यों को गोरक्षा की बात करने का भी अधिकार नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री पद के चयन के समय कुछ लोग राय लेने आए थे और उस समय योगी आदित्यनाथ का समर्थन किया था, लेकिन आज वही गोरक्षा के समर्थन में नजर नहीं आ रहे हैं।