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UP: सात प्रवेश द्वारों के साथ भविष्य का शहर बनेगा लखनऊ, राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लिए भी भारी धन का आवंटन

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 12 Feb 2026 12:23 PM IST
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सार

यूपी सरकार ने पेश किए गए बजट में लखनऊ के सजाने संवारने के साथ ही भविष्य के लिए तैयार करने के लिए कई योजनाओं के लिए धन का आवंटन किया। शहर यहां तक कि परिषदीय स्कूलों को भी एआई से जोड़ा जाएगा।
 

Big announcement in UP budget for development of Lucknow
- फोटो : amar ujala
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विस्तार

राजधानी लखनऊ के सात मार्गों पर बनने वाले प्रवेश द्वारों के लिए रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार के बजट में 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने 30 जनवरी को द्वार बनाए जाने की घोषणा की थी। द्वार बनने से राजधानी में प्रवेश करते ही प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत के दर्शन होंगे। धर्म-शौर्य के प्रतीक इन प्रवेश द्वारों पर उत्तर प्रदेश का राजकीय चिह्न भी होगा। ये द्वार लखनऊ से प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, नैमिषारण्य, हस्तिनापुर, मथुरा और झांसी की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बनाए जाएंगे। इनकी डिजाइन में भारतीय पारंपरिक वास्तुकला, शिल्पकला, सांस्कृतिक प्रतीक होंगे। स्तंभ, म्यूरल, फव्वारे, प्रकाश व्यवस्था से प्रवेश द्वारों को सौंदर्यपूर्ण बनाया जाएगा।

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संगम, नंदी, सूर्य, व्यास, धर्म, कृष्ण, शौर्य होंगे नाम
मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत प्रयागराज मार्ग (रायबरेली रोड) पर त्रिवेणी संगम और महाकुंभ परंपरा को दशनि वाला संगम द्वार, वाराणसी मार्ग (सुल्तानपुर रोड) पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को दर्शाने वाला नंदी द्वार, अयोध्या मार्ग (बाराबंकी रोड) पर भगवान श्रीराम और सूर्यवंश की परंपरा पर आधारित सूर्य द्वार होना चाहिए। नैमिषारण्य मार्ग (सीतापुर रोड) पर व्यास द्वार, हस्तिनापुर मार्ग (हरदोई रोड) पर धर्म द्वार, मथुरा मार्ग (आगरा रोड) पर कृष्ण द्वार तथा झांसी मार्ग (उन्नाव रोड) पर वीरता और शौर्य का प्रतीक शौर्य द्वार स्थापित बनाया जाएगा।

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राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लिए मिले 50 करोड़ रुपये

राष्ट्र प्रेरणा स्थल के संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट मिला है। यह रकम प्रेरणा स्थल के कॉर्पस फंड (मूल कोष) के लिए है। इसमें एलडीए की ओर से भी 25 करोड़ रुपये दे दिए जाएंगे। कुल 75 करोड़ रुपये से मिलने वाली ब्याज की रकम से स्थल के रखरखाव पर खर्च होगा।

अधिकारियों का कहना है कि टिकट से होने वाली आय और कॉर्पस फंड के व्याज की रकम से ही पार्क का रखरखाव होगा। राष्ट्र प्रेरणा स्थल का प्रवेश शुल्क 15 रुपये है। यहां के म्यूजियम का प्रवेश शुल्क 50 रुपये है। इनके टिकट की आय के अलावा 75 करोड़ रुपये के फंड को बैंक में जमा किया जाएगा।

एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल के संचालन के लिए शासन स्तर पर कमेटी बनाई गई है। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग इसके अध्यक्ष हैं। एलडीए उपाध्यक्ष सदस्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त, प्रमुख सचिव नगर विकास, प्रमुख सचिव पर्यटन, प्रमुख सचिव संस्कृति विभाग, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, मंडलायुक्त समिति में सदस्य हैं।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आयोजन के लिए बुकिंग शुरू
अधिकरियों ने बताया कि जनेश्वर मिश्र पार्क की तरह राष्ट्र प्रेरणा स्थल की सामाजिक, धार्मिक और वैवाहिक आयोजन के लिए बुकिंग शुरू कर दी गई है। एक दिन का किराया 2.50 लाख रुपये है। इस पर जीएसटी अतिरिक्त होगा। नौ से 18 मार्च के लिए यह धीरेंद्र शास्त्री की कथा के लिए बुक है।

नैमिषनगर, वरुण विहार का काम पकड़ेगा रफ्तार

मुख्यमंत्री विस्तारीकरण योजना के तहत एलडीए की आवासीय योजनाओं सीतापुर रैथा रोड पर नैमिषनगर और आगरा एक्सप्रेसवे पर वरुण विहार के काम को रफ्तार मिलेगी। प्रदेश सरकार के बजट में इनके लिए 1700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं से दो लाख से अधिक आबादी को आवासीय सुविधा मिलेगी।

