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UP News: डीजीपी राजीव कृष्ण ने पेश किया एक साल का रिपोर्ट कार्ड, बोले- अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस जारी रहेगी

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Mon, 01 Jun 2026 04:08 PM IST
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सार

स्थायी नियुक्ति के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने राजधानी लखनऊ स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता की। उन्होंने अपने कार्यकाल के एक साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। कहा कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस जारी रहेगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

DGP Rajiv Krishna Presents One-Year Report Card States Zero Tolerance Against Criminals Continues
डीजीपी राजीव कृष्ण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सोमवार को अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़ी उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष के दौरान 10 प्रमुख प्राथमिकताओं पर काम किया गया। इसमें महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, पुलिस कल्याण और संगठित अपराध पर कार्रवाई प्रमुख रही।

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डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई की गई है। पिछले सात-आठ वर्षों में अपराध के आंकड़ों में कमी आई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया और दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा व महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति जागरुकता बढ़ाई गई। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 9.5 से 33 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।

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अपराधियों की पहचान और निगरानी की जा रही

साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने कहा कि कोरोना काल के बाद ऑनलाइन अपराध तेजी से बढ़े हैं। इससे निपटने के लिए 62 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। साइबर ठगी से जुड़े मामलों में अब तक 450 करोड़ रुपये की धनराशि रोकवाई गई है, जो देश में सबसे बड़ी कार्रवाई में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों की मदद से अपराधियों की पहचान और निगरानी की जा रही है, जिससे कई फरार अपराधी गिरफ्तार हुए हैं।

पुलिस कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने बताया कि दुर्घटनाओं और ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को 137 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। 51 हजार पुलिसकर्मियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है और 200 क्षमता वाले छात्रावासों के निर्माण की योजना बनाई गई है।

ई-समन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर

डीजीपी ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आरोप पत्र समयबद्ध तरीके से दाखिल कराने, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने और ई-समन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर है। उन्होंने बताया कि अब अदालतों से समन सीधे थानों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। 90 प्रतिशत मामलों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है।

आतंकवाद के बदलते स्वरूप पर चिंता जताते हुए डीजीपी ने कहा कि सीमा पार बैठे तत्व सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों में एटीएस और एसटीएफ ने हाल के दिनों में 12 से 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठित अपराध और उससे जुड़े सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि माफिया नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके और आम नागरिकों, महिलाओं तथा व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हो।
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