{"_id":"6a789783dab6c2e0e10fb289","slug":"lucknow-news-lucknow-news-c-13-1-lko1069-1868289-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरकार को दिया एकीकृत रोजगार एवं कौशल मिशन का सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरकार को दिया एकीकृत रोजगार एवं कौशल मिशन का सुझाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरकार को दिया एकीकृत रोजगार एवं कौशल मिशन का सुझाव
अगले 6 माह सभी 75 जिलों में एक साथ हों रोजगार एवं कौशल मेले
केंद्र और राज्य सरकार को भेजा प्रस्ताव
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं के लिए एक एकीकृत रोजगार एवं कौशल मिशन का सुझाव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को पत्र लिखा है। यह मिशन सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग पर आधारित होगा।
डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अगले छह माह तक रोजगार एवं कौशल मेले आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। ये मेले हर महीने एक निश्चित दिन आयोजित होंगे। इन मेलों में सत्यापित कंपनियां वास्तविक रिक्तियों के साथ आएं। वॉक-इन इंटरव्यू और मौके पर चयन की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि उद्योग की जिम्मेदारी केवल तैयार प्रतिभा को नियुक्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उद्योगों को युवाओं को प्रशिक्षित करना, अप्रेंटिसशिप देना और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को युवा प्रशिक्षण और प्रतिभा निर्माण को प्राथमिकता देनी चाहिए। डॉ. सिंह ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक मानवीय बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, हर आवेदक केवल सीवी या स्कोर नहीं, किसी परिवार की उम्मीद है।
---
कौशल विकास और विश्वविद्यालय की भूमिका
डॉ. सिंह ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक को आजीवन कौशल विकास केंद्र बनाने का सुझाव दिया। एआई, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में पाठ्यक्रम शुरू हों। ये पाठ्यक्रम तीन, छह और 12 माह के उद्योग-आधारित होंगे। उद्योग को इन पाठ्यक्रमों के डिजाइन और अद्यतन में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। उनका संदेश है कि उद्योग को केवल प्रतिभा का उपभोग नहीं करना चाहिए, उसे प्रतिभा का निर्माण भी करना चाहिए।
विज्ञापन
---
उद्योग और सरकार के लिए सुझाव
केंद्र और राज्य स्तर पर उद्योगपतियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और कौशल संस्थानों के साथ नियमित रोजगार एवं कौशल गोलमेज बैठकें हों। इनमें अगले तीन से पांच वर्षों की जनशक्ति और कौशल आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। रोजगार मेलों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिलावार रोजगार एवं कौशल मानचित्र बनाया जाए। जिन युवाओं का चयन न हो, उन्हें कौशल निदान, ब्रिज पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण से जोड़कर अगले अवसर के लिए तैयार किया जाए।
विज्ञापन
अगले 6 माह सभी 75 जिलों में एक साथ हों रोजगार एवं कौशल मेले
केंद्र और राज्य सरकार को भेजा प्रस्ताव
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं के लिए एक एकीकृत रोजगार एवं कौशल मिशन का सुझाव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को पत्र लिखा है। यह मिशन सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग पर आधारित होगा।
डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अगले छह माह तक रोजगार एवं कौशल मेले आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। ये मेले हर महीने एक निश्चित दिन आयोजित होंगे। इन मेलों में सत्यापित कंपनियां वास्तविक रिक्तियों के साथ आएं। वॉक-इन इंटरव्यू और मौके पर चयन की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि उद्योग की जिम्मेदारी केवल तैयार प्रतिभा को नियुक्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उद्योगों को युवाओं को प्रशिक्षित करना, अप्रेंटिसशिप देना और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को युवा प्रशिक्षण और प्रतिभा निर्माण को प्राथमिकता देनी चाहिए। डॉ. सिंह ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक मानवीय बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, हर आवेदक केवल सीवी या स्कोर नहीं, किसी परिवार की उम्मीद है।
विज्ञापन
---
कौशल विकास और विश्वविद्यालय की भूमिका
डॉ. सिंह ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक को आजीवन कौशल विकास केंद्र बनाने का सुझाव दिया। एआई, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में पाठ्यक्रम शुरू हों। ये पाठ्यक्रम तीन, छह और 12 माह के उद्योग-आधारित होंगे। उद्योग को इन पाठ्यक्रमों के डिजाइन और अद्यतन में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। उनका संदेश है कि उद्योग को केवल प्रतिभा का उपभोग नहीं करना चाहिए, उसे प्रतिभा का निर्माण भी करना चाहिए।
विज्ञापन
---
उद्योग और सरकार के लिए सुझाव
केंद्र और राज्य स्तर पर उद्योगपतियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और कौशल संस्थानों के साथ नियमित रोजगार एवं कौशल गोलमेज बैठकें हों। इनमें अगले तीन से पांच वर्षों की जनशक्ति और कौशल आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। रोजगार मेलों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिलावार रोजगार एवं कौशल मानचित्र बनाया जाए। जिन युवाओं का चयन न हो, उन्हें कौशल निदान, ब्रिज पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण से जोड़कर अगले अवसर के लिए तैयार किया जाए।