Samwad 2026: 'यूपी-उत्तराखंड तो हमारा है, इस बार लग रहा कि पंजाब-हिमाचल भी हमारा हो जाएगा', बोले डिप्टी सीएम
Amar Ujala Samwad Lucknow 2026: लखनऊ में दो दिन के अमर उजाला संवाद की सोमवार को शुरुआत हुई। पहले दिन 10 से ज्यादा सत्र हुए। इसमें मोटिवेशन से लेकर अनुशासन तक, जुनून से लेकर जिंदगी तक, अनुशासन से लेकर आकांक्षाओं तक, जज्बे से लेकर जीत तक और शक्ति से समृद्धि तक अलग-अलग विषयों पर बात हुई। आज कार्यक्रम का दूसरे दिन प्रदेश के डिप्टी सीएम केश प्रसाद मौर्य ने शिरकत की।
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमर उजाला संवाद का मंच सजा हुआ है। राजधानी के होटल द सेंट्रम में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' का आयोजन हो रहा है। आज इस कार्यक्रम का दूसरा दिन है। जिसमें डिप्टी सीएम कैशव प्रसाद मौर्य ने शिरकत की।
डिप्टी सीएम ने कैशव प्रसाद मौर्य ने इस सवाल पर कहा, 'देखिए सबसे बड़ी जो ताकत हमारी है, हमारे संगठित कार्यकर्ताओं की बूथ स्तर तक समर्पित संरचना है। हमारे कार्यकर्ता का एक ही लक्ष्य रहता है कि मेरा बूथ सबसे मजबूत और इस संकल्प के साथ हमारा जो अभियान शुरू होता है तो वह अभियान सिर्फ इस सीमा तक नहीं रहता है कि हमने कोई बैठक कर लिया या सम्मेलन कर लिया या मन की बात सुन ली। बल्कि हर परिवार से कैसे संपर्क हो और किस परिवार में कौन मतदाता, हर हाल में और किसी भी परिस्थिति में मजबूती के साथ खड़े रहेंगे। और कौन ऐसे हैं जो नहीं खड़े रहेंगे। उन सब से संपर्क कर हमारा एक ही लक्ष्य रहता है कि हमारा बूथ सबसे मजबूत यह हमारी ताकत है, जिसके पास बूथ स्तर तक संगठन की ताकत है तो बूथ जीता तो विधानसभा जीता तो उत्तर प्रदेश जीता। उत्तर प्रदेश जीता तो सरकार बनाई।
डिप्टी सीएम ने आगे कहा, 'तनाव का ऐसा कोई विषय हमारे ध्यान में नहीं आता है। लगातार 2024 के जो चुनाव में विपक्ष के हमारे दलों ने एक दुष्प्रचार किया, संविधान खत्म कर देने का आरोप लगाया। आरक्षण खत्म कर देंगे ऐसा प्रचार किया। इसके कारण उनकी सीटें उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में कुछ बढ़ गईं। लेकिन जैसे ही हमारे नंबर देश की दृष्टि से और उत्तर प्रदेश की दृष्टि से घटे, उसके तत्काल बाद 2024 में ही हरियाणा विधानसभा का चुनाव हुआ और उस चुनाव को बहुत बड़े बहुमत के साथ हमने जीता। तनाव जो था वो खत्म हो गया वहीं से फिर महाराष्ट्र जीता तीन चौथाई बहुमत से और एकदम स्मूथ हो गए। फिर इसके बाद दिल्ली प्रदेश 27 साल बाद जीत लिया और अनुकूलता हम लोगों को महसूस हुई। इसके बाद बिहार हम लोगों ने जीता तो उसके कारण और अनुकूलता हुई और अभी तो पश्चिम बंगाल जीत लिया है तो तनाव का तो कोई रास्ता ही बचता नहीं हैं।
'इस बार लग रहा है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश भी हमारा हो जाएगा'
उन्होंने कहा, 'असम में भी और पांडिचेरी में भी हमारी सरकार बन गई है। हमारी विजय यात्रा चल रही है लेकिन परिश्रम में कोई कमी नहीं है जो लक्ष्य सिद्धी के लिए कि देश के 80 प्रतिशत भूभाग पर आज भाजपा और एनडीए सत्ता में है जो बीस प्रतिशत बचा है उसमें से कुछ भाग हम लोगों को उम्मीद है कि अभी 2027 के जब विधानसभा चुनाव होंगे यूपी और उत्तराखंड तो हमारा है लेकिन इस बार लग रहा है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश भी हमारा हो जाएगा। तो भू भाग जो अभी 80 प्रतिशत है वो 90 प्रतिशत हो जाएगा।'
डिप्टी सीएम से सवाल किया गया कि कुछ देर पहले अखिलेश यादव इस मंच पर थे और वो पिछले लोकसभा के नतीजों के हवाले से पूर्वांचल बाकी जगह के आंकड़ों का हवाला देते हुए बड़े कॉफिडेंस के साथ कुछ बड़ा हासिल करने की बात कर रहे थे, क्या आप उन्हें कमजोर विपक्ष मानकर चल रहे हैं?
'आरजेडी, आम आदमी पार्टी, टीएमसी.. सभी चारों खाने चित्त हो गए'
इस सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा, 'अखिलेश जब 2024 के परिणाम की बात करते हैं तो निश्चित तौर से उनको लगता होगा कि हम 2024 को 2027 तक स्थापित रख पाएंगे तो मैं मानता हूं यह समाजवादी पार्टी के हर नेता की गलतफहमी है। 2024 के बाद गंगा में बहुत पानी बह गया है और जिनके समर्थन में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी खड़ी हुई, चाहे वो आरजेडी हो, चाहे आम आदमी पार्टी हो, चाहे टीएमसी हो सभी चारों खाने चित्त हो गए। हम लोग तो खुशी से झूम रहे हैं कि क्योंकि अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर पांच सौ साल बाद भव्य मंदिर बन गया है और आजादी के बाद पहली बार जो हमारे आदर्श पुरुष है डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी जन्मभूमि पर भाजपा की सरकार बन गई।'
'अब मेरा नारा छोटा पड़ गया है'
क्या इस बार भी चुनाव में मुद्दा अयोध्या होगा? इस सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा, 'मुद्दा अयोध्या कभी न था, न है औ न रहेगा। मुद़्दा तो एक ही है कि अगर हम सबका साथ सबका विकास करेंगे तो सबका समर्थन हमें मिलेगा। मैं नारा लगाया करता था कि 100 में 60 प्रतिशत वोट हमारा है और 40 में बंटवारा है और बंटवारे में भी हमारा है। लेकिन अभी जो रिजल्ट आया तो उसमें 80 प्रतिशत हमारे पक्ष में आ रहा है और 20 प्रतिशत बाकी लोगों में जा रहा है तो अब मेरा नारा छोटा पड़ गया है। हमें जनता का आशीर्वाद कहीं ज्यादा मिल रहा है।'