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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: Construction along the Gomti banks halted; NGT's interim order to impact projects.

NGT का अंतरिम आदेश : गोमती किनारे निर्माण पर रोक, करीब 2500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर पड़ेगा असर

Tue, 14 Jul 2026 09:45 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Tue, 14 Jul 2026 09:45 AM IST
सार

गोमती नदी के किनारे चल रहीं निर्माण परियोजनाएं जांच के घेरे में हैं। एलडीए समेत सभी एजेंसियों को तलब किया गया है। मानकों के अनुसार नदी के किनारे से 400 मीटर तक कोई भी निर्माण नहीं होना चाहिए।

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Lucknow: Construction along the Gomti banks halted; NGT's interim order to impact projects.
गोमती के दोनों किनारों पर नियम के खिलाफ चल रहा काम। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गोमती के दोनों किनारों पर चल रहे कंक्रीटीकरण और निर्माण कार्यों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। उसने गंगा संरक्षण नियमों का हवाला देते हुए गोमती के किनारों, नदी तल और सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में नियमों के विपरीत किसी भी निर्माण पर रोक लगा दी है। इससे करीब 2500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर असर पड़ेगा।

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पर्यावरण कार्यकर्ता एडवोकेट आलोक सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने नौ जुलाई को यह अंतरिम आदेश पारित किया। इसके साथ ही एलडीए समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
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याचिका में गोमती के किनारे और सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में तटबंध, चार लेन सड़क, बहुमंजिला इमारतों समेत विभिन्न निर्माण कार्यों को चुनौती दी गई है। आलोक सिंह ने बताया कि पिपराघाट पुल से शहीद पथ तक गोमती के एक किनारे पर तटबंध बनाया जा रहा है, जबकि शहीद पथ से किसान पथ तक नदी के दोनों किनारों पर तटबंध का काम चल रहा है। 

पर्यावरणीय मानकों के अनुसार नदी के किनारे से 400 मीटर तक ऐसे निर्माण नहीं होने चाहिए। कई स्थानों पर नदी के किनारे से महज छह से 20 मीटर की दूरी पर तटबंध बनाया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि एलडीए, सिंचाई व जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कराए जा रहे हैं। इससे पहले से प्रदूषण की मार झेल रही गोमती को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। अधिकरण ने प्रथमदृष्टया मामले को गंभीर माना है।

गोमती पर भी लागू हैं गंगा संरक्षण के नियम
गंगा नदी (संरक्षण, सुरक्षा एवं प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के अनुसार गंगा सिर्फ मुख्य धारा का नाम नहीं है। इसमें उत्तराखंड की प्रमुख नदियों से लेकर प्रयागराज, गंगासागर तक की पूरी गंगा धारा और उसकी सभी सहायक नदियां शामिल हैं। गोमती भी गंगा नदी तंत्र का हिस्सा है। इस कारण गोमती के संरक्षण और उसके बाढ़ क्षेत्र में होने वाले निर्माण पर भी इसी आदेश के प्रावधान लागू होते हैं। इन क्षेत्रों में स्थायी या अस्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है।

हर परियोजना की होगी कानूनी पड़ताल

Lucknow: Construction along the Gomti banks halted; NGT's interim order to impact projects.
आलोक सिंह। - फोटो : amar ujala

एनजीटी के आदेश के बाद गोमती किनारे चल रहीं निर्माण परियोजनाएं कानूनी जांच के दायरे में आ गई हैं। संबंधित एजेंसियों को साबित करना होगा कि निर्माण के लिए वैधानिक मंजूरियां ली गई हैं और कार्य वर्ष 2016 के नियमों के अनुरूप है। पुल, सड़क और तटबंध जैसी परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की पूर्व स्वीकृति का मुद्दा भी जांच का हिस्सा रहेगा। अब नदी के किनारे चल रहे निर्माण कार्यों की वैधता की जांच एनजीटी की निगरानी में होगी।

इन योजनाओं पर होगा असर
- ग्रीन कॉरिडोर योजना के फेज-3 के तहत पिपराघाट से शहीद पथ तक करीब छह किमी लंबे हिस्से में गोमती के किनारे तटबंध चौड़ा करने, मिट्टी की भराई और चार लेन सड़क का हो रहा है निर्माण।
- फेज-4 के तहत शहीद पथ से किसान पथ तक करीब 6.3 किमी हिस्से में नदी किनारे तटबंध और चार लेन सड़क बनाई जा रही है।
- गोमतीनगर एक्सटेंशन स्थित पुलिस हेडक्वार्टर के सामने गोमती नदी फेसिंग की जमीनें बिल्डरों को दे दी गई हैं। यहां बन रही बहुमंजिला इमारत पर भी आदेश का असर पड़ेगा।

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