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Suna Hai Kya: कुर्सी के साथ महकमे का सपना देख रहे नेता जी, इन साहब के अपने ही कानून

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 05 Feb 2026 12:43 PM IST
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सार

सियाासी गलियारों में मंत्रिमंडल में फेरबदल की बड़ी चर्चा है और इसके लिए नेताजी अपनी तरफ से पूरा जोर लगा रहे हैं। वहीं, पुलिस विभाग के एक अधिकारी के तो अपने ही कानून हैं। वहीं, प्रमोशन पाने के बाद कई आईपीएस अधिकारी अब तैनाती के इंतजार में दिन काट रहे हैं। पढ़ें, सत्ता के गलियारों की कानाफूसी: 

Suna Hai Kya: Netaji is dreaming of a department along with the chair, this gentleman has his own laws
suna hai kya - फोटो : amar ujala
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विस्तार

यूपी के सियासी गलियारों में सत्ता में फेरबदल की बड़ी चर्चा है। इसे लेकर कई नेताजी लखनऊ से दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं साथ ही अपने शुभचिंतकों को भी आश्वस्त कर रहे हैं कि अब तो कुर्सी मिलकर ही रहेगी साथ ही मन का विभाग भी मिलेगा। वहीं, एक साहब के तो अपने ही कानून हैं। वहीं, प्रमोशन के बाद भी तैनाती न मिलने से साहब लोग परेशान हैं। यहां पढ़ें, आज की कानाफूसी: 

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कुर्सी के साथ महकमे का सपना
पुरानी कहावत है, राजा को पता नहीं, प्रजा ने वन बांट लिए। इन दिनों कुछ ऐसा ही माहौल सूबे की सत्ता के गलियारों में है। सत्ता में फेरबदल की चर्चा क्या शुरू हुई, कुर्सी के दावेदार कई माननीय अपने-अपने हिसाब से कुर्सी पाने के साथ ही महकमा हथियाने की व्यूहरचना में जुट गए हैं। कई लोगों ने महकमे भी बांट लिए हैं। ऐसे ही एक माननीय हैं जो सत्ता-1 में भी कुर्सी पर विराजमान रहे लेकिन सत्ता-2 में बिछड़ गए थे। एक बार फिर वह सक्रिय हैं। यही नहीं अपनों को भरोसा भी दे रहे हैं कि चिंता मत करो, इस बार तो उनकी वापसी होगी। साथ ही उन्हें सड़क बनाने या खेतों को पानी देने वाला जैसा मलाईदार महकमा मिलेगा।
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साहब के अपने कायदे कानून
पुलिस के अहम अंग के एडीजी साहब के अपने कायदे-कानून हैं। पूरे महकमे में किसी भी शाखा को कोई किताब, कैलेंडर, कामकाज से इतर लेखन सामग्री छपवाने की अनुमति नहीं है लेकिन साहब की उपलब्धियां ही कुछ ऐसी हैं जो पूरी दुनिया को बताना जरूरी है। उनका प्रचार तंत्र कुछ ऐसा है कि राजधानी के नजदीकी जिले में अहम पोस्टिंग मिलने पर कार्यालय को ही स्टूडियो बना दिया था। क्राइम कंट्रोल से ज्यादा गुलदस्ते और माइक पर फोकस रहता था। वहां से हटाए जाने के बाद बमुश्किल अहम जगह पोस्टिंग मिली तो पुराने शौक फिर से जाग गए। आजकल विभाग में उनकी उपलब्धियों वाले प्रकाशन की चर्चा सबकी जुबां पर है।

इंतजार में कट रहे दिन
कुछ दिन पहले कई वरिष्ठ आईपीएस अफसरों के प्रमोशन हुए। तब से हर अफसर नई तैनाती की उम्मीद लगाए है। इसी में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी की नजर सलाखों वाले विभाग पर है। कारागार विभाग में बीते कुछ दिनों से बड़ी हलचल है। लिहाजा उनकी उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। भीतर ही भीतर वह आश्वस्त हैं कि जो वह चाह रहे हैं, वह मिलकर रहेगा। इसलिए वह अपनी नई तैनाती के आदेश के इंतजार में दिन काट रहे हैं।

आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।

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