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Lucknow News: कृत्रिम अंग कार्यशाला में 10 साल से खाली 38 में से 34 पद
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पुनर्वास और कृत्रिम अंग केंद्र (आरएएलसी) भवन में संचालित कार्यशाला पिछले 10 साल से महज चार नियमित कर्मचारियों के भरोसे चल रही है। यहां 38 में से 34 पद पिछले 10 साल से खाली पड़े हैं। यह खुलासा केजीएमयू से मिली आरटीआई में हुआ है।
यह आरटीआई रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी निवासी सत्यवान मिश्रा की ओर से डाली गई थी। सूचना के अनुसार यहां तृतीय श्रेणी के 15 में से 14 पद खाली हैं। वहीं चतुर्थ श्रेणी के 23 में से 20 पदों पर लंबे समय समय ये नियमित कर्मचारी नहीं हैं। पूरी कार्यशाला आउटसोर्सिंग कर्मियों के भरोसे चल रही है। इस कार्यशाला से रीढ़ की हड्डी के सहारे और मधुमेह रोगियों के लिए बने इनसोल और फ्लैट फुट सपोर्ट जैसे सुधारात्मक जूते सहित 83 प्रकार के कृत्रिम और ऑर्थोटिक उपकरणों का निर्माण हो रहा है।
आउटसोर्सिंग कर्मियों के भरोसे काम, जल्द होगी नियमित नियुक्ति
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक कार्यशाला में आउटसोर्सिंग कर्मियों की तैनाती है। सभी मरीजों को समय से कृत्रिम अंग और उपकरण मिल रहे हैं। जल्द ही यहां नियमित कर्मियों की भी भर्ती की जाएगी।
तृतीय श्रेणी
पद का नाम- पद- खाली
प्रोस्थेटिस्ट सुपरवाइजर- 1- 1
सीनियर प्रोस्थेटिस्ट- 2- 1
वुड वर्कर- 1- 1
प्रोस्थेटिस्ट मास्टर- 3- 3
प्रोस्थेटिस्ट मैकेनिक- 2- 2
लेदर वर्कर- 2- 2
वुडवर्क टेक्नीशियन- 2- 2
ब्लैक स्मिथ- 1- 1
चतुर्थ श्रेणी
पद का नाम- पद- खाली
लेदर वर्क टेक्नीशियन- 1-1
आथोर्टिक मैकेनिक- 3- 3
कारपेंटर- 2- 2
वेल्डर- 1- 1
टर्नर- 1- 0
फिटर- 3- 3
प्लास्टर मैकेनिक- 1- 1
ब्रेसपैडर- 2- 2
कॉब्लर- 5- 4
हेल्पर- 4- 3
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यह आरटीआई रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी निवासी सत्यवान मिश्रा की ओर से डाली गई थी। सूचना के अनुसार यहां तृतीय श्रेणी के 15 में से 14 पद खाली हैं। वहीं चतुर्थ श्रेणी के 23 में से 20 पदों पर लंबे समय समय ये नियमित कर्मचारी नहीं हैं। पूरी कार्यशाला आउटसोर्सिंग कर्मियों के भरोसे चल रही है। इस कार्यशाला से रीढ़ की हड्डी के सहारे और मधुमेह रोगियों के लिए बने इनसोल और फ्लैट फुट सपोर्ट जैसे सुधारात्मक जूते सहित 83 प्रकार के कृत्रिम और ऑर्थोटिक उपकरणों का निर्माण हो रहा है।
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आउटसोर्सिंग कर्मियों के भरोसे काम, जल्द होगी नियमित नियुक्ति
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक कार्यशाला में आउटसोर्सिंग कर्मियों की तैनाती है। सभी मरीजों को समय से कृत्रिम अंग और उपकरण मिल रहे हैं। जल्द ही यहां नियमित कर्मियों की भी भर्ती की जाएगी।
तृतीय श्रेणी
पद का नाम- पद- खाली
प्रोस्थेटिस्ट सुपरवाइजर- 1- 1
सीनियर प्रोस्थेटिस्ट- 2- 1
वुड वर्कर- 1- 1
प्रोस्थेटिस्ट मास्टर- 3- 3
प्रोस्थेटिस्ट मैकेनिक- 2- 2
लेदर वर्कर- 2- 2
वुडवर्क टेक्नीशियन- 2- 2
ब्लैक स्मिथ- 1- 1
चतुर्थ श्रेणी
पद का नाम- पद- खाली
लेदर वर्क टेक्नीशियन- 1-1
आथोर्टिक मैकेनिक- 3- 3
कारपेंटर- 2- 2
वेल्डर- 1- 1
टर्नर- 1- 0
फिटर- 3- 3
प्लास्टर मैकेनिक- 1- 1
ब्रेसपैडर- 2- 2
कॉब्लर- 5- 4
हेल्पर- 4- 3