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Mayawati: "ऊना कांड के दोषियों को सजा दिलाए गुजरात सरकार", मायावती बोलीं- न्याय न मिलना विचलित करने वाला
Fri, 07 Aug 2026 09:22 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:22 AM IST
सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ऊना कांड के आरोपियों को बरी किए जाने को लेकर बयान दिया है और गुजरात सरकार से पीड़ितों को न्याय दिलाने में मदद करने की अपील की है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुजरात के ऊना कांड के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने की राज्य सरकार से अपील की है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को फ्री कानूनी सहायता दी जाए जिससे कि उन्हें न्याय मिल सके।
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उन्होंने एक्स पर जारी बयान में कहा कि गुजरात राज्य के जिला गिर सोमनाथ के ऊना में सन् 2016 में हुए दलितों पर जघन्य अन्याय-अत्याचार काण्ड के लगभग सभी अभियुक्तों को मार्च में स्थानीय कोर्ट द्वारा बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देकर न्याय पाने के लिये पीड़ित दलित परिवारों को वित्तीय आदि का भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी विचलित करने वाली कड़वी सच्चाई से खासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों में भारी चिन्ता व्याप्त है।
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इसको लेकर मेरी चिंता का विशेष कारण यह भी है कि इस काण्ड के पीड़ितों से मिलने मैं खुद भी वहां गयी थी और वहां सच्चाई का पूरा पता करने के बाद राज्य सरकार से सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी किन्तु देश भर में इसके खिलाफ रोष व आक्रोश आदि होने के बावजूद 40 में से 35 आरोपी के मार्च महीने में बरी हो जाने की खबर कुछ और नहीं बल्कि दलितों के प्रति सरकारी द्वेष, उनके हित व सुरक्षा के प्रति लापरवाही व उदासीनता आदि का ही परिणाम ज्यादा लगता है।
उन्होंने कहा कि वैसे अभी भी मौका है जब गुजरात सरकार अपनी इस गलती में सुधार करते हुये इस मामले की हाईकोर्ट में उचित पैरवी करके सभी दोषियों को सख्त सजा दिलवाये ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और दूसरों को सबक मिल सके। साथ ही, राज्य सरकार पीड़ित परिवार वालों के संतोष के मुताबिक वकील सरकारी खर्च पर उसी तरह मुहैया कराये, जिस प्रकार बसपा की यूपी में मेरी रही सरकार ने गरीबों के लिये फ्री में कानूनी सहायता का कानूनी प्रावधान किया गया था।
1. गुजरात राज्य के ज़िला गिर सोमनाथ के ऊना में सन् 2016 में हुये दलितों पर जघन्य अन्याय-अत्याचार काण्ड के लगभग सभी अभियुक्तों को मार्च में स्थानीय कोर्ट द्वारा बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देकर न्याय पाने के लिये पीड़ित दलित परिवारों को वित्तीय आदि का भारी चुनौतियों…
— Mayawati (@Mayawati) August 7, 2026
बता दें कि ऊना कांड के आरोपियों को बरी कर दिया गया है। 2016 में हुए इस कांड की देशभर में चर्चा हुई थी।