यूपी: सीएम योगी बोले- सपा-कांग्रेस 'वंदे मातरम्' का विरोध कर रहे, राष्ट्रीय गीत के साथ क्यों नहीं खड़े?
विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर गाजी मेले के समर्थन का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के तीर्थों का विकास कर रही है। उन्होंने यूपी की बढ़ती जीडीपी, किसानों को डीबीटी के जरिए भुगतान, ओडीओपी और एमएसएमई के विस्तार का उल्लेख किया और डबल इंजन सरकार को विकास का आधार बताया।
विस्तार
यूपी विधान परिषद में सीएम योगी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा, विपक्ष से किसी तरह की उम्मीद करना बेवकूफी है। पहले की सरकारों ने यूपी को अपराध का गढ़ बना दिया था। कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। वंदे मातरम् का 150वां साल चल रहा। मैं पूछता हूं, सपा-कांग्रेस आखिर इसका विरोध क्यों कर रहे? इस देश में रहोगे और यहां के राष्ट्रीय गीत पर खड़े नहीं होगे।
पहली की सरकारों का विकास परिवारवादी था। जेपीएनआईसी का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। कहा कि 800 करोड़ खर्च हो गए वह फिर अधूरा है। हमने जेपी के जन्मभूमि पर अस्पताल बनवाया।1400 करोड़ खर्च हो गए, फिर भी गोमती रिवर फ्रंट का प्रोजक्ट अधूरा है, यह महज 300 करोड़ का प्रोजेक्ट था।
युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ
सीएम योगी ने कहा, सरकार ने अपने कार्यकाल में अराजकता फैलाई। इसीलिए युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ। किसान सुसाइड के लिए मजबूर हुआ। आज जल, थल, नभ तीनों यूपी के अंदर देखने को मिलता है। यूपी में पहली रैपिड रेल का उद्घाटन 22 फरवरी को होगा। आज यूपी में सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण है। मेरठ से दिल्ली सिर्फ 45 मिनट में तय होता है। आज 22 एक्सप्रेसवे वाला राज्य यूपी है। इनमें 7 क्रियाशील हो चुके हैं और 5 निर्माणाधीन हैं। 10 पर हम काम कर रहे हैं।
2017 से पहले राशन वितरण की खूब शिकायतें थीं
सीएम योगी ने कहा, 2017 से पहले राशन वितरण की खूब शिकायतें थीं। आज कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि टेक्नालॉजी का उपयोग किया गया। 6 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे। किसी भी सेक्टर में यदि यूपी के युवा को मौका मिला, तो उसने अपनी अलग छाप छोड़ी। डाटा आज की सबसे बड़ी ताकत है। एआई देश का मर्चिंग सेक्टर है। इसके लिए बजट में व्यवस्था की गई है।
प्रदेश में बेरोजगारी की दर 2.24 फीसदी तक आ गई
सीएम योगी ने कहा, 'सीएम युवा उद्यमी' स्कीम से काम चल रहा है। हर साल एक लाख युवा उद्यमी बन सकें, इसके लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ईवी के पहली यूनिट लखनऊ में स्थापित हुई है। 20 हजार से अधिक स्टार्ट अप यूपी में चल रहे हैं। प्रदेश में बेरोजगारी की दर 2.24 फीसदी तक आ गई है। हर गांव में खेल का मैदान हो, इसके लिए भी प्रयासरत हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल के बाजार में यूपी की धमक है। खरीदे जा रहे वाहनों 19 फीसदी हिस्सा यूपी का है। तिपहिया वाहनों में 40 फीसदी से अधिक यूपी का हिस्सा है।
प्रदेश की जनता को पहले ही मिलना चाहिये था कानून का राज
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, राज्यपाल एक अनुभवी राजनेता होने के साथ आज प्रदेश सरकार की संवैधानिक प्रमुख के रूप में अपना मार्गदर्शन और नेतृत्व सभी को प्रदान कर रही हैं। उनके प्रति अभद्र व्यवहार समाजवादी पार्टी की वास्तविक सोच और प्रतिपक्ष की नकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। पिछले नौ वर्ष में प्रदेश ने एक अपनी यात्रा तय की है। यह यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव की यात्रा, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है।
इस यात्रा को देश और दुनिया स्वीकार करती है। वे कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आया है। यह अधिकार प्रदेश की 25 करोड़ जनता को पहले ही मिलना चाहिये था लेकिन अपने संकुचित एजेंडे को लेकर चलने वाली सरकारों ने प्रदेश के भविष्य और जनता जनार्दन के साथ खिलवाड़ किया।
उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया। प्रदेश को अराजकता, अव्यवस्था, अपराध का एक गढ़ बना दिया। इस दौरान कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। उत्तर प्रदेश को भारत के शाश्वत मूल्यों की आधारभूमि माना जाता है, उसमें किस प्रकार की अव्यवस्था थी, यह हम सबने देखा है। वहीं डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ़ नीयत, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता से आज उत्तर प्रदेश ने बॉटलनेक से देश की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथॉट बनाने में सफलता प्राप्त की है।
दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी, भरोसे और परिवर्तन के समन्वित मॉडल के रूप में उभरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यूपी रेवन्यू सरप्लस और उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी यात्रा को लेकर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में दुनिया के सबसे बड़े एआई इंपेक्ट समिट का उद्घाटन किया है। यह पांच दिनों तक देश और दुनिया के 18 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में चलेगा।
इस समय जब दुनिया तेजी से इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है, तब भारत भी इस दिशा में मजबूत और दूरदर्शी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। देश न केवल वर्तमान बल्कि भावी पीढ़ी के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन योजना के साथ कार्य कर रहा है।
नीतिगत उदासीनता और विकास विरोधी सोच के माहौल को हमने बदला
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नीतिगत उदासीनता, प्रशासनिक शिथिलता और विकास विरोधी सोच का जो माहौल था, उसे बीते वर्षों में पूरी तरह बदलने का प्रयास किया गया। अनुशासन, निर्णायक नेतृत्व, स्पष्ट नीति और शुद्ध नीयत के माध्यम से शासन-प्रशासन को एक नई दिशा देने का कार्य किया गया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार के कार्यों का प्रभाव भी प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
पहले “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने प्रदेश को झकझोर रखा था
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चलाते थे। गुंडा टैक्स और अवैध वसूली प्रदेश की नियति बन चुकी थी। “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। कानून चंद हाथों की जागीर बन गया था और कर्फ्यू व दंगे आम बात हो गई थी।
पर्व और त्योहार आस्था के बजाय आशंका के केंद्र बन जाते थे। पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। न बेटियां सुरक्षित थीं और न व्यापारी। उस दौर में प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता के पर्याय के रूप में देखी जाती थी। वहीं वर्ष 2017 के बाद यही उपद्रवग्रस्त उत्तर प्रदेश आज उत्सव प्रदेश में बदल चुका है। अब राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है।