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UP: बॉम्बे पावभाजी को देने होंगे करोड़ रुपये, ग्राहकों के बिलों में 'पेट पूजा सॉफ्टवेयर' से कर रहे थे गड़बड़ी

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 09 Mar 2026 07:06 PM IST
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सार

लखनऊ के बॉम्बे पावभाजी के हजरतगंज और गोमतीनगर स्थित तीन प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग के सर्वे में 'पेट पूजा सॉफ्टवेयर' से बिलिंग में हेराफेरी का मामला सामने आया। जांच में करीब सात करोड़ रुपये के अतिरिक्त कारोबार का पता चला। प्रतिष्ठान को दो करोड़ रुपये से अधिक आयकर जमा करना होगा और अन्य रेस्टोरेंट भी जांच के दायरे में हैं।

UP: Bombay Pav Bhaji to pay crores of rupees for tampering with customer bills using 'Pet Pooja Software'
बॉम्बे पावभाजी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

पेटपूजा साफ्टवेयर के जरिये बिलिंग में हेराफेरी के मामले में फंसे राजधानी के बॉम्बे पावभाजी प्रतिष्ठान को दो करोड़ रुपये से अधिक आयकर जमा कराना होगा। बॉम्बे पावभाजी के हजरतगंज और गोमतीनगर के तीन प्रतिष्ठानों के सर्वे में करीब 7 करोड़ रुपये के कारोबार का पता चला है। आयकर विभाग ने रविवार देर रात तक सर्वे की कार्यवाही की थी।

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बता दें कि हैदराबाद के आयकर विभाग के इनपुट पर देश भर में 17 से अधिक प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग ने रविवार को सर्वे किया था, जिसमें राजधानी का बॉम्बे पावभाजी प्रतिष्ठान भी शामिल था। 
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दरअसल, देश भर में जिन रेस्टोरेंट्स आदि द्वारा 'पेट पूजा सॉफ्टवेयर' का इस्तेमाल किया जाता है, वहां साफ्टवेयर की मदद से करीब 70 हजार करोड़ रुपये की हेराफेरी के सुराग मिलने के बाद नई दिल्ली स्थित आयकर विभाग के मुख्यालय के निर्देश पर की गई थी। 

इसके तहत राजधानी स्थित आयकर विभाग की जांच इकाई के अधिकारियों ने भी बॉम्बे पावभाजी के तीनों प्रतिष्ठानों पर जाकर पेटपूजा साफ्टवेयर को खंगाला, जिसमें करीब सात करोड़ रुपये का अधिक कारोबार करने के सुराग मिले। इस दौरान संचालक का बयान भी दर्ज किया गया, जिसने साफ्टवेयर के जरिये गड़बड़ी होने की बात कबूली है।

कई अन्य प्रतिष्ठान भी रडार पर

सूत्रों की मानें तो राजधानी के तमाम रेस्टोरेंट संचालक आयकर विभाग के रडार पर हैं। विभाग द्वारा इन प्रतिष्ठानों में ग्राहकों को होने वाली बिलिंग और टैक्स चुकाने की जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन प्रतिष्ठानों द्वारा कितना जीएसटी जमा कराया जा रहा है ताकि उसके आधार पर आयकर का भी आकलन किया जा सके।


 

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