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UP: लखनऊ में दौड़ेगा डबल डेकर फूड ट्रक, एक ही जगह मिलेगा स्वाद, पर्यटन और तकनीक का अनूठा संगम

Thu, 09 Jul 2026 04:59 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 09 Jul 2026 04:59 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ में अत्याधुनिक डबल डेकर फूड ट्रक शुरू करेगी। इनमें स्थानीय व्यंजन, डिजिटल भुगतान, एआई निगरानी, एआर-वीआर आधारित पर्यटन अनुभव और पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं होंगी। पहले चरण में यह सेवा प्राणी उद्यान और लोहिया पार्क में शुरू होगी, बाद में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक विस्तारित की जाएगी।

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UP: Double-decker food truck to hit the roads in Lucknow; a unique blend of taste, tourism, and technology—all
लखनऊ में दौड़ेगा डबल डेकर फूड ट्रक - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (यूपीईटीडीबी) की ओर से प्रदेश में अत्याधुनिक डबल डेकर फूड ट्रकों का संचालन शुरू किया जाएगा। पहले चरण में इनका संचालन लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान और डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में होगा। बाद में इसे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक विस्तारित किया जाएगा।

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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण खानपान के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध खाद्य संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा अनुभव देना है। यूनेस्को द्वारा लखनऊ को 'क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा मिलने के बाद फूड ट्रकों के मेन्यू में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन' के तहत प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी।
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डबल डेकर फूड ट्रक में डिजिटल पीओएस सिस्टम, यूपीआई और कार्ड भुगतान, एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, क्यूआर कोड आधारित फीडबैक और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। ट्रक के ऊपरी हिस्से में एआर-वीआर तकनीक के जरिए उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन स्थलों और जैव विविधता का डिजिटल अनुभव कराया जाएगा, जबकि निचले हिस्से में आधुनिक रसोई और फूड सर्विस की व्यवस्था होगी।
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पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ट्रकों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे तथा खाद्य पैकेजिंग के लिए पत्तल, बांस, मिट्टी और अन्य बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के लिए निजी सहभागिता से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं, जिनकी अंतिम तिथि 24 जुलाई निर्धारित की गई है।

 

डिजिटल होगी मॉनिटरिंग व्यवस्था

पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। सभी बिक्री केवल डिजिटल पीओएस प्रणाली के माध्यम से होगी। एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, यूपीआई एवं कार्ड भुगतान, क्यूआर कोड आधारित ग्राहक फीडबैक और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था अनिवार्य होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवा गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

एआर-वीआर तकनीक से प्रदेश की विरासत का मिलेगा अनुभव 

डबल डेकर फूड ट्रक की संरचना भी इसे खास बनाएगी। इसकी छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे ऊर्जा की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। ट्रक का ऊपरी हिस्सा पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

यहां एआर और वीआर तकनीक के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन स्थलों और जैव विविधता का डिजिटल अनुभव मिलेगा। बिना हेडफोन के इमर्सिव ऑडियो, एलईडी आधारित डिजिटल हेरिटेज गैलरी और आरामदायक ईको डाइनिंग लाउंज इसकी विशेषता होगी।

 

डिजिटल मेन्यू सहित अन्य आकर्षण

निचले हिस्से को पूरी तरह आधुनिक व्यावसायिक रसोई के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें ऊर्जा उपकरणों से सुसज्जित किचन, ऑर्डर सुविधा एवं पिकअप काउंटर, स्मार्ट स्टोरेज, स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जाएगा। ट्रक के बाहरी हिस्से पर बड़े एलईडी डिस्प्ले लगाया जाना प्रस्तावित है, जिन पर उत्तर प्रदेश पर्यटन के प्रचार, डिजिटल मेन्यू और जन जागरूकता संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे।

पत्तल-बांस-मिट्टी के बर्तनों में खाने की पैकेजिंग 

पर्यावरण संरक्षण इस परियोजना की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। फूड ट्रक के निर्माण में टिकाऊ, अग्निरोधक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाएगा। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। खाद्य सामग्री की पैकेजिंग के लिए पत्तल, बांस, मिट्टी या अन्य बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया जाएगा। वहीं, जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज नीति लागू होगी। फूड ट्रक के चारों ओर 25 मीटर क्षेत्र को प्रतिदिन साफ रखा जाएगा। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए तेज संगीत पर भी रोक रहेगी।

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