सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ayodhya: Darshan at the sub-temples of Shri Ram Janmabhoomi will be allowed only through passes

Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि के उप मंदिरों में पास के जरिये ही होंगे दर्शन, भीड़ प्रबंधन के लिए खास इंतजाम

अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Tue, 13 Jan 2026 08:34 PM IST
विज्ञापन
सार

अयोध्या के राम मंदिर में भीड़ प्रबंधन के खास इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग तैयार की जा रही है। इस पर 23 जनवरी को होने वाली निर्माण समिति की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

Ayodhya: Darshan at the sub-temples of Shri Ram Janmabhoomi will be allowed only through passes
अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

श्रीराम जन्मभूमि परिसर के अन्य उप मंदिरों को खोलने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के पहले सप्ताह से सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन मिलने लगेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इन उप मंदिरों में दर्शन के लिए पास सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कंप्यूटर आधारित प्रोग्रामिंग तैयार की जा रही है।

Trending Videos


इस पूरी योजना पर 23-24 जनवरी को होने वाली राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित योजना के तहत राम मंदिर परिसर में स्थित सभी 14 उप मंदिरों में सीधे प्रवेश की जगह पास के जरिये दर्शन कराए जाएंगे। यह पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जारी किए जाने की संभावना है। पास में समय और स्थान तय होगा, जिससे एक साथ अधिक भीड़ न जुटे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अखिलेश का बड़ा आरोप: एसआईआर के नाम पर एनआरसी लागू कर रही है भाजपा; बन रहे हैं फर्जी वोटर

ये भी पढ़ें - यूपी में बुलडोजर वेलकम: हाईवे पर अभय सिंह ने पंकज चौधरी पर की फूलों की बारिश, मायने तलाश रहे सियासी पंडित 


23-24 जनवरी को होने वाली राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में दर्शन शुरू कराने पर मंथन किया जाएगा। बैठक में ट्रायल रन की रणनीति व श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े तकनीकी पहलू पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। सभी उप मंदिरों में दर्शन शुरू होने पर एक श्रद्धालु को पूरे परिसर में भ्रमण करने में दो से तीन घंटे लग जाएंगे, ऐसे में भीड़ नियंत्रण के लिए एक बार में कितने श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाए, इस पर अंतिम निर्णय होना है।

भीड़ नियंत्रण का बन रहा प्लान
- प्राण प्रतिष्ठा के बाद से रोजाना लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। उप मंदिरों में जगह सीमित होने के कारण अव्यवस्था और सुरक्षा जोखिम हो सकता है। श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना ट्रस्ट की प्राथमिकता है। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिये डाटा मॉनीटरिंग, स्लॉट मैनेजमेंट और लाइव काउंटिंग की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को भी रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।

गोल्फ कार्ट पर बैठकर कुबेर टीला जा सकेंगे श्रद्धालु

सात पूरक मंदिरों (भगवान शंकर, गणेश, सूर्यदेव, मां दुर्गा, अन्नपूर्णा, हनुमान व शेषावतार लक्ष्मण) और रामायणकालीन सप्तऋषियों (विश्वामित्र, महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, अगस्त्य, निषादराज, शबरी व अहिल्या) के मंदिरों में दर्शन शुरू करने की तैयारी है। मंदिरों के साथ श्रद्धालु अति प्राचीन कुबेर टीले पर भी दर्शन के लिए जा सकेंगे। अभी अति विशिष्टजन को ही इसकी अनुमति है।

परिसर में निर्मित परकोटा लगभग आठ सौ मीटर लंबा है। इसी के मध्य छह देवी-देवताओं के मंदिर बने हैं। परकोटे की परिधि के बाहर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सप्तमंडप व शेषावतार मंदिर का निर्माण हुआ है। इसके पश्चिम में कुबेर टीला स्थित है। यदि श्रद्धालुओं को पैदल ही दर्शन व भ्रमण की अनुमति दी जाती है तो अधिक समय लगेगा और उन्हें काफी पैदल चलना पड़ेगा। इसी कारण ट्रस्ट ने गोल्फ कार्ट उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed