UP: डीजल संकट से दुल्हन की विदाई रुकी, लाइन में लगा दूल्हा, सहालग के सीजन में ईंधन न मिलने से लोग परेशान
जिले में ईंधन का संकट बढ़ता जा रहा है जिसके कारण जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत सभी पेट्रोल पंप प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित होंगे। किसी भी स्थिति में जेरीकेन, डिब्बा, बोतल या अन्य पात्र में पेट्रोल-डीजल देना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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बलरामपुर जिले में पेट्रोल-डीजल संकट अब सहालग पर भारी पड़ रहा है। कई स्थानों पर बरात और विदाई कार्यक्रमों में देरी की स्थिति बनी हुई है। शहर के साथ ही पेट्रोल पंपों पर बुधवार को तेल पहुंचते ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जहां लोग घंटों धूप में खड़े होकर ईंधन लेने को मजबूर रहे। घाघराघाट से वाहनों के प्रतिबंध के कारण लखनऊ डिपो से आने वाले टैंकरों को अयोध्या व सीतापुर के रास्ते मोड़ना पड़ा, जिससे टर्नअराउंड टाइम बढ़ा। इसी दबाव को कम करने के लिए पचपेड़वा और गैसड़ी क्षेत्र के पंपों को देवरिया के बैतालपुर डिपो से सप्लाई डायवर्ट की गई।
नगर क्षेत्र में लखनऊ से बरात लेकर आए प्रमोद कुमार ने बताया कि सुबह दुल्हन की विदाई के दौरान डीजल खत्म हो गया। इसके चलते विदाई रोककर गाड़ी में डीजल भरवाने के लिए लाइन में लगा हूं। सत्यम सिंह ने बताया कि सहालग का समय है, लगातार आना-जाना पड़ता है लेकिन पेट्रोल नहीं मिल पा रहा। वहीं अकरम खान और डीपी भारती ने आरोप लगाया कि कुछ लोग टंकी फुल कराकर उसके बाद पेट्रोल निकालकर 150 से 200 रुपये लीटर तक बेच रहे हैं।
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हरैया सतघरवा क्षेत्र में हालात और गंभीर रहे। गुगौली कला पेट्रोल पंप पर ईंधन समाप्त होने के कारण बैरिकेडिंग करनी पड़ी, जबकि बरदौलिया और मणिपुर क्षेत्र के पंपों पर रात से ही भारी भीड़ लगी रही। मदन गोपाल शुक्ल और मोहम्मद मुस्तफा ने बताया कि कई लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद बीमार भी हो गए। गौरा क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान पेट्रोल खत्म होने से दूल्हे पक्ष के वाहन बीच रास्ते में रुक गए। परिजन पंप पर पहुंचे तो लंबी लाइन में फंस गए। दुल्हन पक्ष के पिंटू यादव ने बताया कि विदाई तय समय पर नहीं हो सकी, काफी देर इंतजार करना पड़ा।
खपत दोगुनी, पंपों पर बढ़ा दबाव, आपूर्ति बढ़ाने के बाद भी कतार
जिले में 15 से 21 अप्रैल के बीच पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर दबाव देखने को मिला। कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक बार-बार खत्म होता रहा, जबकि प्रशासन और तेल कंपनियां आपूर्ति बढ़ाकर हालात सामान्य करने में जुटी रहीं। 16 अप्रैल को 41 पंपों पर पेट्रोल और 37 पर डीजल खत्म हुआ। 17 अप्रैल को पेट्रोल 46 और डीजल 33 पंपों पर नहीं मिला। 18 अप्रैल को 41 पंपों पर पेट्रोल व 26 पर डीजल, 19 अप्रैल को 43 पंपों पर पेट्रोल व 25 पर डीजल खत्म रहा। 21 अप्रैल को स्थिति चरम पर दिखी, जब 48 पंपों पर पेट्रोल और 21 पंपों पर डीजल का स्टॉक शून्य हो गया।
जिला प्रशासन की मानें तो सामान्य दिनों में 92 हजार लीटर पेट्रोल और 1.41 लाख लीटर डीजल की दैनिक खपत रहती है, लेकिन 15–19 अप्रैल के बीच बिक्री लगभग दोगुनी दर्ज हुई। 19 अप्रैल को 1.78 लाख लीटर पेट्रोल और 2.61 लाख लीटर डीजल की बिक्री ने रिकॉर्ड बनाया। 17 अप्रैल को 2.02 लाख लीटर पेट्रोल और 3.52 लाख लीटर डीजल की अधिकतम आमद दर्ज हुई। 20 अप्रैल तक 1.94 लाख लीटर पेट्रोल और 3.81 लाख लीटर डीजल की आपूर्ति कर गैप कम किया गया। 21 अप्रैल की सुबह तक पंपों पर 2.84 लाख लीटर पेट्रोल और 4.41 लाख लीटर डीजल का प्रारंभिक स्टॉक मौजूद रहा, साथ ही अतिरिक्त टैंकर रास्ते में रहे। 22 को भी कई पंपों पर तेल उपलब्ध नहीं रहा।
अब सुबह 7 से रात 9 बजे तक ही मिलेगा तेल, डिब्बों पर रोक
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने पेट्रोल और डीजल वितरण करने के लिए गाइडलाइन जारी किया है। इसके तहत सभी पेट्रोल पंप प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित होंगे। किसी भी स्थिति में जेरीकेन, डिब्बा, बोतल या अन्य पात्र में पेट्रोल-डीजल देना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। किसानों को केवल कृषि कार्य के लिए किसान बही या फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर 5 से 10 लीटर तक डीजल निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

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