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यूपी : पूर्व विधायक कालीचरण समेत राजभर समाज के कई नेता भाजपा में शामिल, सुभासपा के महासचिव ने भी ग्रहण की सदस्यता
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 12 Dec 2021 10:02 PM IST
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सार
रविवार को बड़ी संख्या में राजभर समाज के लोग भाजपा में शामिल हो गए। इस मौके पर कानून मंत्री ब्रजेश पाठक और वरिष्ठ भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित भाजपा के कई बड़े पदाधिकारी मौजूद थे।
भाजपा में शामिल हुए राजभर समाज के लोग।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
जहूराबाद (गाजीपुर) के पूर्व विधायक एवं राजभर समाज के नेता कालीचरण राजभर और सुभासपा के प्रदेश महासचिव ज्ञान भारद्वाज सहित राजभर समाज के कई नेता रविवार को भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजेपयी ने कहा कि राजभर समाज पूरी तरह भाजपा के साथ है। सुभासपा और सपा के गठबंधन का कोई असर नहीं होगा।
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भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक और अनिल राजभर की मौजूदगी में भारतीय संघर्ष पार्टी के अध्यक्ष मऊ के मदन राजभर, जिला पंचायत सदस्य मोनू राजभर ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनके अलावा भारतीय सुहेलदेव समाज सेना के अध्यक्ष बब्बू राजभर, आजमगढ़ के प्रकाश राजभर, राजकुमार गुप्ता, अविनाश वर्मा, प्रमोद द्विवेदी और मालनी द्विवेदी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
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ओमप्रकाश के खिलाफ चुनाव लड़ सकते है कालीचरण
भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक कालीचरण राजभर को भाजपा सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ चुनाव लड़ा सकती है। 2017 में कालीचरण ने ओमप्रकाश के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उन्हें 75 हजार वोट मिले थे।
असलम राजभर हो गए ओमप्रकाश
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी के साथ बहराइच में सालार मसूद की गाजी की मजार पर गए थे। इसलिए अब उनका नाम असलम राजभर हो गया है। ओमप्रकाश राजभर वोट कटवा हैं। 18 साल से वे अपने परिवार के भले के लिए समाज के वोटों का सौदा करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजभर समाज और महाराजा सुहेलदेव को भाजपा ने ही सम्मान दिया है।
भाजपा से नकारे हुए लोग सपा में गए
हरिशंकर तिवारी के परिवार से जुड़े लोगों के सपा में शामिल होने पर भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि जो लोग सपा में शामिल हो रहे हैं, वे सात दिन पहले भाजपा के दरवाजे पर खड़े थे। भाजपा की ओर से नकारे जाने के बाद ही वे लोग सपा में शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि उनके सपा में जाने से कोई नुकसान नहीं होगा।
इस मौके पर योगी सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश को अपना नाम बदलकर असलम राजभर कर लेना चाहिए। राजभर समाज भाजपा के साथ है और 2022 में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाने के लिए कटिबद्घ है। इस मौके पर कानून मंत्री ब्रजेश पाठक और वरिष्ठ भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित भाजपा के कई बड़े पदाधिकारी मौजूद थे।
इस मौके पर कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बीएसपी से दो बार विधायक रहे कालीचरण राजभर ने भाजपा का दामन थामा है। राजभर दो बार बीएसपी के विधायक रहे हैं और वर्तमान में सपा के नेता हैं। इन्होंने पिछला चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें करीब 75 हजार वोट मिले थे। पाठक ने कहा कि भाजपा एक ऐसा परिवार है जहां कोई भी अपनी मेहनत से अपना मुकाम बना सकता है लेकिन दूसरी पार्टियों में ऐसा नहीं है। वहां पार्टी का मुखिया ही परिवार का सदस्य बन सकता है।