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UP News: 'पीएनबी के पूर्व शाखा प्रबंधक ने लॉकर तोड़कर हड़प लिया 48 लाख का सोना..', कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 02 Feb 2026 04:44 PM IST
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सार

पीएनबी के पूर्व शाखा प्रबंधक पर लॉकर तोड़कर 48 लाख का सोना हड़पने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शाखा प्रबंधक व अन्य पर केस दर्ज किया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

case registered against former PNB branch manager for breaking locker stealing gold worth 48 lakh in Lucknow
बैंक - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में ठाकुरगंज के गढ़ी पीर खां निवासी रामप्यारे श्रीवास्तव ने पीएनबी बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक पर उनके चार लॉकर तोड़कर 48 लाख का सोना हड़पने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर ठाकुरगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी रामप्यारे के मुताबिक, पीएनबी शाखा ठाकुरगंज में उनका बैंक अकाउंट है। साथ ही 20 अक्तूबर 1987 से बैंक में उनके चार लॉकर भी हैं। इनमें उनके 48 लाख के जेवर रखे थे। मगर, नौकरी के कारण वह लॉकर की जानकारी नहीं ले सके। 
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21 जून 2024 को वह लॉकर से सारे जेवर निकालने पहुंचे बैंक पहुंचे थे। यहां बैंक प्रबंधक ने राम प्यारे को उनके जेवर गायब होने और लाॅकर किसी और को अलॉट किए जाने की जानकारी दी। यह सुनते ही वह रो पड़े। उन्होंने बैंक को शिकायती पत्र लिखा और घर लौट गए। धीर-धीरे राम प्यारे की हालत और बिगड़ती गई।

55 हजार देकर मामला छिपाने का आरोप

उनका आरोप है कि बैंक प्रबंधक ने कुछ कार्रवाई के बजाए उल्टा जबरन उनके दूसरे बैंक खाते में लॉकर की फीस के एवज में सिर्फ 55 हजार ट्रांसफर कर दिए। जानकारी होने पर पीड़ित ने जब विरोध किया तो प्रबंधक ने धर्म-कर्म करने और अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की बात कही। पीड़ित ने जब विरोध किया तो आरोपी ने उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी।

बैंक ने गायब कर दिए रिकॉर्ड

हताश पीड़ित ने बैंक को नोटिस भिजवा दिया। इसके कुछ दिन बाद बैंक ने जवाब में कहा कि 2007 तक उनके लॉकरों का किराया जमा था। इसलिए लॉकर तोड़कर सारे जेवर उन्हीं की पत्नी को दे दिए गए। जबकि उनकी पत्नी को जेवर मिले ही नहीं। उन्होंने जब बैंक अधिकारियों से अभिलेख मांगे तो पता चला कि सारे रिकॉर्ड गायब हो चुके हैं। 

पीड़ित ने सात जुलाई 2025 को ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी तो कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर ओमबीर चौहान के मुताबिक, पीड़ित को बयान और लॉकर संबंधी दस्तावेज लाने को कहा गया है। वहीं, पुलिस संबंधित बैंक प्रबंधक से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

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