Lucknow: केजीएमयू के इंटर्न पर लगा यौन शोषण और धमकाने का आरोप, छात्रा बोली-मुझे शादी का झांसा दिया
लखनऊ में केजीएमयू के इंटर्न डॉक्टर पर नर्सिंग छात्रा ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धमकाने का आरोप लगाया है। कैसरबाग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि केजीएमयू प्रशासन ने अनभिज्ञता जताई है।
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लखनऊ में नर्सिंग की तैयारी कर रही छात्रा ने केजीएमयू से इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस डॉक्टर मो. आदिल के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए कैसरबाग थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। छात्रा ने आरोपी पर उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। अलीगंज स्थित पीजी में रहने वाली छात्रा की कुछ समय पहले कैसरबाग आगा साहब की कोठी स्थित फ्लैट निवासी मो. आदिल से मुलाकात हुई थी।
आरोप है कि आदिल ने उनसे दोस्ती की और प्यार के जाल में फंसाया। इसके बाद आरोपी ने शादी का झांसा देकर उन्हें अपने फ्लैट पर बुलाया और वहां यौन शोषण किया। कुछ दिन पहले छात्रा ने आरोपी से शादी की बात कही तो वह टालमटोल करने लगा। छात्रा के दबाव बनाने पर आरोपी शादी से मुकर गया और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए उनकी अश्लील तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी डॉक्टर केजीएमयू में इंटर्नशिप कर रहा है। जांच में पता चला है कि आरोपी मूल रूप से बरेली का रहने वाला है। उसके पूरे पते की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया जाएगा और उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का कहना है कि इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
बनाएगा केजीएमयू एंटी लव जेहाद संघर्ष समिति
नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के महानगर इकाई के संयोजक डॉ. शिवम कृष्णन ने केजीएमयू एंटी लव जेहाद संघर्ष समिति बनाने की घोषणा की है। इसमें महिला अधिवक्ता और महिला चिकित्सक शामिल रहेंगी।
संयोजक के मुताबिक, केजीएमयू प्रशासन ने अभी तक आरोपी रेजिडेंट की मदद करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। वह पुलिस प्रशासन की पकड़ से भी दूर है। जाहिर है कि उसे शह दी जा रही है। इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट है। इसलिए इस मामले में एसटीएफ और एटीएस जांच की जरूरत है।
मुख्यमंत्री से मिली केजीएमयू की पीड़िता
धर्मांतरण के प्रयास मामले की पीड़िता ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। पीड़िता और उसके पिता ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को इस मामले में और तेजी लाने का निर्देश दिया।
केजीएमयू में पैथोलॉजी विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर ने साथी रेजिडेंट डॉक्टर पर धर्मांतरण का प्रयास करने और यौन शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है, लेकिन अभी भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने इस मामले में तीन टीम बनाकर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद बुधवार को पीड़िता मुख्यमंत्री से मिली।केजीएमयू के कुलपति के पक्ष में उतरा शिक्षक संघ
धर्मांतरण के प्रयास मामले में हो रहे धरना-प्रदर्शन और पुतला फूंके जाने के बाद केजीएमयू शिक्षक संघ कुलपति के पक्ष में उतर आया है। केजीएमयू में बुधवार को शिक्षक संघ की आपात बैठक हुई, जिसमें धरना-प्रदर्शन और कुलपति का पुतला फूंकने को राजनीति से प्रेरित और छवि धूमिल करने वाला बताया गया।
केजीएमयू शिक्षक संघ के महासचिव प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि पैथोलॉजी विभाग में घटी घटना के बाद केजीएमयू प्रशासन ने तुरंत विशाखा समिति से जांच कराकर रिपोर्ट महिला आयोग और शासन को भेज दी थी। मुख्यमंत्री ने खुद ही पीड़िता से बात की है। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी को निलंबित कर उसके परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। जाहिर है कि केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले में तुरंत प्रभावी कदम उठाए।इसके बाद एनएमओ आदि संगठनों की ओर से समिति पर सवाल उठाए जाने पर उसमें बदलाव भी किया गया। अब समिति में महिला के साथ ही एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं। जांच में साक्ष्य मंगाने के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की गई है। एनएमओ की ओर से इस मामले में कोई सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई है। वहीं, एक संगठन ने मंगलवार को लुलु मॉल के बाहर कुलपति का पुतला फूंका। इसकी अनुमति भी नहीं ली गई। यह कृत्य गैरकानूनी, अनुचित और निंदनीय है।
