यूपी: शिक्षण संस्थानों में हो रहे प्रदर्शनों पर सीएम सख्त, विभागवार बनाए गए नोडल अफसर; जवाबदेही होगी तय
Educational institutions in UP: नए बदलावों के अनुसार बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों की सूचनाएं सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया हैंडलर्स (यूट्यूबर्स) पर पैनी नजर रखी जाएगी।
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प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आए दिन शिक्षण संस्थानों की अव्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम ने जहां भी कमियां सामने आ रही हैं, वहां के संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर शिक्षण संस्थानों की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
सीएम ने लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव आदि जिलों में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन को गंभीरता से लिया है। उन्होंने समस्याओं के जल्द निराकरण की हिदायत देते हुए नाराजगी जताई है। ये छात्र शिक्षकों की कमी व अन्य अव्यवस्थाओं से नाराज होकर प्रदर्शन किया था। उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा, समाज कल्याण और श्रम विभाग के शिक्षण संस्थानों की निगरानी की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई है। इसमें कहा गया है कि जहां खामियां सामने आएं उनका तत्काल निस्तारण कराएं और जिम्मेदारों को चिह्नित किया जाए।
सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की समय से तैनाती न होने पर सवाल
सर्वोदय विद्यालयों के मामले में यह सामने आया है कि नया सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ था। ऐसे में सवाल उठता है कि शिक्षकों की तैनाती की औपचारिकता क्यों पूरी नहीं की गई? इसके लिए जून में क्यों विज्ञापन जारी किया गया? सूत्र बताते हैं कि इसमें जिन अधिकारियों की लापरवाही बरती है उन्हें भी चिह्नित करने के लिए भी कहा गया है।
सोशल मीडिया की शिकायतों की तथ्यात्मक जांचकर जवाब दें डीएम : गोयल
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों की सूचनाएं सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया हैंडलर्स (यूट्यूबर्स) पर पैनी नजर रखी जाएगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्त व डीएम को निर्देश दिए हैं कि डीएम के सोशल मीडिया अकाउंट से मामले की जांचकर तथ्यात्मक जवाब दिया जाए।
मुख्य सचिव ने बुधवार को बेसिक व माध्यमिक स्कूलों में अवस्थापना सुविधाएं सुदृढ़ करने, साफ-सफाई कराने और छात्रों व अभिभावकों के साथ नियमित संवाद के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि बारिश में विद्यालय में सफाई व जलभराव की समस्या को देखते हुए अभियान चलाया जाए। इसके लिए ब्लॉकवार टीम बनाएं। पठन-पाठन, स्कूल किचन शेड, बिजली उपकरण व पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण कर कमियां दूर कराई जाएं।
भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करें
मुख्य सचिव ने भ्रामक सूचना प्रसारित करने वाले यूट्यूबरों पर कड़ी नजर रखने के साथ भ्रामक खबरों का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूता-मोजा व स्कूली बैग की शत-प्रतिशत राशि अभिभावकों के खातों में पहुंचे और इसका खरीदा जाना भी सुनिश्चित कराएं। दूसरे विभागों से समन्वय कर विद्यालयों में सुविधाओं को मजबूत कराएं। शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति पर सख्ती की जाए। स्कूल प्रबंधन समिति को क्रियाशील रखा जाए। बता दें कि हाल के दिनों में कई विपक्षी दलों द्वारा प्रदेश के स्कूलों की व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट की गई है।