{"_id":"6a5403d638dd40eb0a083c8e","slug":"municipal-corporations-double-game-regarding-sanitation-lucknow-news-c-13-lko1070-1824565-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सफाई में नगर निगम का डबल गेम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सफाई में नगर निगम का डबल गेम
विज्ञापन
शहर में फैला कूड़ा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केस - 1
तीन जुलाई को मुख्यमंत्री को एचसीएल और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम जाना था। ऐसे में इन मार्गों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नगर निगम ने रामकी को निर्देश दिए, मगर कंपनी ने लापरवाही की। जिस पर नगर निगम ने उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
केस - 2
तीन जून को जोन सात के सफाई और खाद्य निरीक्षक ने सफाई कार्य का निरीक्षण किया तो इंदिरानगर ए ब्लाॅक में खान डेयरी में भारी मात्रा में कूड़ा मिला। घरों से एकत्र किया गया कूड़ा भी इधर-उधर पड़ा था। इसको लेकर रामकी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा।
केस - 3
चार अप्रैल को प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने इंदिरानगर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था परखी थी। तब भी कई जगह नालियां चोक मिली थीं और जगह-जगह कूड़ा फैला था। इसको लेकर रामकी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा था।
विज्ञापन
लखनऊ। ये तो चंद उदाहरण हैं। हैदराबाद की रामकी (लखनऊ स्वच्छता अभियान) कंपनी दो साल बाद भी वादे पर खरी नहीं उतर पाई है। सफाई व्यवस्था में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। इस पर नगर निगम कंपनी पर लाखों रुपये का जुर्माना लगा रहा है, इसके बावजूद उसे और काम दिया जा रहा है। इससे सफाई के काम में दोहरा खेल चल रहा है। कंपनी को पहले 77 में नौ वार्डों का काम दिया गया था। अब उसे दौलतगंज, न्यू हैदरगंज प्रथम, भरवारा मल्हौर और खरगापुर सरसवां वार्ड का काम भी दिया गया है।
अनुबंध का उल्लंघन
रामकी कंपनी 77 वार्डों में घरों से कूड़ा कलेक्शन कर उसे शिवरी प्लांट तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार है, मगर कंपनी अनुबंध के नियमों का उल्लंघन कर रही है। वह खुद काम करने के बजाय ठेके पर काम करा रही है। भाजपा पार्षद प्रमोद राजन ने नगर निगम सदन में यह मामला उठाया था। साक्ष्य भी दिए थे। उन्होंने बताया था कि रामकी जिस काम का नगर निगम से करीब 1500 रुपये प्रति मीट्रिक टन लेती है, वही काम छोटे ठेकेदार से महज 630 रुपये प्रति मीट्रिक टन पर करा रही है। इस तरह कंपनी हर महीने करीब 200 करोड़ रुपये का लाभ कमा रही है। छोटे ठेकेदार लाभ कमाने के लिए काम में लापरवाही करते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था फेल हो रही है।
इसलिए हो रही मेहरबानी
जानकारों का कहना है कि रामकी पर बड़े नेताओं का हाथ है। यही वजह है कि कंपनी मुख्यमंत्री के दौरे वाले रूटों पर भी सफाई कार्य में मनमानी करती है। नगर निगम के भी बड़े नेताओं का हाथ कंपनी पर है। इसी कारण उस पर सिर्फ जुर्माने लगाया जा रहा है। इस जुर्माने से भी फर्क इसलिए नहीं पड़ता, क्योंकि काम में लापरवाही कर वह जितना पैसा बचा लेती है, उसकी तुलना में जुर्माना ऊंट के मुंह में जीरा भर है।
Iजब किसी वार्ड में सफाई की समस्या होती है या उस वार्ड का पार्षद सहमति देता है कि उसके वार्ड से कार्यदायी संस्था को हटाकर किसी अन्य कंपनी या रामकी को दिया जाए, तभी एजेंसी में बदलाव किया जाता है। मांग के बाद रामकी को काम इसलिए दिया जाता है, क्योंकि टेंडर के तहत रामकी को ही 77 वार्डों में सफाई का पूरा काम मिला है। I
I- संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगमI
विज्ञापन
तीन जुलाई को मुख्यमंत्री को एचसीएल और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम जाना था। ऐसे में इन मार्गों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नगर निगम ने रामकी को निर्देश दिए, मगर कंपनी ने लापरवाही की। जिस पर नगर निगम ने उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
केस - 2
तीन जून को जोन सात के सफाई और खाद्य निरीक्षक ने सफाई कार्य का निरीक्षण किया तो इंदिरानगर ए ब्लाॅक में खान डेयरी में भारी मात्रा में कूड़ा मिला। घरों से एकत्र किया गया कूड़ा भी इधर-उधर पड़ा था। इसको लेकर रामकी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा।
विज्ञापन
केस - 3
चार अप्रैल को प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने इंदिरानगर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था परखी थी। तब भी कई जगह नालियां चोक मिली थीं और जगह-जगह कूड़ा फैला था। इसको लेकर रामकी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा था।
विज्ञापन
लखनऊ। ये तो चंद उदाहरण हैं। हैदराबाद की रामकी (लखनऊ स्वच्छता अभियान) कंपनी दो साल बाद भी वादे पर खरी नहीं उतर पाई है। सफाई व्यवस्था में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। इस पर नगर निगम कंपनी पर लाखों रुपये का जुर्माना लगा रहा है, इसके बावजूद उसे और काम दिया जा रहा है। इससे सफाई के काम में दोहरा खेल चल रहा है। कंपनी को पहले 77 में नौ वार्डों का काम दिया गया था। अब उसे दौलतगंज, न्यू हैदरगंज प्रथम, भरवारा मल्हौर और खरगापुर सरसवां वार्ड का काम भी दिया गया है।
अनुबंध का उल्लंघन
रामकी कंपनी 77 वार्डों में घरों से कूड़ा कलेक्शन कर उसे शिवरी प्लांट तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार है, मगर कंपनी अनुबंध के नियमों का उल्लंघन कर रही है। वह खुद काम करने के बजाय ठेके पर काम करा रही है। भाजपा पार्षद प्रमोद राजन ने नगर निगम सदन में यह मामला उठाया था। साक्ष्य भी दिए थे। उन्होंने बताया था कि रामकी जिस काम का नगर निगम से करीब 1500 रुपये प्रति मीट्रिक टन लेती है, वही काम छोटे ठेकेदार से महज 630 रुपये प्रति मीट्रिक टन पर करा रही है। इस तरह कंपनी हर महीने करीब 200 करोड़ रुपये का लाभ कमा रही है। छोटे ठेकेदार लाभ कमाने के लिए काम में लापरवाही करते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था फेल हो रही है।
इसलिए हो रही मेहरबानी
जानकारों का कहना है कि रामकी पर बड़े नेताओं का हाथ है। यही वजह है कि कंपनी मुख्यमंत्री के दौरे वाले रूटों पर भी सफाई कार्य में मनमानी करती है। नगर निगम के भी बड़े नेताओं का हाथ कंपनी पर है। इसी कारण उस पर सिर्फ जुर्माने लगाया जा रहा है। इस जुर्माने से भी फर्क इसलिए नहीं पड़ता, क्योंकि काम में लापरवाही कर वह जितना पैसा बचा लेती है, उसकी तुलना में जुर्माना ऊंट के मुंह में जीरा भर है।
Iजब किसी वार्ड में सफाई की समस्या होती है या उस वार्ड का पार्षद सहमति देता है कि उसके वार्ड से कार्यदायी संस्था को हटाकर किसी अन्य कंपनी या रामकी को दिया जाए, तभी एजेंसी में बदलाव किया जाता है। मांग के बाद रामकी को काम इसलिए दिया जाता है, क्योंकि टेंडर के तहत रामकी को ही 77 वार्डों में सफाई का पूरा काम मिला है। I
I- संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगमI

शहर में फैला कूड़ा।

शहर में फैला कूड़ा।