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Lucknow News: दीक्षांत समारोह से पहले शोध पुरस्कार के लिए मांगे गए पात्र अभ्यर्थियों के नाम
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- 15 जुलाई तक संकायों से सूची उपलब्ध कराने के निर्देश, 31 जुलाई को प्रस्तावित है लविवि का दीक्षांत समारोह
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्ष 2026 के बनर्जी रिसर्च प्राइज के लिए पात्र शोधार्थियों की सूची मांगी है। परीक्षा नियंत्रक की ओर से कुलसचिव को भेजे गए पत्र में सभी संकायों से 15 जुलाई तक पात्र अभ्यर्थियों के नाम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते पुरस्कार चयन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पत्र के अनुसार, विश्वविद्यालय के अध्यादेश के तहत यह शोध पुरस्कार प्रत्येक वर्ष दीक्षांत समारोह में पीएचडी, डीलिट और एलएलडी की उपाधि प्राप्त करने वाले पात्र अभ्यर्थियों में से दिया जाता है। शोध प्रबंध का मूल्यांकन कुलपति द्वारा नामित परीक्षक मंडल करेगा और उसी की संस्तुति पर अकादमिक परिषद पुरस्कार के लिए अंतिम निर्णय लेगी।
नियमों के मुताबिक शोधार्थी को अपने शोध प्रबंध में यह स्पष्ट करना होगा कि शोध स्वतंत्र रूप से किया गया है अथवा किसी के सहयोग से। साथ ही यह भी बताना होगा कि शोध में किन स्रोतों और अन्य शोधकर्ताओं के कार्य का उपयोग किया गया है। यदि किसी वर्ष कोई शोध प्रबंध पुरस्कार के योग्य नहीं पाया जाता है तो उस वर्ष पुरस्कार नहीं दिया जाएगा और वह अगले वर्ष के पुरस्कार के साथ जोड़ा जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्ष 2026 का दीक्षांत समारोह 31 जुलाई को प्रस्तावित है। इसी को देखते हुए पुरस्कार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्ष 2026 के बनर्जी रिसर्च प्राइज के लिए पात्र शोधार्थियों की सूची मांगी है। परीक्षा नियंत्रक की ओर से कुलसचिव को भेजे गए पत्र में सभी संकायों से 15 जुलाई तक पात्र अभ्यर्थियों के नाम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते पुरस्कार चयन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पत्र के अनुसार, विश्वविद्यालय के अध्यादेश के तहत यह शोध पुरस्कार प्रत्येक वर्ष दीक्षांत समारोह में पीएचडी, डीलिट और एलएलडी की उपाधि प्राप्त करने वाले पात्र अभ्यर्थियों में से दिया जाता है। शोध प्रबंध का मूल्यांकन कुलपति द्वारा नामित परीक्षक मंडल करेगा और उसी की संस्तुति पर अकादमिक परिषद पुरस्कार के लिए अंतिम निर्णय लेगी।
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नियमों के मुताबिक शोधार्थी को अपने शोध प्रबंध में यह स्पष्ट करना होगा कि शोध स्वतंत्र रूप से किया गया है अथवा किसी के सहयोग से। साथ ही यह भी बताना होगा कि शोध में किन स्रोतों और अन्य शोधकर्ताओं के कार्य का उपयोग किया गया है। यदि किसी वर्ष कोई शोध प्रबंध पुरस्कार के योग्य नहीं पाया जाता है तो उस वर्ष पुरस्कार नहीं दिया जाएगा और वह अगले वर्ष के पुरस्कार के साथ जोड़ा जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्ष 2026 का दीक्षांत समारोह 31 जुलाई को प्रस्तावित है। इसी को देखते हुए पुरस्कार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।