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यूपी: अलनीनो के चलते प्रदेश में कम बारिश का खतरा, 2015 जैसा पड़ सकता है आंशिक सूखा; इन फसलों पर सीधा असर

विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 19 Jun 2026 08:14 AM IST
सार

Weather in UP: यूपी में इस बार मानसून औसत से कम रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई जिलों में आंशिक सूखा पड़ सकता है। 

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UP: Due to El Nino, the state faces the threat of reduced rainfall, a partial drought like that of 2015
El Niño And It's Impact On Monsoon - फोटो : AI Generated

विस्तार

उत्तर प्रदेश में आमतौर पर 18 जून तक मानसून दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार प्रदेश के मानसून पर अलनीनो का साया गहराता जा रहा है। मौसम विभाग का आकलन है कि इस बार मानसून की दस्तक में कम से कम एक सप्ताह या उससे अधिक की देरी हो सकती है। वहीं इस वर्ष जून से सितंबर के दाैरान सामान्य से कम वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं।

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क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक प्रदेश में इस बार बारिश औसत के 90 प्रतिशत से भी कम रह सकती है। इतना ही नहीं, यूपी में जून में सामान्य वर्षा की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम बारिश होने की संभावना है।
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जून में कम बारिश से फसलों पर पड़ेगा असर
लखनऊ के विशेषज्ञ डाॅ. सत्येंद्र कुमार सिंह के मुताबिक जून के शुरुआती दिनों में होने वाली बारिश कई खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में लौकी, करेला, तोरई, भिंडी और ग्वार फली जैसी हरी सब्जियों के साथ-साथ अरहर, मक्का और बाजरा जैसी फसलों की बुआई और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

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यूपी में साल 2015 जैसा दिख सकता है अलनीनो का असर

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वर्ष उत्तर प्रदेश में अलनीनो का प्रभाव वर्ष 2015 जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2015 में जून से सितंबर के दौरान देश में सामान्य से केवल 86 से 91 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई थी। कम बारिश से धान और मक्का जैसी खरीफ फसलें प्रभावित हुई थीं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा और खाद्य महंगाई बढ़ी थी।

प्रदेश ही नहीं देश भर में इस बार मानसून की गति शुरुआती दौर में ही ऐसी थम गई हैं कि 15 जून तक देश के 703 जिलों में से महज 103 जिलों में ही सामान्य बारिश हो पाई है। इस बार अभी अकेले महाराष्ट्र में ही 74 फीसदी कम बारिश हुई है। भारत में 50 से 60 फीसदी सिंचाई वर्षा पर ही आधारित है।

फिलहाल पांच दिनों तक राहत नहीं 

उत्तर प्रदेश में फिलहाल एक हफ्ते तक गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। माैसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश तराई और दक्षिणी इलाके के 27 जिलों में लू की चेतावनी जारी किया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल यूपी में कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। मानसून की दस्तक में देरी से फिलहाल अगले तीन चार दिनों तक तपिश का प्रकोप और लू की परिस्थितियां बने रहने की आशंका है।

बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप बना रहा, जबकि कानपुर और हमीरपुर में हल्की बूंदाबांदी ने लोगों को राहत दी। 43.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। झांसी में 42.2 डिग्री, प्रयागराज में 41.8 डिग्री और वाराणसी में अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

आज इन 27 जिलों में है लू का येलो अलर्ट

प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र।
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