कन्नौज जेल से बंदी फरार का मामला: जेल अधीक्षक और निलंबित डिप्टी जेलर समेत छह दोषी, डीआईजी जेल ने की है जांच
कन्नौज जेल से दो बंदियों के फरार होने के मामले में विभागीय जांच पूरी हो गई है। इसमें जेल अधीक्षक और निलंबित डिप्टी जेलर समेत छह लोग दोषी पाए गए हैं। डीआईजी जेल ने मामले की जांच की है। शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जेल से दो बंदियों के फरार होने के मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक, निलंबित किए गए डिप्टी जेलर, जेलर और तीन जेल वार्डर विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं। जांच में इन सभी के खिलाफ लापरवाही के सुबूत मिले। जांच रिपोर्ट शासन भेज दी गई है। अब शासन रिपोर्ट के आधार पर इन अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई करेगा।
पांच जनवरी की सुबह कन्नौज जेल से दो बंदी अंकित और शिवा दीवार फांदकर भाग गए थे। प्रकरण में जेल अधीक्ष भीमसेन मुकुंद हटा दिए गए थे जबकि जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, हेड जेल वार्डर शिवचरणन, जेल वार्डर शिवेंद्र सिंह यादव व अतुल मिश्रा को निलंबित कर दिया गया था।
अधिकारियों व कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी
विभागीय जांच डीआईजी जेल कानपुर रेंज प्रदीप कुमार गुप्ता को दी गई थी। जांच में जेल अधीक्षक समेत ये सभी अफसर व कर्मचारी दोषी पाए गए। कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग ने विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन भेज दी है। जांच रिपोर्ट में जो तथ्य हैं, शासन उस आधार पर दोषी पाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करेगा। जेल अधीक्षक निलंबित भी किए जा सकते हैं।
ड्यूटी से नदारद थे जिम्मेदार
जांच में सामने आया कि हेड जेल वार्डर और दोनों वार्डर उस दौरान ड्यूटी से नदारद थे। जिसका फायदा उठाकर दोनों बंदी आसानी से बैरक से बाहर निकले। कंबल को जोड़कर रस्सी की तरह बनाया और आसनी से उसके सहारे दीवार पर चढ़े और बाहर निकल गए। जबकि कोहरा अधिक होने की वजह से इन बंदियों को काम पर नहीं ले जाना था इसके बावजूद बैरक खुली थी। इसलिए इन सभी को दोषी बनाया गया है।
