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Samwad 2026: भंडारा और नमाज पर बोले ब्रजेश पाठक- सड़क बंद न हो यह हमारी जिम्मेदारी; कांवड़ यात्रा पर दो टूक

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 19 May 2026 03:56 PM IST
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सार

राजधानी लखनऊ में अमर उजाला संवाद का आज दूसरा दिन है। कार्यक्रम के पहले दिन 10 से ज्यादा सत्र हुए। जिसमें मुख्यमंत्री योगी से लेकर कई दिग्गजों ने अलग-अलग विषयों पर अपनी बात रखी। आज कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शामिल हुए। 

Samwad 2026 Speaking on Bhandara vs Namaz controversy Brajesh Pathak states
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक - फोटो : अमर उजाला संवाद
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विस्तार

Amar Ujala Samwad Lucknow 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राजधानी के होटल द सेंट्रम में हो रहा है। संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शामिल हुए। इससे पहले अखिलेश यादव और अनुप्रिया पटेल ने भी शिरकत की थी। संवाद कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भंडारा और नमाज पर खुलकर चर्चा की। उन्होने कहा कि हनुमान जी की कृपा से ही हमारे सारे काम चल रहे हैं। उन्हीं की कृपा से विश्व भी चल रहा है। उत्तर प्रदेश उनकी कृपा से ही तेजी से बढ़ रहा है। कार्यक्रम में उनसे पूछा कि सीएम ने सड़क पर नमाज को लेकर बयान दिया तो ब्रजेश पाठक ने जवाब दिया कि भंडारे में सड़क किसी तरह से बंद न हो यह हमारी जिम्मेदारी है।

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नमाज पढ़ना गुनाह है और भंडारे करना?
संवाद कार्यक्रम के दौरान ब्रजेश पाठक से पूछा कि आप लगातार भंडारे पर भंडारे करवा रहे हैं और नमाज पढ़ना गुनाह है और भंडारे करना? तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं आपकी बात को थोड़ा विस्तार से बताता हूं, इंटायर स्टेट को मैं आपके मंच से संबोधित कर रहा हूं। भंडारे में कहीं सड़क जाम न हो यह हमारी जिम्मेदारी है, यातायात सुविधाजनक तरीके से चले, आवागमन में किसी को समस्या न हो हम सुनिश्चित करते हैं। इसके साथ ही भंडारे के बाद कहीं कोई गंदगी न हो इसको भी हम सुनिश्चित करते हैं। क्या ऐसा नमाज में होता है?

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'सड़क रोककर भंडारा किया जाता हो कोई एक ऐसा मामला बताएं'
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में डिप्टी सीएम से सवाल पूछा कि अगर एक लोकतांत्रिक देश में सड़कों के नियम सभी के लिए हैं तो बहुसंख्यक होने का फायदा आपको क्यों मिले? तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि जो नियम हैं वो सभी के लिए बराबर हैं, कोई ऐसा एक उदाहरण आप बताइए कि सड़क रोककर भंडारा किया गया हो। पूरे प्रदेश में कोई एक ऐसी बात बता दीजिए।

अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में ब्रजेश पाठक से पूछा कि जब कांवड़ यात्रा होती है, तो पूरी की पूरी सड़क अलग कर दी जाती है, उन पर फूल बरसाए जाते हैं? तो उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा के बारे में आपने सवाल उठाया। कावड़ यात्रा 2017 से शुरू हुई है क्या? यात्रा सदियों से चली आ रही है, तो तब भी यही होता था जो आज हो रहा है। पूछिए जरा वहां के लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से जो आज हो रहा है वो पहले भी होता था। हमने तो इसे सुविधाजनक किया है, सड़कों के गढ्ढे भर दिए गए हैं, प्लास्टिक से बिजली के खंभों को ढका गया ताकि उसे करंट न लगे। खाने पीने के संसाधन उपलब्ध कराए हैं, इसके साथ ही सुरक्षा उपलब्ध कराई है और अतिरिक्त हमने कुछ नहीं किया है। हां... वहां भी हमने डीजे की ऊंचाई कम की है कि कहीं कोई बिजली के तारों से टकरा न जाए। कानून सबके लिए बराबर हैं।

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आप दिल्ली गए मंत्रीमंडल के विस्तार के समय, इसके क्या मायने हैं? 
ब्रजेश पाठक ने संवाद में कहा कि हम तो दिल्ली जाते ही रहते हैं, देश की राजधानी है और वहां तो जाते ही रहते हैं। मैं तो पहले दिल्ली में ही रहता था। हमारा काम क्या है वार्ताक्रम को बनाए रखना और ये भगवान ने कहा था, याद है आपको जब रावण का अंतिम समय आया तो भगवान राम ने लक्ष्मण से कहा था कि जाओ और रावण से कुछ आशीर्वाद लेकर के आओ। वो गए और रावण के सिर के पास खड़े हो गए वो कुछ बोला नहीं। इसके बाद राम-लक्ष्मण से कहां कि फिर जाओ अब दूसरी तरफ खड़े होना। जब लक्ष्मण जी दोबारा गए और उसके चेहरे के बजाय उसके पैरों के तरफ खड़े हुए और उसके चेहरे को देखा। इसके बाद रावण ने कहा कि किसी भी स्थिति आ जाए वार्ताक्रम बनाए रखना तो हमारी जिम्मेदारी है, वार्ताक्रम बनाए रखना और उसी की तहत मैं काम कर रहा हूं।

'प्रदेश में सड़कें पूरी तरह से बदल चुकी'
डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारा मानना है कि हम एक छोटे से कार्यकर्ता हैं  और हम मिलजुलकर काम करना है। पूरा प्रदेश हमारा परिवार है। हम लोग है, हम फल के लिए बैठे हैं, हम जनता को बेहतर सुविधाए दे पाएं। जनता को मिनिमम इनपुट में मैक्सीमम आउटपुर दे पांए। प्रदेश की जनता के समझ मैं दावे के साथ कह सकता हूं, 17 से अब तक राज्य की सड़के पूरी तरह से बदल चुकी हैं। 75 जिलों को हमने फोरलेन से जोड़ा है। देश में जितने एक्सप्रेसवे है सर्वाधिक आज उत्तर प्रदेश में हैं। हमारा इंफ्रस्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास बनकर तैयार हुआ है। आप फल देखेंगे कि अंदर की गणित समझेंगे।
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