Lucknow: पारंपरिक वेशभूषा में बनाया दौड़ का विश्व रिकॉर्ड, शहर के अल्ट्रा रनर दंपती का नया कीर्तिमान गिनीज बुक
लखनऊ के अल्ट्रा रनर दंपती आशा और बजरंग ने 10 वर्षों के कॅरिअर में करीब 300 मैराथन दौड़ में भाग लिया है। बजरंग ने 15 बार अल्ट्रा मैराथन में भाग लिया, जबकि आशा 30 अल्ट्रा मैराथन में भाग ले चुकी हैं।
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रिटायरमेंट के बाद लोग जहां आरामदायक जिदंगी जीना पसंद करते हैं, वहीं दूसरी ओर आशा (59 वर्ष) और बजरंग सिंह (66 वर्ष) की करिश्माई जोड़ी नित नए कीर्तिमान गढ़ती जा रही हैं। इस कड़ी में शहर के अल्ट्रा रनर (50 किमी से अधिक की दौड़ लगाने वाले एथलीट) दंपती ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उन्होंने यह उपलब्धि पारपंरिक वेशभूषा (भारतीय) में मैराथन पूरी करने पर हासिल हुई।
इस जोड़ी ने बोधगया (बिहार) में बीती एक फरवरी को हुई मैराथन में हिस्सा लिया। यहां आशा ने ओपन आयुवर्ग में चार घंटे, 49 मिनट और 14 सेकंड में यह दौड़ पूरी करके स्वर्ण पदक जीता, जबकि बजरंग ने 55 से अधिक आयुवर्ग में चार घंटे 25 मिनट और 44 सेकंड के साथ स्वर्ण पर कब्जा जमाया। मैराथन के दौरान आशा ने पटियाला कुर्ता पायजामा और चप्पल और बजरंग सिंह ने कुर्ता पायजामा और जूते पहनकर यह दौड़ पूरी की। बोधगया से लखनऊ लौटकर दोनों ने अपनी रिपोर्ट और वीडियो लंदन स्थित गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के ऑफिस में भेजे। दस दिन के बाद दोनों के आवेदन पर स्वीकृति मिली।
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दौड़ने का शौक कब कॅरिअर में बदला, पता ही नहीं चला
आर्मी से रिटायर कर्नल बजरंग सिंह कहते हैं कि दोनों बेटे अपने बच्चों के साथ विदेश में रहते हैं और बेटी दिल्ली में डेंटिस्ट हैं। आर्मी से रिटायर होने के बाद समय व्यतीत करने के लिए मैंने दस साल पहले पत्नी आशा के साथ शौकिया तौर वृंदावन क्षेत्र में दौड़ना शुरू किया। इस फैसले में आशा ने मेरा पूरा साथ दिया।
उन्होंने एक मंझे हुए एथलीट की तरह ट्रेनिंग शुरू की और कुछ ही समय में मैराथन में भाग लेना शुरू कर दिया। आज हम दोनों में प्रदर्शन में तुलना की जाए तो आशा की उपलब्धियां कहीं ज्यादा हैं, जिसका श्रेय उनकी कड़ी मेहनत को जाता है। बोधगया में आयोजित मैराथन में अपने से कहीं छोटी महिला खिलाड़ियों को पारंपरिक वेषभूषा पहनकर पछाड़ना हर किसी के बस की बात नहीं है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में हमारा नाम दर्ज होना बड़ी उपलब्धि हैं। इस अवॉर्ड से हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
छह वर्ल्ड मैराथन में भाग ले चुका है यह दंपती
बजरंग और आशा ने बीते चार वर्षों में छह वर्ल्ड मैराथन में भाग लेकर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इसमें ऐतिहासिक बोस्टन मैराथन (वर्ष 2023) के अलावा लंदन मैराथन (2022), न्यूयॉर्क मैराथन (2022), शिकागो मैराथन (2022), बर्लिन मैराथन (2023) और सिडनी मैराथन (2024) शामिल हैं। यहां भी आशा का पलड़ा थोड़ा भारी हैं। बजरंग ने इनमें सिडनी मैराथन में भारत के लिए भाग लिया था, जबकि अन्य में बतौर एथलीट भाग लिया। आशा ने लंदन शिकागो और सिडनी मैराथन में भारत के लिए भाग लिया था।
इसके अलावा वे एक मार्च को होने वाले टोक्यो मैराथन में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। दोनों ने दस वर्ष के कॅरिअर में करीब 300 मैराथन दौड़ में भाग लिया है। बजरंग ने 15 बार अल्ट्रा मैराथन में भाग लिया, जबकि आशा 30 अल्ट्रा मैराथन में भाग ले चुकी हैं। इसके अलावा आशा ने 24 ऑवर रन में 181 किमी (बंगलुरू- वर्ष 2022), 178 किमी (दिल्ली वर्ष 2021) और 122 किमी (लद्दाख वर्ष 2025) में भाग लिया है।
