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Lucknow News: बेटे के एमबीए में दाखिले के नाम पर डॉक्टर से 27.87 लाख ऐंठे
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लखनऊ। साइबर जालसाजों ने महानगर के न्यू हैदराबाद निवासी डॉक्टर प्रमोद कुमार गुप्ता से उनके बेटे का एमबीए में दाखिले कराने के नाम पर 27.87 लाख रुपये ऐंठ लिए। डॉक्टर की पत्नी रीना गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
रीना ने बताया कि 24 मार्च को वह बेटे सिद्धार्थ के दाखिले के लिए सोशल मीडिया पर कॉलेज देख रही थीं। तभी प्रो ऐज अकादमी गाइडेंस का पेज दिखा। इस पर दिए नंबर पर संपर्क किया तो अनिमेष ठाकरे से बात हुई। उसने नामी यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए जीमैट परीक्षा पास करवाने की बात कही। इसका फॉर्म भरने के लिए 33,500 रुपये ले लिए। दो अप्रैल को रीना के घर पहुंचे युवक ने खुद को अनिमेष का प्रतिनिधि बताकर उनके बेटे की परीक्षा पास करने में मदद की। उसी शाम परिणाम भी आ गया और अनिमेष ने तीन लाख रुपये ले लिए। फिर आगे की प्रक्रिया के लिए आरोपी ने पांच लाख रुपये और वसूले।
23 अप्रैल को रीना के पास कॉल करने वाली युवती ने खुद को अनिमेष की प्रतिनिधि सारिका सिंह बताया और उनके बेटे का दाखिला एक्सएलआरआई (जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट) जमशेदपुर में होने की बात कही। यह भी बताया कि 28 मई को साक्षात्कार है। अनिमेष ने सिद्धार्थ के स्थान पर किसी और को बैठाकर साक्षात्कार करा दिया। फिर कॉलेज में सीट बुक कराने के नाम पर सात लाख वसूल लिए।
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पीड़िता का कहना है कि 22 जून को पांच लाख और लिए गए। आरोपी ने उन्हें बेटे का दाखिला होने का कॉलेज की ओर से फर्जी मेल और लेटर भेज दिया। ठग ने 7.53 लाख रुपये वार्षिक फीस भी वसूल ली और छह जून को बेटे को लेकर कॉलेज पहुंचने के लिए कहा। वहां उन्हें अनिमेष के एक और प्रतिनिधि से मिलना था, पर वह नहीं मिला। इसके बाद ठगों ने मोबाइल भी बंद कर लिया।
200 लोगों से ठगी कर चुका है गिरोह
रीना ने कहा कि जब उन्होंने घर आने वाले युवक से बात की तो उनके होश उड़ गए। उसने बताया कि अनिमेष का वास्तविक नाम यशराज वाजपेयी है। उसका साथी रोशन तिवारी है। वह दोनों के कहने पर दो सौ बच्चों को परीक्षा दिला चुका है। छानबीन में पता चला कि गिरोह करोड़ों की ठगी कर चुका है। पीड़िता ने 28 जुलाई को पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक बैंक खातों की जांच जारी है।
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रीना ने बताया कि 24 मार्च को वह बेटे सिद्धार्थ के दाखिले के लिए सोशल मीडिया पर कॉलेज देख रही थीं। तभी प्रो ऐज अकादमी गाइडेंस का पेज दिखा। इस पर दिए नंबर पर संपर्क किया तो अनिमेष ठाकरे से बात हुई। उसने नामी यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए जीमैट परीक्षा पास करवाने की बात कही। इसका फॉर्म भरने के लिए 33,500 रुपये ले लिए। दो अप्रैल को रीना के घर पहुंचे युवक ने खुद को अनिमेष का प्रतिनिधि बताकर उनके बेटे की परीक्षा पास करने में मदद की। उसी शाम परिणाम भी आ गया और अनिमेष ने तीन लाख रुपये ले लिए। फिर आगे की प्रक्रिया के लिए आरोपी ने पांच लाख रुपये और वसूले।
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23 अप्रैल को रीना के पास कॉल करने वाली युवती ने खुद को अनिमेष की प्रतिनिधि सारिका सिंह बताया और उनके बेटे का दाखिला एक्सएलआरआई (जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट) जमशेदपुर में होने की बात कही। यह भी बताया कि 28 मई को साक्षात्कार है। अनिमेष ने सिद्धार्थ के स्थान पर किसी और को बैठाकर साक्षात्कार करा दिया। फिर कॉलेज में सीट बुक कराने के नाम पर सात लाख वसूल लिए।
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पीड़िता का कहना है कि 22 जून को पांच लाख और लिए गए। आरोपी ने उन्हें बेटे का दाखिला होने का कॉलेज की ओर से फर्जी मेल और लेटर भेज दिया। ठग ने 7.53 लाख रुपये वार्षिक फीस भी वसूल ली और छह जून को बेटे को लेकर कॉलेज पहुंचने के लिए कहा। वहां उन्हें अनिमेष के एक और प्रतिनिधि से मिलना था, पर वह नहीं मिला। इसके बाद ठगों ने मोबाइल भी बंद कर लिया।
200 लोगों से ठगी कर चुका है गिरोह
रीना ने कहा कि जब उन्होंने घर आने वाले युवक से बात की तो उनके होश उड़ गए। उसने बताया कि अनिमेष का वास्तविक नाम यशराज वाजपेयी है। उसका साथी रोशन तिवारी है। वह दोनों के कहने पर दो सौ बच्चों को परीक्षा दिला चुका है। छानबीन में पता चला कि गिरोह करोड़ों की ठगी कर चुका है। पीड़िता ने 28 जुलाई को पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक बैंक खातों की जांच जारी है।