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Lucknow News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर आज से फर्राटा भरेंगे वाहन, रक्षा मंत्री और सड़क एवं परिवहन मंत्री देंगे सौगात, जानें एक्सप्रेसवे की खासियत
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे।
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लखनऊ। राजधानी से कानपुर जाने वाले यात्रियों के लिए सोमवार से यात्रा और सुविधाजनक हो जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 3,600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। एक्सप्रेसवे पर चार बड़े और 25 छोटे पुल बनाए गए हैं। इसमें चार फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों के लिए 11 अंडरपास और हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास शामिल हैं। इस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। इससे लखनऊ से कानपुर का सफर 30 से 35 मिनट में पूरा होगा। यात्रियों के समय में 60 फीसदी तक की बचत होगी।
एक्सप्रेसवे की संरचना और पहुंच
सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर के लोगों को भी इस एक्सप्रेसवे का लाभ मिलेगा। इन जिलों से लखनऊ आने वाले यात्री उन्नाव, कानपुर जाने के लिए आउटर रिंग रोड के जरिये बनी पहुंचेंगे। वहां से सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़कर जाम से बच सकेंगे। शहीदपथ से कानपुर रोड आने वाले लोग एलिवेटेड रोड से बनी पहुंचेंगे। वहां से भी सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ा जा सकेगा।
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15 मिनट में मिलेगी घायलों को मदद
एक्सप्रेसवे पर हादसों की स्थिति में 15 मिनट के भीतर मदद पहुंच जाएगी। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान के लिए एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लगाए गए हैं, जो तत्काल चालान की कार्रवाई के लिए विवरण भेजेंगे। एक्सप्रेसवे का हर इंच सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। इसके लिए 63 पीटीजेड सीसीटीवी और 16 वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम लगाए गए हैं। ये सिस्टम हादसा होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे, जिससे रेस्क्यू टीम भेजी जा सकेगी। एक कंट्रोल सेंटर से पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखी जाएगी।
दो चरणों में बना है एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे को स्कूटर इंडिया से बनी और बनी से शुक्लागंज के बीच दो चरणों में बनाया गया है। यह उन्नाव के शुक्लागंज में उतरेगा, जहां से गंगापुल पार कर जाजमऊ जाना होगा। वर्ष 2028 तक कानपुर रिंग रोड तैयार हो जाएगी। इसके बाद लखनऊ आउटर रिंग रोड से एक्सप्रेसवे होते हुए कानपुर रिंग रोड तक यात्री पहुंच सकेंगे।
इतना लगेगा टोल (रुपये में)
वाहन - सिंगल जर्नी - 24 घंटे में वापसी - मासिक
कार, जीप, वैन - 275 - 415 - 9220
हल्के कॉमर्शियल वाहन - 445 - 670 - 14890
बस व ट्रक - 935 - 1405 - 31200
थ्री एक्सल कॉमर्शियल वाहन - 1020 - 1530 - 34040
(नोट : नियमित यात्रियों के लिए 3,075 रुपये का वार्षिक पास बनेगा। इसमें एक साल में 200 ट्रिप शामिल होंगे। लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का टोल सिर्फ 95 रुपये है।)
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घंटेभर में एक्सप्रेसवे पार करेंगी नॉनस्टॉप बसें
एक्सप्रेसवे पर रोडवेज की नॉनस्टॉप बसें चलाई जाएंगी। ये करीब एक घंटे में सफर पूरा करेंगी। अफसरों को रूट का सर्वे कर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस रूट पर ई बसों को भी चलाया जाएगा।
रोडवेज प्रशासन से लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड रोड पर सर्वे रिपोर्ट मांगी है। टीआई सुशील कुमार ने बताया कि उद्घाटन के बाद सर्वे कर रिपोर्ट दी जाएगी। इसमें दूरी के हिसाब से टोल सहित किराया तय किया जाएगा। 20 जुलाई से बसों की सुविधा मिलने की उम्मीद है। नॉनस्टॉप बसें चलने से लखनऊ से कानपुर पहुंचना और आसान हो जाएगा। अभी सड़क मार्ग से कानपुर पहुंचने में दो घंटे लगते हैं। नए एलिवेटेड रूट पर नॉनस्टॉप बसें बिना किसी बाधा के 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। साधारण, एसी और ई बसों का किराया अलग-अलग होगा।
छह डबलडेकर बसें भी चलेंगी
