अच्छी पहल: आदिवासियों के घर-घर जाकर इलाज करेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर, जरूरत पड़ी तो राजधानी लाए जाएंगे मरीज
राजधानी से विशेषज्ञ डॉक्टर आदिवासियों के घर-घर जाकर इलाज करेंगे। 5 से 8 फरवरी तक केजीएमयू, पीजीआई और लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ आदिवासी गांवों में रहेंगे। स्क्रीनिंग के बाद सर्जरी वाले मरीजों को लखनऊ के संस्थानों में भर्ती कराएंगे।
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उत्तर प्रदेश में नेपाल सीमा से लगे जिलों के आदिवासी अब झोलाछाप के सहारे नहीं रहेंगे। उनके उपचार के लिए राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू, लोहिया संस्थान, पीजीआई और कैंसर संस्थान के विशेषज्ञ गांवों में पहुंचेंगे। जिन मरीजों में सर्जरी की जरूरत होगी उन्हें लखनऊ लाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। रविवार को विभिन्न जिलों में बैठक करके शिविर के स्थान तय किए गए।
दरअसल, सीमावर्ती पीलीभीत, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, लखीमपुर खीरी जिलों में जागरूकता के अभाव और गरीबी से आदिवासी एवं दलित वर्ग इलाज के लिए अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते हैं। इससे वे कई संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इन लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गुरु गोरखनाथ सेवा न्याय ने कदम बढ़ाया है।
विभिन्न संगठनों के सहयोग से इन सात जिलों में 5 से 8 फरवरी तक चार दिवसीय स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। इसमें केजीएमयू, संजय गांधी पीजीआई और लोहिया संस्थान, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षक, रेजीडेंट हिस्सा लेंगे। वे मरीजों की जांच करेंगे और निशुल्क दवाएं देंगे। सर्जरी वालों को संबंधित कॉलेज भेज कर उपचार कराएंगे।
...इसलिए की गई पहल
श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के सचिव डॉ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि विभिन्न संस्थानों की ओपीडी में आदिवासी इलाके के मरीज तब पहुंचते हैं जब वे बीमारी से पूरी तरह ग्रसित हो जाते हैं। ऐसे में संगठन से जुड़े चिकित्सा संस्थानों की फैकल्टी, रेजीडेंट सभी ने तय किया कि टीम बनाकर आदिवासी इलाकों मरीजों को चिह्नित कर उन्हें समय से इलाज मुहैया कराएंगे।
तीन साल से यह शिविर चलाया जा रहा है। इसका फायदा विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी होता है। वे ग्रामीण और अभावग्रस्त मरीजों के उपचार और जांच रिपोर्ट से मिले इनपुट के आधार पर कैंसर, चर्मरोग से जुड़ी बीमारियों, हीमोग्लोबिन और जेनेटिक्स से संबंधित रिसर्च पेपर लिख रहे हैं।
600 से ज्यादा डॉक्टर लेंगे हिस्सा
नेशनल मेडिकोज आर्गनाइजेशन के महामंत्री शिवम मिश्रा ने बताया कि करीब दो हजार गांवों में ये शिविर लगाए जाएंगे। अंतिम दिन हर जिला या तहसील मुख्यालय में मेगा कैंप लगेगा ताकि अन्य लोगों को भी शिविर का फायदा मिल सके। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम योगी आदित्यनाथ वर्चुअल करेंगे।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण, सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर आदि अलग-अलग जिलों में जाकर शिविरों का उद्घाटन करेंगे। संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री व अन्य मंत्री भी हिस्सा लेंगें। कार्यक्रम में सेवा भारती, एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, आरोग्य भारती जैसे संगठन मदद करेंगे।