बिजली विभाग का कारनामा: भ्रष्टाचार एक, विधान परिषद में पेश कर दी गईं दो-दो जांच रिपोर्ट, लाखों के गबन का मामला
उन्नाव में बिलों से लाखों की रकम हड़पने, मीटरों से यूनिट की हेराफेरी करने के मामले में विधान परिषद की संसदीय, सामाजिक समिति के सामने ऊर्जा विभाग की जमकर फजीहत हुई। आगे पढ़ें पूरा मामला...
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राजधानी लखनऊ में विधान परिषद की संसदीय, सामाजिक समिति के सामने बृहस्पतिवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अफसरों की कार्यप्रणाली के चलते ऊर्जा विभाग की बहुत फजीहत हुई। दरअसल, परिषद ने उन्नाव के बिजली विभाग में हुए भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे। सुनवाई के दौरान एक भ्रष्टाचार की दो-दो जांच रिपोर्ट पेश कर दी गई थीं।
शिकायतकर्ता कुंवर प्रशांत सिंह ने बताया कि सुनवाई पर सभापति (विधान परिषद सदस्य) अंगद सिंह मध्यांचल निगम की एमडी रिया केजरीवाल पर बहुत नाराज हुए। उन्होंने कहा जांच में जो दोषी पाए गए, उन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सभापति ने इस भ्रष्टाचार की जांच के लिए प्रशासनिक समिति का गठन किया है। सुनवाई में समिति की तरफ से विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता, अवनीश सिंह पटेल में शामिल थे।
जानिए पूरा मामला
उन्नाव के प्रशांत सिंह ने उन्नाव में बिजली बिलों से रकम हड़पने, मीटर से यूनिट की हेराफेरी करने की विधान परिषद में शिकायत की थी। इस मामले की मध्यांचल निगम की जांच समिति इकाई ने संघन छानबीन कर पावर कॉर्पोरेशन के जरिए रिपोर्ट शासन को भेजी।
इस जांच रिपोर्ट में तमाम इंजीनियरों व कर्मियों को दोषी ठहराया गया था। दूसरी तरफ, मध्यांचल निगम ने एक और जांच रिपोर्ट भेज दी। इसमें लीपापोती झलक रही थी। 7 जनवरी को दो-दो जांच रिपोर्ट पहुंचने से सभापति भी दंग रह गए। सभापति ने 12 मार्च को सुनवाई तय की थी।
सभी दोषियों पर करेंगे सख्त कार्रवाई
सभापति ने सुनवाई के दौरान मध्यांचल निगम की एमडी रिया केजरीवाल को दोषियों पर कार्रवाई न करने और उनको बचाने पर खूब खरीखोटी सुनाई। मौके की नजाकत को देखते हुए पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभापति अंगद सिंह से अनुरोध किया, अगली सुनवाई से पहले सभी दोषियों पर कार्रवाई करके रिपोर्ट पेश करेंगे।