एक्सप्रेसवे पर रोडवेज की 50 साधारण, 20 इलेक्ट्रिक और छह ई डबलडेकर बसें चलाने की तैयारी है। क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर सर्वे करवाकर रिपोर्ट दी जाएगी। बसों की समयसारिणी व किराया जल्द ही तय कर तीन श्रेणियों की बसों को चलाया जाएगा।
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63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 3,600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। एक्सप्रेसवे पर चार बड़े और 25 छोटे पुल बनाए गए हैं। इसमें चार फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों के लिए 11 अंडरपास और हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास शामिल हैं। इस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। इससे लखनऊ से कानपुर का सफर 30 से 35 मिनट में पूरा होगा। यात्रियों के समय में 60 फीसदी तक की बचत होगी।
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एक्सप्रेसवे की संरचना और पहुंच
सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर के लोगों को भी इस एक्सप्रेसवे का लाभ मिलेगा। इन जिलों से लखनऊ आने वाले यात्री उन्नाव, कानपुर जाने के लिए आउटर रिंग रोड के जरिये बनी पहुंचेंगे। वहां से सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़कर जाम से बच सकेंगे। शहीदपथ से कानपुर रोड आने वाले लोग एलिवेटेड रोड से बनी पहुंचेंगे। वहां से भी सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ा जा सकेगा।
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15 मिनट में मिलेगी घायलों को मदद
एक्सप्रेसवे पर हादसों की स्थिति में 15 मिनट के भीतर मदद पहुंच जाएगी। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान के लिए एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लगाए गए हैं, जो तत्काल चालान की कार्रवाई के लिए विवरण भेजेंगे। एक्सप्रेसवे का हर इंच सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। इसके लिए 63 पीटीजेड सीसीटीवी और 16 वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम लगाए गए हैं। ये सिस्टम हादसा होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे, जिससे रेस्क्यू टीम भेजी जा सकेगी। एक कंट्रोल सेंटर से पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखी जाएगी।
दो चरणों में बना है एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे को स्कूटर इंडिया से बनी और बनी से शुक्लागंज के बीच दो चरणों में बनाया गया है। यह उन्नाव के शुक्लागंज में उतरेगा, जहां से गंगापुल पार कर जाजमऊ जाना होगा। वर्ष 2028 तक कानपुर रिंग रोड तैयार हो जाएगी। इसके बाद लखनऊ आउटर रिंग रोड से एक्सप्रेसवे होते हुए कानपुर रिंग रोड तक यात्री पहुंच सकेंगे।
इतना लगेगा टोल (रुपये में)
वाहन - सिंगल जर्नी - 24 घंटे में वापसी - मासिक
कार, जीप, वैन - 275 - 415 - 9220
हल्के कॉमर्शियल वाहन - 445 - 670 - 14890
बस व ट्रक - 935 - 1405 - 31200
थ्री एक्सल कॉमर्शियल वाहन - 1020 - 1530 - 34040
(नोट : नियमित यात्रियों के लिए 3,075 रुपये का वार्षिक पास बनेगा। इसमें एक साल में 200 ट्रिप शामिल होंगे। लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का टोल सिर्फ 95 रुपये है।)
घंटेभर में एक्सप्रेसवे पार करेंगी नॉनस्टॉप बसें
एक्सप्रेसवे पर रोडवेज की नॉनस्टॉप बसें चलाई जाएंगी। ये करीब एक घंटे में सफर पूरा करेंगी। अफसरों को रूट का सर्वे कर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस रूट पर ई बसों को भी चलाया जाएगा।
रोडवेज प्रशासन से लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड रोड पर सर्वे रिपोर्ट मांगी है। टीआई सुशील कुमार ने बताया कि उद्घाटन के बाद सर्वे कर रिपोर्ट दी जाएगी। इसमें दूरी के हिसाब से टोल सहित किराया तय किया जाएगा। 20 जुलाई से बसों की सुविधा मिलने की उम्मीद है। नॉनस्टॉप बसें चलने से लखनऊ से कानपुर पहुंचना और आसान हो जाएगा। अभी सड़क मार्ग से कानपुर पहुंचने में दो घंटे लगते हैं। नए एलिवेटेड रूट पर नॉनस्टॉप बसें बिना किसी बाधा के 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। साधारण, एसी और ई बसों का किराया अलग-अलग होगा।
छह डबलडेकर बसें भी चलेंगी
एक्सप्रेसवे पर रोडवेज की 50 साधारण, 20 इलेक्ट्रिक और छह ई डबलडेकर बसें चलाने की तैयारी है। क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर सर्वे करवाकर रिपोर्ट दी जाएगी। बसों की समयसारिणी व किराया जल्द ही तय कर तीन श्रेणियों की बसों को चलाया जाएगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे।