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अविमुक्तेश्वरानंद बोले: जो राम को नहीं मानते वह बने हैं मंदिर के कर्ता-धर्ता, नमाज पढ़ने का वीडियो दिखाएं सीएम
Sat, 18 Jul 2026 07:17 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 18 Jul 2026 07:17 PM IST
सार
Avimukteshwarananda:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीएम योगी के उस बयान को झूठ कहा है कि जिसमें उन्होंने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ने की बात कही।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लगाए आरोप।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जो लोग राम को नहीं मानते, वह आज राम मंदिर के कर्ता-धर्ता बने हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपने कार्यालय में राम जी की तस्वीर कोने में रखते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुले मंच से झूठ बोल रहे हैं कि हनुमानगढ़ी परिसर में नमाज पढ़ी गई। यदि ऐसा हुआ है तो वह फोटो और वीडियो दिखाएं।
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शनिवार को शहर के एक पैलेस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और राम मंदिर के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि आरएसएस सदस्य भगवान राम को नहीं मानते। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने राम जन्मभूमि पर नियंत्रण कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान राम की तस्वीर तक नहीं लगा सकते, वह अब राम के बारे में सब कुछ तय कर रहे हैं।
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उन्होंने कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि पर भी निशाना साधा। पूछा कि राम मंदिर मामले की लड़ाई के दौरान गोविंद गिरि कहां थे। उन्होंने गोविंद गिरि को कानूनी नोटिस भेजने की बात भी कही। उन्होंने राम मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल वीवीआईपी को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। अयोध्या के संतों को प्रवेश से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा, प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए पांच हजार संतों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन किसी भी संत को गर्भगृह के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों से इस पर चुप न रहने का आग्रह किया।
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रामलला की मूर्ति पर सवाल
शंकराचार्य ने दावा किया कि राम मंदिर में स्थापित वर्तमान मूर्ति वह नहीं है, जिसने कानूनी लड़ाई जीती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रामलला की वह मूर्ति, जिसने आंदोलन के दौरान कठिनाइयां झेलीं, अब एक स्टोर रूम में रखी गई है। वह राम मंदिर जाना चाहते हैं। हालांकि, वह तभी जाएंगे जब मंदिर पूरी तरह से स्थापित हो जाएगा। आरोप लगाया कि वर्तमान ढांचा भाजपा और आरएसएस के कार्यालय जैसा है। उन्होंने दोहराया कि अभी राम मंदिर नहीं बना है, यह भाजपा और आरएसएस का कार्यालय है। प्रेस कांफ्रेंस के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी जाकर दर्शन-पूजन किया।