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Lucknow News: जिम्मेदार सो रहे तो कैसे खुले पेट्रोल में मिलावट की पोल
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गाड़ी खींचते लोग।
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लखनऊ। राजधानी में आमजन वाहनों के सड़क पर रुक जाने से परेशान हैं। पेट्रोल-डीजल की गुणवत्ता जांचने वाले जिम्मेदार महकमे के लोग लापरवाह बने हुए हैं। ऐसे में पेट्रोल में एथेनॉल के साथ कुछ और मिलाया जा रहा है या नहीं, इसका खुलासा नहीं हो पा रहा है।
रविवार को आलमबाग के संतोष कुमार की बाइक चलते-चलते बंद हो गई। मिस्त्री ने बताया कि पिस्टन जाम हो गया है और नए पिस्टन लगेंगे। संतोष की तरह ही तजिंदर सिंह सहित कई लोगों को बाइक व स्कूटी के बीच रास्ते में बंद होने से परेशानी हुई।
पीड़ितों का कहना है कि केंद्र सरकार का दावा है कि 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण से वाहन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। ऐसे में लोगों को संदेह है कि मिलावटखोर स्थानीय स्तर पर पेट्रोल में कुछ और मिलाकर वाहनों को खराब कर रहे हैं। सरकार के आदेश के बावजूद जिम्मेदार मिलावट की जांच क्यों नहीं कर रहे हैं, यह सवाल भी उठ रहा है।
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उपभोक्ताओं की राय
Iपेट्रोल से गाड़ियां खराब हो रही हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। ऊपर से 20% एथेनॉल की बात हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हो रही मिलावट पर कोई ध्यान नहीं।I
I- मुमताज अहमद, राजाजीपुरमI
I20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण के बाद 2023 से पहले बने वाहनों का माइलेज कम हो रहा है। इंजन और अन्य कलपुर्जों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, इंजन की आवाज में भी बदलाव महसूस हो रहा है। I
I- सुरेश छबलानी, अमीनाबादI
Iसरकार को पेट्रोल के नमूने लेकर जांच करानी चाहिए। इससे मिलावटखोर बेनकाब होंगे और सरकार की छवि खराब होने से बचेगी। -नीलेश अग्रवाल, नाकाI
पकड़े जा चुके हैं मिलावटी पेट्रोल-डीजल के मामले
अप्रैल 2017 में सीतापुर रोड, गोमतीनगर के 8 पेट्रोल पंप में घटतौली पकड़ी गई थी।
मई 2022 में मोहनलालगंज के मानखेड़ा में एसटीएफ ने मिलावटी पेट्रोल-डीजल पकड़ा था।
मई 2025 में सरोजनीनगर में 20 हजार लीटर मिलावटी पेट्रोल के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अगस्त 2025 में सैरपुर थानाक्षेत्र में मिलावटी पेट्रोल के खेल का खुलासा हुआ था।
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रविवार को आलमबाग के संतोष कुमार की बाइक चलते-चलते बंद हो गई। मिस्त्री ने बताया कि पिस्टन जाम हो गया है और नए पिस्टन लगेंगे। संतोष की तरह ही तजिंदर सिंह सहित कई लोगों को बाइक व स्कूटी के बीच रास्ते में बंद होने से परेशानी हुई।
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पीड़ितों का कहना है कि केंद्र सरकार का दावा है कि 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण से वाहन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। ऐसे में लोगों को संदेह है कि मिलावटखोर स्थानीय स्तर पर पेट्रोल में कुछ और मिलाकर वाहनों को खराब कर रहे हैं। सरकार के आदेश के बावजूद जिम्मेदार मिलावट की जांच क्यों नहीं कर रहे हैं, यह सवाल भी उठ रहा है।
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उपभोक्ताओं की राय
Iपेट्रोल से गाड़ियां खराब हो रही हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। ऊपर से 20% एथेनॉल की बात हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हो रही मिलावट पर कोई ध्यान नहीं।I
I- मुमताज अहमद, राजाजीपुरमI
I20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण के बाद 2023 से पहले बने वाहनों का माइलेज कम हो रहा है। इंजन और अन्य कलपुर्जों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, इंजन की आवाज में भी बदलाव महसूस हो रहा है। I
I- सुरेश छबलानी, अमीनाबादI
Iसरकार को पेट्रोल के नमूने लेकर जांच करानी चाहिए। इससे मिलावटखोर बेनकाब होंगे और सरकार की छवि खराब होने से बचेगी। -नीलेश अग्रवाल, नाकाI
पकड़े जा चुके हैं मिलावटी पेट्रोल-डीजल के मामले
अप्रैल 2017 में सीतापुर रोड, गोमतीनगर के 8 पेट्रोल पंप में घटतौली पकड़ी गई थी।
मई 2022 में मोहनलालगंज के मानखेड़ा में एसटीएफ ने मिलावटी पेट्रोल-डीजल पकड़ा था।
मई 2025 में सरोजनीनगर में 20 हजार लीटर मिलावटी पेट्रोल के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अगस्त 2025 में सैरपुर थानाक्षेत्र में मिलावटी पेट्रोल के खेल का खुलासा हुआ था।

गाड़ी खींचते लोग।

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