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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट ने बैंक पर फोड़ा पूरा ठीकरा, खुद पर कोई सवाल नहीं; बच निकले मामले के बड़े आरोपी

Thu, 23 Jul 2026 06:25 AM IST
रोहित मिश्र सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 23 Jul 2026 06:25 AM IST
सार

Ram Temple offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में मामले का पूरा ठीकरा बैंक पर ही फोड़ दिया गया।

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Ram offering theft: Trust blames bank for theft, leaves no questions unanswered; key suspects escape
राम मंदिर में दान की राशि में गबन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा चोरी को लेकर भी चर्चा हुई। न्यासी मंडल ने इस पर निराशा व्यक्त की और पूरा ठीकरा बैंक पर फोड़ा। बैंक की पूरी जिम्मेदारी बताते हुए उनकी गलतियां गिनाई गईं। ट्रस्ट के बड़े जिम्मेदारों की लापरवाही और खामियों का कहीं पर जिक्र नहीं किया गया।

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ट्रस्ट की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि बैठक में एसबीआई के साथ हुए एमओयू के तहत बैंक के दायित्वों और उनके अनुपालन की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि किस तरह से बैंक ने लापरवाही बरती। जो नियम थे, उन्हें दरकिनार कर दिया गया। इस वजह से चढ़ावे की गणना में अनियमितता हुई। इसको लेकर निराशा भी व्यक्त की गई। हकीकत में एक तरह से सभी ट्रस्टियों ने चढ़ावा चोरी के पीछे की जिम्मेदारी बैंक की तय की। हकीकत में बैंक की तो लापरवाही थी ही, लेकिन एमओयू की जो शर्तें थीं, उनमें शिथिलता तत्कालीन ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बरती थी, जिसकी वजह से चोरी की घटना घटी। यह तथ्य एसआईटी ने खुद अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया था। ऐसे में सवाल है कि अनिल मिश्रा और ट्रस्ट की तरफ से बरती गई लापरवाही को लेकर चर्चा क्यों नहीं की गई।

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इस पर क्यों रहे खामोश...

बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी एसआईटी ने संदिग्ध बताई है। लेकिन उन पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारी विवेचना जारी होने की बात कह रहे हैं। वहीं बैठक में इसको लेकर भी कोई चर्चा नहीं की गई कि आखिर चंपत राय ने टिन्नू यादव को इतने अधिकार क्यों दे रखे थे। क्योंकि टिन्नू के पास गणना कक्ष व दान पात्रों की चाबियां होना भी चोरी की बड़ी वजह रही है।

अब पूरी कमान कृष्ण मोहन के हाथ
चोरी का खुलासा होने के बाद चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने की थी। इस्तीफा स्वीकार करने को लेकर छह जुलाई की बैठक की जानकारी भी गोविंद गिरी ने जारी की थी। प्रेस वार्ता भी की थी, लेकिन अब पूरी कमान अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के पास है। इसलिए बुधवार को हुई बैठक का ब्योरा उन्होंने ही जारी किया।

नियम और सख्त करने के निर्देश
बैठक में पदाधिकारियों ने तय किया कि ट्रस्ट की वित्त समिति जल्द ही बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। एमओयू के जो नियम व शर्तें हैं, उनको पूरी तरह से लागू करने और उनको अधिक पुख्ता करने संबंधी कदम उठाए जाएंगे, जिससे भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी न हो।

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