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यूपी: प्रदेश में बढ़ सकती हैं बिजली दरें, उपभोक्ता परिषद ने लगाया साजिश का आरोप; सीएम से की दखल की मांग
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 26 Oct 2025 10:47 PM IST
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सार
Power crisis in UP: यूपी में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि कुछ अधिकारी इस साल दरें बढ़ाने की साजिश रच रहे हैं।
बिजली आपूर्ति
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि पाॅवर काॅर्पोरेशन के कुछ अधिकारी इस वर्ष बिजली दर बढ़ाने की साजिश रच रहे हैं। वे गलत आंकड़ों के आधार पर विद्युत नियामक आयोग पर दबाव बना रहे हैं। इसके जरिये वे सरकार की छवि प्रभावित करना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस वर्ष भी बिजली दरें न बढ़ने दें।
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प्रदेश के सभी बिजली निगमों की ओर से पाॅवर काॅर्पोरेशन विद्युत नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव दाखिल किया। इस पर सभी निगमों मे सुनवाई हो चुकी है। नियमानुसार एआरआर दाखिल होने के 120 दिन में बिजली दरें निर्धारित होनी चाहिए, लेकिन 165 दिन बाद भी बिजली दरें घोषित नहीं की गई हैं। ऐसे में राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन और विद्युत नियामक आयोग मिलकर बिजली दर बढ़ाने की साजिश रच रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों और पावर काॅर्पोरेशन पर उपभोक्ताओं का लगभग 33122 करोड़ सरप्लस है। इसके बाद भी 28 से 45 फीसदी बिजली दर बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी लगभग 4,000 करोड़ का सरप्लस होने की संभावना है। ऐसे में कानून के तहत बिजली दरें नहीं बढ़ाई जा सकती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर बिजली दर बढ़ाने के लिए तैयार किए गए गलत आंकड़ों का विवरण भी भेजा है।

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