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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: संत रामभक्तों को देंगे भरोसे और संयम का संदेश, संतों से संपर्क कर रहे संघ के कार्यकर्ता
Mon, 13 Jul 2026 11:25 AM IST
Sharukh Khan
नितिन मिश्रा, अमर उजाला, अयोध्या
नितिन मिश्रा, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:25 AM IST
सार
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में अब संत रामभक्तों को भरोसे और संयम का संदेश देंगे। 23 जुलाई को अयोध्या में संतों की बड़ी बैठक होंगी। विपक्ष के हमलों के बीच भ्रम दूर करने की कोशिश की जाएगी।
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Ram Mandir Donation Scam
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद उपजे घटनाक्रम के बीच 23 जुलाई को अयोध्या में संत समाज की बड़ी बैठक होने जा रही है। इस बैठक को मौजूदा परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि संत समाज रामभक्तों से संयम बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति से दूर रहने की अपील करेगा।
बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब एक दिन पहले 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसी दौरान चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट भी सामने आने की संभावना है। ऐसे में ट्रस्ट के फैसलों और जांच रिपोर्ट के बाद संत समाज का रुख काफी अहम माना जा रहा है।
बैठक पहले 14 जुलाई को प्रस्तावित थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से बैठक स्थगित कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के प्रमुख अखाड़ों, मठों और मंदिरों के संत-महंत इस बैठक में शामिल होंगे। चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है।
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बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब एक दिन पहले 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसी दौरान चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट भी सामने आने की संभावना है। ऐसे में ट्रस्ट के फैसलों और जांच रिपोर्ट के बाद संत समाज का रुख काफी अहम माना जा रहा है।
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बैठक पहले 14 जुलाई को प्रस्तावित थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से बैठक स्थगित कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के प्रमुख अखाड़ों, मठों और मंदिरों के संत-महंत इस बैठक में शामिल होंगे। चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है।
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ऐसे में संत समाज की कोशिश रहेगी कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर समाज और रामभक्तों के बीच किसी प्रकार का नकारात्मक माहौल या अविश्वास पैदा न हो। संत श्रद्धालुओं से अपील कर सकते हैं कि अफवाहों से बचें और सत्यापित तथ्यों पर ही भरोसा करें। माना जा रहा है कि बैठक में राम मंदिर आंदोलन की गरिमा, मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता, श्रद्धालुओं का विश्वास जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
संतों से संपर्क कर रहे संघ के कार्यकर्ता
संघ से जुड़े कार्यकर्ता भी मठ-मंदिरों में जाकर संतों से संपर्क कर रहे हैं और अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संघ के वरिष्ठ प्रचारक गंगा सिंह और मनोत कांत ने मोर्चा संभाल रखा और निरंतर साधु-संतों से भेंट कर बैठक में पहुंचने की अपील कर रहे हैं।
संघ से जुड़े कार्यकर्ता भी मठ-मंदिरों में जाकर संतों से संपर्क कर रहे हैं और अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संघ के वरिष्ठ प्रचारक गंगा सिंह और मनोत कांत ने मोर्चा संभाल रखा और निरंतर साधु-संतों से भेंट कर बैठक में पहुंचने की अपील कर रहे हैं।
महंत जयराम दास भी साधु-संतों को बैठक के लिए प्रेरित कर रहे हैं।संत समाज इस बात पर भी जोर दे सकता है कि किसी एक घटना के कारण करोड़ों रामभक्तों की आस्था और वर्षों के आंदोलन की उपलब्धि पर प्रश्नचिह्न नहीं लगना चाहिए।
22 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट को लेकर हो सकता है अहम फैसला: नृपेंद्र
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि आगामी 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति और विभिन्न समितियों व उपसमितियों के भविष्य को लेकर ट्रस्ट की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि आगामी 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति और विभिन्न समितियों व उपसमितियों के भविष्य को लेकर ट्रस्ट की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट किया कि यदि सीईओ की नियुक्ति होती है, तो वह ट्रस्ट की निगरानी में अपना स्टाफ नियुक्त करेगा और आगे की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था उसी के अनुसार संचालित होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि ट्रस्ट के पदेन सदस्यों को मतदान करने का अधिकार नहीं होता है।
दर्शनार्थियों की संख्या में कमी आने की चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की कोई कमी नहीं है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं से लगातार संवाद किया जा रहा है और इस दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत या असंतोष की बात सामने नहीं आई है।
राम मंदिर निर्माण पर 1800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
दो दिवसीय समीक्षा बैठक के समापन पर नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर निर्माण और प्रस्तावित संग्रहालय से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण की कुल लागत 1600 से 1800 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। इसके साथ ही, राम कथा संग्रहालय के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इस संग्रहालय की सभी गैलरियों की स्क्रिप्ट फाइनल कर दी गई है।
दो दिवसीय समीक्षा बैठक के समापन पर नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर निर्माण और प्रस्तावित संग्रहालय से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण की कुल लागत 1600 से 1800 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। इसके साथ ही, राम कथा संग्रहालय के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इस संग्रहालय की सभी गैलरियों की स्क्रिप्ट फाइनल कर दी गई है।
अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने चंपत राय से की बंद कमरे में चर्चा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय इन दिनों रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच रविवार को राम मंदिर के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने उनसे मुलाकात की। दोनों के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे तक चर्चा हुई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय इन दिनों रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच रविवार को राम मंदिर के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने उनसे मुलाकात की। दोनों के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे तक चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय फिलहाल केवल कुछ विशिष्ट व्यक्तियों, संगठन के पदाधिकारियों और अपने करीबी समर्थकों से ही मुलाकात कर रहे हैं। रविवार को सेना के एक कर्नल भी उनसे मिलने तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचे। इसके अलावा झांसी से आए कुछ समर्थकों ने भी उनसे भेंट की।
विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी चंपत राय से बंद कमरे में चर्चा की। मुलाकात के दौरान चढ़ावा चोरी प्रकरण सहित विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई। रामनगरी के संतों का एक प्रतिनिधि मंडल भी शनिवार को तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचा और चंपत राय से बंद कमरे में मुलाकात की। संतों ने कहा कि चंपत राय चढ़ावा चोरी प्रकरण में निर्दोष हैं, उन्हें फंसाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय सभी आगंतुकों से यही कह रहे हैं कि वह विशेष जांच दल की अंतिम रिपोर्ट आने तक इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं देंगे। उनका कहना है कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वह अपना पक्ष विस्तार से समाज और मीडिया के सामने रखेंगे।