2664 हेक्टेयर में प्रस्तावित वरुण विहार योजना के लिए जमीन जुटाने पर करीब 7472 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च है। 1084 हेक्टेयर की नैमिषनगर योजना के लिए जमीन अर्जित करने पर 4785 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। योजनाओं के लिए किसानों से आपसी समझौते पर जमीन ली जा रही है।

नैमिषनगर योजना में 14 तो वरुण विहार में 12 गांवों की जमीन शामिल है। भूमि जुटाने के लिए एलडीए ने एसओपी भी तैयार की गई है। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री विस्तारीकरण योजना के मद में 3500 करोड़ रुपये का बजट रखा प्राविधान किया गया है। यह पैसा मेरठ आगरा, लखनऊ और बुलंदशहर के लिए है। एलडीए के अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 50 प्रतिशत बजट एलडीए के हिस्से आएगा।

सड़कें, पार्क बनाने के लिए 200 करोड़
- लखनऊ सहित अन्य विकास प्राधिकरणों के लिए 800 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
- इसमें सड़कें, पार्क व अन्य निर्माण कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट लखनऊ के हिस्से में आने का अनुमान है।
- एक अधिकारी ने बताया कि हर वर्ष करीब इतना ही बजट आता है।

एआई से जुड़ेंगे 1609 परिषदीय विद्यालय

राजधानी के परिषदीय विद्यालयों को अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जोड़ा जाएगा। स्मार्ट कक्षाओं में विद्यार्थियों को परंपरागत के साथ आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा मिलेगी। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ के 1609 परिषदीय स्कूलों में एक कक्षा को स्मार्ट क्लास के रूप में विकसित किया जा रहा है। राजधानी के मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय की व्यवस्था भी बेहतर होगी। लखनऊ के आठ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं के लिए आवासीय योजना और शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए भी बजट की व्यवस्था की गई है।

55 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में बनेगा ड्रीम स्किल कैब क्लस्टर
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राजधानी के 55 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में ड्रीम स्किल कैब क्लस्टर की स्थापना होगी। यहां छात्रों को परंपरागत के साथ व्यवसायिक और कौशल आधारित शिक्षा मिलेगी। जिला माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छात्रों को व्यावसायिक, औद्योगिक और रोजगार परक तकनीक से जुड़ने और सीखने का मौका मिलेगा।

एआई डाटा लैब की मिलेगी सौगात
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थी आईटी क्षेत्र से जुड़ने के साथ रोजगार के लिए परिपक्व होंगे। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास एवं इंडिया एआई मिशन के तहत राजधानी में एआई डाटा लैब की स्थापना की जाएगी। कौशल विकास विभाग के अनुसार, अलीगंज राजकीय आईटीआई, मोहनलालगंज व सरोजनीनगर की आईटीआई को उच्चीकृत किया जा रहा है। राजधानी में एआई डाटा लैब बनने से आईटीआई के साथ अन्य क्षेत्र में पढ़ाई करने वालों को बेहतर रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा।

एआई सिटी के पास तैयार होगा डाटा सेंटर

राजधानी में देश के पहले एआई सिटी की स्थापना के बाद यूपी सरकार ने डाटा पार्क और डाटा सेंटर विकसित करने पर जोर दिया है। डाटा सेंटर भी लखनऊ में एआई सिटी के पास ही बनेगा।

पिछले बजट में देश की पहली एआई सिटी की स्थापना का एलान किया गया था। मुख्यमंत्री ने नए साल की शुरुआत में जनता के नाम योगी की पाती में इसे बनाने का संकल्प दोहराया था। यूपी इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया गया था। इसके तहत अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, अनुसंधान केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को एकीकृत कर शहर का निर्माण किया जाना है।

पीपीपी मॉडल पर बन रहे एआई सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी रिसर्च, स्टार्टअप और डाटा एनालिटिक्स जैसी यूनिटों पर काम हो रहा है। अब सरकार ने इस बजट में 225 करोड़ रुपये से यूपी एआई मिशन और इंडिया एआई मिशन के तहत 32.82 करोड़ से 49 आईटीआई को एआई लैब व डाटा लैब बनाने की बात कही है। 30 हजार करोड़ से आठ डाटा सेंटर पार्क और दो डाटा सेंटर यूनिट खोली जाएंगी।

भारत स्टार्टअप एंड इनोवेशन सोसाइटी के अध्यक्ष विनायक नाथ का कहना है कि ऐसे सेंटर सभी जिलों में खुलने चाहिए। अभी सिर्फ महंगे कॉलेजों में ही एआई टेक्नोलॉजी की पढ़ाई हो रही है। ऐसे सेंटर बनने से युवाओं को पहले से ही प्रशिक्षित होने का मौका मिलेगा जिससे उन्हें रोजगार मिलना आसान हो सकेगा।

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