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यूपी: डिप्टी सीएम आवास के सामने एएनएम का उग्र प्रदर्शन, 2027 में परिणाम भुगतने की दी चेतावनी; सड़कों पर धरना
Mon, 12 Oct 2026 01:16 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:16 PM IST
सार
ANMs protest in Lucknow: प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि पिछले छह दिनों से लगातार आंदोलन और ज्ञापन सौंपने के बावजूद शासन-प्रशासन स्तर पर उनकी सुध नहीं ली जा रही है और उनकी मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
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पुलिस से हुई तीखी भिड़ंत।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
राजधानी लखनऊ में संविदा और आउटसोर्सिंग महिला एएनएम कर्मियों का गुस्सा लगातार छठे दिन सोमवार को उस वक्त फूट पड़ा जब उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आक्रामक तेवर दिखाते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के राजभवन कॉलोनी स्थित आवास का घेराव कर दिया और सड़क पर धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि पिछले छह दिनों से लगातार आंदोलन और ज्ञापन सौंपने के बावजूद शासन-प्रशासन स्तर पर उनकी सुध नहीं ली जा रही है और उनकी मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
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प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आया और सड़क पर बैठी महिला एएनएम कर्मियों को बलपूर्वक वहां से हटाते हुए बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया।
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आंदोलनकारी महिला कर्मियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी सभी संविदा एएनएम कर्मियों को तुरंत स्थायी करने, समान काम-समान वेतन देने, गृह जनपद में तैनाती सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य बीमा व नियमित ईपीएएफ अंशदान का लाभ देने तथा कार्यस्थल पर शिकायतों के निस्तारण के लिए विशाखा कमेटी का गठन करने जैसी जायज मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो उन्हें आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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महिलाओं का कहना है कि वे इससे पहले भी कई बार डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को ज्ञापन सौंप चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन ही मिले हैं, जिससे उनमें आक्रोश और गहराता जा रहा है।