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राम मंदिर चंदा चोरी: परिसर की व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव, नई टीमों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी; ये होगा परिवर्तन

Mon, 13 Jul 2026 12:07 PM IST
Sharukh Khan नितिन मिश्रा, अमर उजाला, अयोध्या
नितिन मिश्रा, अमर उजाला, अयोध्या Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 13 Jul 2026 12:07 PM IST
सार

राम मंदिर में चंदा चोरी के बाद व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव होने वाला है। नई टीमों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। धार्मिक कार्यक्रमों से लेकर पार्किंग, प्रसाद वितरण और लॉकर संचालन तक कई समितियों के नेतृत्व में परिवर्तन होगा।

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Ram Mandir Donation Scam Major overhaul of arrangements responsibility to be handed over to new teams
Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया जा रहा है। मंदिर परिसर में विभिन्न व्यवस्थाओं का संचालन कर रही कई समितियों के नेतृत्व में परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नए लोगों को सौंपी जाएंगी।
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सूत्रों के अनुसार, धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन, साफ-सफाई व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, लॉकर संचालन, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, प्रसाद वितरण सहित श्रद्धालुओं से जुड़ी कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं में कार्यरत कई लोगों की जिम्मेदारियां बदली जा रही हैं और उनकी जगह नए चेहरों को अवसर दिया जाएगा।
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बताया जा रहा है कि हाल के घटनाक्रम के बाद व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई है। इसी के आधार पर संचालन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और उत्तरदायी बनाने के लिए समितियों का पुनर्गठन किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और प्रत्येक व्यवस्था की स्पष्ट जवाबदेही तय हो।

कंट्रोल रूम से सूचना आदान-प्रदान करने के लिए नई टीम बनाई गई है। इसका प्रभारी गोपाल राव के करीबी सोमेश को बनाया गया है। इस व्यवस्था में उनके साथ रिटायर्ड सैन्य कर्मी केके तिवारी को भी जोड़ा गया है। 22 जुलाई की बैठक में समितियों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन तय हो जाएगी। 

 
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सूत्रों का कहना है कि नई टीमों के गठन में कार्यकुशलता, अनुभव और अनुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और समय-समय पर समीक्षा की भी नई व्यवस्था बनाई जा रही है।
 

चढ़ावा गिनने के लिए बचे केवल 10 कर्मी
राम मंदिर में आने वाले चढ़ावा की गिनती के लिए अब केवल 10 कर्मी ही बचे हैं। इससे पहले कुल 40 कर्मी चढ़ावे की गणना में लगे थे। चढ़ावा चोरी की घटना प्रकाश में आने के बाद इनमें से छह की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि 24 गणना कर्मियों ने काम पर ही आना छोड़ दिया है। पिछले तीन दिनों से मात्र 10 गणना कर्मी चढ़ावे की गिनती कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एसबीआई की ओर से जल्द ही नए गणना कर्मियों की भर्ती की तैयारी की जा रही है।

टाटा और एलएंडटी को 15 अगस्त तक काम पूरा करने के निर्देश
राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्य की प्रगति और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग बैठकें हुईं, जिनमें मंदिर परिसर और म्यूजियम से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बताया कि पहली बैठक मंदिर परिसर में हुई, जिसमें चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यदायी संस्थाओं को अधिक से अधिक 15 अगस्त तक काम पूरा करने के लिए कहा गया है।

 

मुख्य फोकस एलएंडटी और टीसीई को जल्द से जल्द जरूरी सर्टिफिकेशन (प्रमाणीकरण) पूरा करने पर है, क्योंकि उनकी दो साल की डिफेक्ट लायबिलिटी (दोष दायित्व) अवधि है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण समिति अब मंदिर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को भी विश्व स्तरीय बनाने पर ध्यान दे रही है।

म्यूजियम को और आकर्षक बनाने की दिशा में ये कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु न सिर्फ दर्शन करें बल्कि भगवान राम की पूरी कथा और यात्रा को विस्तार से समझ सकें। 

दूसरी बैठक रामकथा संग्रहालय में हुई, जिसमें कई नए फैसले लिए गए। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि भारत की नदियों के माध्यम से भगवान राम की यात्राओं को दिखाने वाली एक नई गैलरी बनाई जाएगी।

इसमें इमर्सिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे आगंतुक वास्तविक अनुभव महसूस कर सकें। इसमें भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़ी देश की प्रमुख नदियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी शुरुआत सरयू नदी से होगी और समापन गुप्तार घाट पर केंद्रित रहेगा।
 

‘दिव्य दर्शन’ गैलरी बनाने का फैसला
एक और महत्वपूर्ण फैसला ‘दिव्य दर्शन’ गैलरी बनाने का लिया गया है। नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि जब लोग मंदिर आते हैं तो भीड़ के कारण उन्हें जल्दी निकलना पड़ता है। इसलिए हम म्यूजियम में ‘दर्शन’ का एक खास प्रोग्राम आयोजित करेंगे। यह गैलरी राम लला मंदिर के ग्राउंड फ्लोर से कुबेर टीला तक की यात्रा को इमर्सिव (थ्री डी डिस्प्ले) तरीके से दिखाएगी।

ऐसा लगेगा जैसे आप वास्तव में वहां खड़े हैं। यह पूरी गैलरी फिल्मिंग और इमर्सिव टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। सभी फैसले हो चुके हैं और यह चार महीने का प्रोजेक्ट है। उम्मीद जताई कि दो हफ्ते में फोटोग्राफी का काम शुरू हो जाएगा।
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