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Lucknow News: युद्ध की प्रकृति में बदलाव, फर्जी सूचनाएं बन रहीं हथियार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 02:17 AM IST
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The nature of warfare is changing, and fake information is becoming a weapon
छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा
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लखनऊ। संघर्षों की प्रकृति में एक मौलिक बदलाव आया है। अब युद्ध में सूचना क्षेत्र भी शामिल हैं। हथियार के रूप में नैरेटिव (फर्जी सूचनाएं) इस्तेमाल किए जाते हैं। इतना ही नहीं, एआई से बने फर्जी वीडियो माइंडसेट तैयार करते हैं, जिनका खंडन जरूरी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी ऐसे एआई जेनरेटेड फर्जी वीडियो बने, जिसमें भारतीय डिफेंस सिस्टम को लेकर अफवाहें उड़ीं, जिनकी पोल खुली तो पाकिस्तानी झूठ उजागर हो गया।
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सेना के मध्य कमान की ओर से छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में शनिवार को पहला स्ट्रेटिजिक कम्युनिकेशन कॉन्क्लेव आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे ही विचार साझा किए। इस अवसर मध्य कमान के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेन गुप्ता ने कहा कि धारणा ही वैधता को आकार देती है और वैधता प्रभाव को आकार देती है। प्रभाव ही परिणाम बनाते हैं। सेना कमांडर ने नैरेटिव के हथियार के रूप में इस्तेमाल और युद्ध की सीमा से नीचे के संघर्षों से उत्पन्न खतरे के बारे में भी बात की।
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उन्होंने बताया कि रणनीतिक संचार केवल प्रतिक्रियात्मक, प्रासंगिक या किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित नहीं हो सकता, बल्कि इसे संस्थागत बनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में लगभग 500 लोग शामिल हुए। सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में रणनीतिक संचार पर विचार-विमर्श और पैनल चर्चाएं हुईं। पैनलिस्टों व वक्ताओं में वरिष्ठ राजनयिक, सरकारी संचार विशेषज्ञ और मीडिया जगत से रक्षा और विदेश नीति के विशेषज्ञ शामिल थे। उपस्थित लोगों में मध्य कमान, भारतीय सेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, और सरकारी व निजी क्षेत्रों के संचार पेशेवर शामिल थे।

पहले सत्र का संचालन विशेषज्ञ वरिष्ठ पत्रकार नितिन गोखले ने किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली महिला स्थायी प्रतिनिधि रहीं राजदूत रुचिरा कंबोज, राजदूत यशवर्धन सिन्हा व लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने सत्र को संबोधित किया। राजदूत दिलीप सिन्हा, डॉ. शांतनु मुखर्जी, शरत चंदर, लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने भी विचार व्यक्त किए। वहीं, चीफ ऑफ स्टाफ एचक्यूसीसी लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने विभिन्न सत्रों में हुई चर्चाओं का सारांश पेश किया।

बॉलीवुड में भी बनें सेना पर केंद्रित फिल्में

कम्युनिकेशन एक्सपर्ट नितिन गोखले ने कहा कि संकट आने से पहले ही संदेश और थीम तैयार होनी चाहिए। न कि संकट के समय। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए, चाहे शांति हो या तनाव। हम लोग अभी संकट आने पर ही जागते हैं और 'क्राइसिस कम्युनिकेशन' करते हैं, जबकि 'स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन' पर फोकस करना चाहिए। लेखक और कंटेंट राइटर्स को बढ़ावा देना चाहिए। जैसे पेंटागन ने हॉलीवुड में अफसर भेजे हैं, जो अमेरिकी सेना की तारीफ वाली फिल्में बनवाते हैं- ब्लैक हॉक डाउन, आर्गो, टॉप गन सरीखी। अब ओटीटी प्लेटफॉर्म बढ़ गए हैं। क्या हमारी सेना या सरकार की असली कहानियों पर फिल्में, डॉक्यूमेंट्री बन रही हैं, यह सोचना होगा।

सेनाओं को सतर्क रहने का दिया सुझाव

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान दो दिनों तक जवाब देने की हालत में नहीं था। इसके बाद अचानक एआई से बने फर्जी वीडियो वायरल होने लगे। कहीं महिला पायलट पाकिस्तान की गिरफ्त में तो कहीं एस-400 डिफेंस सिस्टम के तहस-नहस होने के वीडियो आए। लेकिन जब पीएम आदमपुर वायुसेना स्टेशन गए और पीछे एस-400 नजर आया तो पाकिस्तानी झूठ की पोल खुली। रक्षा विशेषज्ञ मनीष प्रसाद ने डिजिटल रणक्षेत्र पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने और उस पर कड़ा प्रहार करने की उपयोगिता पर कुछ ऐसे ही रोशनी डाली। उन्होंने सेनाओं को भी इस क्षेत्र में अधिक सतर्क रहने का सुझाव दिया।

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

छावनी स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में चर्चा करते लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, राजदूत रुचिरा कंबोज, रा

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