फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Do not ignore fatigue and weakness; get tested for anemia.

Lucknow News: थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाज, एनीमिया की कराएं जांच

Sat, 24 Oct 2026 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
Do not ignore fatigue and weakness; get tested for anemia.
अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ
लखनऊ। थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह एनीमिया यानी खून में हीमोग्लोबिन की कमी के लक्षण हो सकते हैं। खासकर किशोरियों और महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समय पर जांच कराने की जरूरत है। यह जानकारी शुक्रवार को नेशनल पीजी कॉलेज में अमर उजाला के ‘अपराजिता’ अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में क्वीनमैरी हॉस्पिटल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पलता शंखवार ने दी।
विज्ञापन

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ‘युवतियों में एनीमिया एवं पीएमओएस की बढ़ती समस्या, कारण एवं निदान’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुष्पलता शंखवार ने छात्राओं को एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से कमजोरी, चक्कर आने और काम करने की क्षमता प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचाव के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है। डॉ. मंजू लता वर्मा ने छात्राओं की एनीमिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने बताया कि भारत में हर पांचवीं किशोरी पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) से पीड़ित है तो वहीं हर दूसरी किशोरी एनीमिया से पीड़ित है। डायटीशियन डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने खून की कमी होने पर छात्राओं को आयरनयुक्त पौष्टिक आहार और दवा लेने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद के साथ ही नियमित व्यायाम भी जरूरी है। इस दौरान डॉ. नम्रता यादव व डॉ. सोनाली भी मौजूद रहीं।
विज्ञापन

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं को सेहत के प्रति सचेत करने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने छात्राओं को खानपान की आदतों में सुधार करने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर लापरवाही न बरतने के लिए प्रेरित किया। संचालन जंतु विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अर्चना सिंह ने किया। रोवर-रेंजर्स अधिकारी एवं शिक्षा शास्त्र विभाग की प्रवक्ता डॉ. रीना श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय की छात्राएं मौजूद रहीं।

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

अपराजिता कार्यक्रम में शामिल हुईं छात्राएं व विशेषज्ञ

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed