Lucknow : किस पेट्रोल में कितना एथेनॉल, नहीं मिल रही जानकारी, प्रीमियम पेट्रोल भराने वालों का भी माइलेज घटा
लगातार खराब हो रही गाड़ियों और माइलेज घटने से वाहन मालिक परेशान हैं। ऑयल कंपनियों ने अब तक पेट्रोल पंपों पर सूचना दर्ज नहीं कराई है।
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राजधानी लखनऊ में वाहन मालिक पेट्रोल में एथेनॉल की सहभागिता को लेकर असमंजस में हैं। आए दिन उनके वाहन बीच रोड पर खड़े हो रहे हैं। करीब 110 रुपये प्रति लीटर प्रीमियम पेट्रोल भराने वाले भी घटते माइलेज से तनाव में हैं।
वाहन मालिकों का कहना है कि यह बताया ही नहीं जाता कि किस पेट्रोल में कितने फीसदी एथेनॉल है। व्यापारी नेता मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि लोग पेट्रोल के कारण वाहनों के सड़क पर बंद होने से परेशान हैं, मगर जिला प्रशासन और ऑयल कंपनियां मदद के लिए आगे नहीं आई हैं। उन्होंने सभी पेट्रोल पंप पर एथेनॉल के मिश्रण की सूचना अंकित कराने की मांग की।
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साथ ही कहा कि ऑयल कंपनियों को जागरूकता अभियान चलाकर ग्राहकों को जानकारी देनी चाहिए कि कितने पुराने वाहन में कौन से पेट्रोल का इस्तेमाल करने से बेहतर माइलेज मिलेगा।
मिलावट और जांच का डर : व्यापार मंडल के एक बड़े नेता ने कहा कि पेट्रोल में मिलावट की गड़बड़ी जगजाहिर है। पेट्रोल पंप के ज्यादातर मालिक नेता लोग हैं, ऐसे में नेताओं के पंप के पेट्रोल से नमूने भरने का साहस कौन करे।
पीड़ितों की आपबीती
केस- 1: इंदिरानगर के एचआईजी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि एक माह से कार का शौक महंगा पड़ रहा है। पहले 1000 रुपये के साधारण पेट्रोल से कार 100 किमी चलती थी, जो अब 70 किमी ही चलती है। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज घटा है।
केस- 2: लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने कहा कि 15 दिन में स्कूटी ने परेशान कर दिया। कंपनी में दिखाने पर पता चला कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण खराबी आ गई है। कंपनी ने प्रीमियम पेट्रोल के इस्तेमाल की सलाह दी, लेकिन इससे भी माइलेज कम हो गया।
100 ऑक्टेन तो छोड़िए, 95 ऑक्टेन पेट्रोल भी नहीं
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों के एवरेज और इंजन पर असर पड़ने की खबरों के बाद ग्राहकों का रुझान 100 फीसदी खालिस पेट्रोल की ओर बढ़ा है। 91 ऑक्टेन नंबर वाले 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बजाय, ग्राहक अब 95 ऑक्टेन से लेकर 100 ऑक्टेन नंबर वाले उच्च गुणवत्ता के पेट्रोल की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मांग ज्यादा होने के कारण ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर इनका स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
सोमवार को राजधानी के कुछ पेट्रोल पंपों पर इसकी पड़ताल की गई तो 95 ऑक्टेन से 100 ऑक्टेन नंबर वाला उच्च गुणवत्ता का पेट्रोल नहीं मिला। हजरतगंज स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम, अलीगंज के भारत पेट्रोलियम और महानगर व अशोक मार्ग स्थित इंडियन ऑयल के पंपों पर यह पेट्रोल उपलब्ध नहीं था।
ग्राहकों की मांग पर कर्मचारी उन्हें सादे पेट्रोल के साथ 10 रुपये के ऐडऑन सैशे को टंकी में डालने की सलाह देते दिखे, जिससे पेट्रोल में लुब्रिकेंट बढ़ने पर इंजन पर कोई फर्क न पड़े। पंप कर्मचारियों ने बताया कि उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोल की मांग बढ़ने से स्टॉक खत्म हो गया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ई-20 पेट्रोल की बिक्री पर जोर दे रही है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोल की बिक्री पर रोक लगाई जा रही है।
कंपनियों ने दिए हैं अलग-अलग नाम
लखनऊ पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव आलोक त्रिवेदी के अनुसार, सभी पेट्रोल में लगभग 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है। कंपनियां विशेष केमिकल या एडहेसिव के जरिये पेट्रोल के ऑक्टेन नंबर को मेंटेन करती हैं। भारत पेट्रोलियम का स्पीड 97, हिंदुस्तान पेट्रोलियम का पावर 95 और इंडियन ऑयल का एक्सपी 95 पेट्रोल 95 ऑक्टेन नंबर के हैं। इंडियन ऑयल के एक्सपी 100 (100 ऑक्टेन) पेट्रोल में सिर्फ 0.02 प्रतिशत एथेनॉल होता है।
100 फीसदी खालिस पेट्रोल खत्म
लखनऊ में 293 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से कुछ चुनिंदा पंप ही 100 ऑक्टेन नंबर वाले पेट्रोल की बिक्री के लिए अधिकृत हैं। यह पेट्रोल मुख्य रूप से प्रीमियम रेंज की गाड़ियों में इस्तेमाल होता है, जिसकी कीमत 163-164 रुपये के बीच है।