{"_id":"5be938a7bdec22697c0a94e0","slug":"government-increased-budget-for-obc-students","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 40 लाख ओबीसी छात्रों को फायदा पहुंचाने के लिए बढ़ाया बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 40 लाख ओबीसी छात्रों को फायदा पहुंचाने के लिए बढ़ाया बजट
Mon, 12 Nov 2018 01:54 PM IST
Riya Kumari
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Riya Kumari
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:54 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी सरकार ने ओबीसी छात्रों के लिए बजट में 333.68 करोड़ रुपये की वृद्धि की है। इससे करीब 40 लाख विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। वर्ष 2017-18 में दशमोत्तर कक्षाओं के लाभ पाने वाले पात्र विद्यार्थियों की संख्या में करीब 8 लाख की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्येक छात्र को वजीफा देने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2016-17 में सपा शासन में जहां कक्षा-9 व 10 के 5.20 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया गया था, वहीं पिछले वित्त वर्ष में इससे 2.39 लाख ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ दिया गया।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए बजट में भी करीब 53 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। दशमोत्तर कक्षाओं में भी वर्ष 2016-17 और 2017-18 के बीच छात्रवृत्ति के बजट में 23 फीसदी की वृद्धि की गई। इससे 38 फीसदी ज्यादा छात्रों को योजना का लाभ मिला।
विज्ञापन
जानकारों का कहना है कि ऐसा योजना को पूरी तरह से ऑनलाइन करने के कारण संभव हो सका। यही कारण रहा कि वर्ष 2016-17 और 2017-18 में शुल्क भरपाई के मद में कोई वृद्धि किए बिना 14 फीसदी ज्यादा छात्र लाभ पा सके।
सरकार ने हर साल लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के दिए निर्देश
चालू वित्त वर्ष में सरकार ने शुल्क भरपाई के बजट में भी 134 करोड़ रुपये की वृद्धि की है। शासन ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से कहा है कि पहले सभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाए। इसके बाद जो बजट बचे, उससे मेरिट के आधार पर शुल्क की भरपाई की जाए। सरकार ने विभाग को हर साल लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।