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लखनऊ में 5 हजार से अधिक म्यूल खाते: लालच में साइबर अपराधियों से सांठगांठ कर रहे युवा, 150 करोड़ का हुआ खेल
Tue, 14 Jul 2026 08:36 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 14 Jul 2026 08:36 AM IST
सार
साइबर क्राइम सेल को मामले में तीन हजार शिकायतें मिली हैं। बैंक पुलिस को डाटा देंगे। आंकड़ों के मुताबिक इन खातों में अब तक करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मंगाई जा चुकी है।
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- फोटो : FREEPIK
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विस्तार
राजधानी लखनऊ में पांच हजार से अधिक म्यूल खाते मिले हैं। साइबर क्राइम सेल को ही अब तक करीब तीन हजार शिकायतें मिली हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर पुलिस मुख्यालय को भेजी गई है। छानबीन में सामने आया है कि साइबर जालसाजों ने अब तक 150 करोड़ रुपये से अधिक की रकम इन खातों में मंगवाई है।
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रिपोर्ट के मुताबिक पैसों के लालच में युवा ठगों को खाते खोलकर बेच रहे हैं। इसके लिए ठगी की रकम का पांच से 25 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। खाते खुलवाने के बाद ठग युवाओं से उनके बैंक के सारे दस्तावेज ले लेते हैं। रकम आने के बाद कमीशन का हिस्सा छोड़ बाकी रुपये विभिन्न खातों में भेज दिए जाते हैं।
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खास बात यह है कि पुलिस भी असली ठगों को पकड़ नहीं पा रही है। पड़ताल में म्यूल खाता धारक ही धरे जाते हैं। अब बैंक भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी पुलिस से साझा कर रहे हैं। दोनों विभाग समन्वय बनाकर ऐसे खातों को चिह्नित कर कार्रवाई कर रहे हैं।
म्यूल खाते के बारे में जानें: म्यूल खाते का मतलब उन खातों से है, जो साइबर ठग दूसरों के नाम पर खुलवाकर इस्तेमाल करते हैं। ठग अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वे आम लोगों को पैसे, जॉब, लोन का लालच देकर उनका बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड ले लेते हैं। म्यूल खाते में ठगी का पैसा आते ही तुरंत निकाल लिया जाता है।
बुजुर्गों को झांसे में लेकर खुलवा रहे खाते: मदद का झांसा देकर बुजुर्गों को भी निशाना बनाया जा रहा है। बुजुर्गों को खाते खुलवाने के नाम पर युवक बैंक लेकर जाते हैं। इसके बाद खाते खुलवाकर सारे दस्तावेज अपने पास रख लेते हैं और फिर उन्हें ठगों को दे देते हैं। जब तक बुजुर्गों को इसका पता चलता है, तब तक खातों में ठगी के लाखों रुपये का लेन-देन हो जाता है।
सोशल मीडिया से संपर्क: ठग अब सोशल मीडिया से भी संपर्क कर रहे हैं। फेसबुक, इंस्टा व टेलीग्राम पर पोस्ट डाली जा रही है, जिसमें 'बैंक अकाउंट रेंट पर चाहिए' लिखा रहता है। ग्रामीण इलाके के युवा झांसे में आकर दो से तीन हजार रुपये में ही अपना खाता बेच देते हैं। बाद में खुलासा होने पर उन्हें जेल की हवा खानी पड़ती है।