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Lucknow News: कम हुए दाखिल खारिज शुल्क का दो महीने बाद मिलेगा फायदा

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 01:09 AM IST
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The benefit of reduced mutation fee will be available after two months.
नगर निगम।
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लखनऊ। करीब चार महीने पहले कम हुए दाखिल खारिज शुल्क का फायदा करीब दो महीने बाद ही मिल पाएगा, क्योंकि अभी तक नई नियमावली के गजट का प्रकाशन नहीं हुआ है। गजट प्रकाशन का प्रस्ताव 15 अप्रैल को नगर निगम सदन की बैठक में रखा जाएगा। पहले कम हुए शुल्क का फायदा एक अप्रैल से मिलने की उम्मीद थी।
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गृहकर दाखिल खारिज शुल्क को कम किए जाने की प्रक्रिया करीब एक साल से चल रही है। पहले कार्यकारिणी और सदन से प्रस्ताव पास किया गया। उसके बाद आपत्ति सुझाव की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पूरी होने के बाद अब नियमावली का गजट नोटिफिकेशन होना है। नगर निगम अभी पारिवारिक संपत्ति के नामांतरण पर फिक्स 5,000 रुपये फीस लेता है। यह छोटे और बड़े सभी तरह के मकानों के लिए समान है। जिसे अब क्षेत्रफल के आधार पर कम और अधिक किया गया है। वहीं, बैनामे के आधार पर खरीदी जाने वाले संपत्तियों का भी दाखिल खारिज शुल्क कम किया गया है।
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बैनामे के आधार संपत्ति नामांतरण पर लगता है ये शुल्क

5 लाख रुपये कीमत तक की संपत्ति पर- 3500 रुपये

5 लाख से अधिक और 10 लाख रुपये तक- 5500 रुपये

10 से अधिक और 20 लाख रुपये तक- 7500 रुपये

20 लाख से अधिक और 30 लाख रुपये तक- 9500 रुपये

30 लाख से अधिक कीमत वाली संपत्तियों पर- 10000 रुपये
गजट होने के बाद लगेगा यह शुल्क

5 लाख रुपये तक- 1000 रुपये

5 से 10 लाख कीमत तक - 2000 रुपये

10 से 15 लाख कीमत तक- 3000 रुपये
15 से 50 लाख कीमत तक- 5000 रुपये
50 लाख से अधिक कीमत पर- 10000 रुपये



उत्तराधिकार और वसीयत के मामलों में लगेगा ये शुल्क
1000 वर्ग फीट तक के मकान पर- 1000 रुपये
1001 से 2000 वर्ग फीट तक के मकान पर- 2000 रुपये

2001 से 3000 वर्ग फीट तक के मकान पर- 3000 रुपये

3000 वर्ग फिट से अधिक के मकान पर- 5000 रुपये
(नोट : अभी वसीयत और उत्तराधिकार के मामलों में सभी तरह के मकानों पर 5000 रुपये शुल्क लिया जाता है।)


Iगृहकर दाखिल खारिज शुल्क कम करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब सिर्फ गजट नोटिफिकेशन होना है। इसमें अधिकतम करीब दो महीने का समय लगेगा।I
I- अशोक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारीI
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