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UP: अधूरे जवाब पर हाईकोर्ट नाराज, एसीएस को किया तलब; जिलों में चिकित्सा सुविधाओं और वेंटिलेटर का मांगा ब्योरा
Sun, 26 Jul 2026 11:48 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:48 AM IST
सार
सरकार की ओर से अधूरे जवाब पर हाईकोर्ट नाराज हुआ। अब एसीएस को तलब करके जिलों में चिकित्सा सुविधाओं और वेंटिलेटर का ब्योरा मांगा है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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लखनऊ हाईकोर्ट।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सभी जिलों में चिकित्सा सुविधाओं और वेंटिलेटर का ब्योरा मांगा है। सरकार की ओर से पेश हलफनामे में कमियां मिलने पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस)/प्रमुख सचिव को 6 अगस्त को तलब किया है।
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न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश वी द पीपल संस्था की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में राजधानी समेत प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल विवि में आवश्यक वेंटिलेटरों का मुद्दा उठाया गया था।
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दरअसल, अदालत ने बीती 22 अप्रैल को सरकार से मेडिकल कॉलेजों और सभी जिलों के अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं जिनमें वेंटिलेटर भी शामिल हैं का विवरण देते हुए हलफनामा मांगा था। अदालत ने पूछा था कि क्या निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के कामकाज के लिए कोई नियामक तंत्र है।
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सरकार को निर्देश दिया था कि वह बताए कि लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्वेद संस्थान और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान की तर्ज पर कितने विशेषीकृत अस्पताल अन्य जिलों में खोले जा चुके हैं या खोले जाने का प्रस्ताव है, ताकि मरीजों को लखनऊ जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
इन सबके जवाब में राज्य सरकार ने बीती 16 जुलाई को जवाबी हलफनामा दाखिल किया था, लेकिन अदालत हलफनामे में दिए तथ्यों में काफी कमी पाई। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष पेश होकर सवालों के जवाब देने के निर्देश दिए। कहा, यदि हम ऐसा नहीं करते हैं, तो अदालत का मानना है कि हमें शायद जवाब बिल्कुल भी न मिलें।