UP: लखनऊ अग्निकांड के बाद अब सभी इमारतों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य, बिना इसके नहीं पास होगा मानचित्र
अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सभी भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दी है। अब बिना अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र के मानचित्र पास नहीं होगा। पहले से बने भवनों को तीन महीने में एनओसी जमा करनी होगी। नए नियमों का उद्देश्य भवनों में अग्नि सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा मजबूत करना है।
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अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए ने मानचित्र पास करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। इसमें अब सभी भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दी गई है। अभी तक 15 मीटर तक की ऊंचाई वाले बहुमंजिला भवनों और 500 वर्ग मीटर से कम फर्श क्षेत्रफल वाले होटलों को फायर एनओसी से छूट थी मगर अब उनका मानचित्र भी तभी पास होगा जब फायर एनओसी होगी।
बीते 22 जून को अलीगंज सेक्टर- डी में एक बिल्डिंग में आग लग गई थी। इसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। यह बिल्डिंग जिस जमीन पर बनी थी वह आवासीय थी मगर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। जांच में यह सामने आया कि बिल्डिंग में आग से बचाव को लेकर जरूरी उपाय नहीं थी। करीब 2000 वर्ग फीट के प्लॉट पर बनी यह बिल्डिंग बेसमेंट प्लस तीन मंजिला थी।
मानचित्र पास करने की व्यवस्था में बदलाव
ऐसे में इसकी ऊंचाई जमीन से 15 मीटर से कम ही थी। अभी जो मानचित्र पास किए जाने के जो नियम है उसमें फायर एनओसी 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए ही अनिवार्य है लेकिन अब 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली बिल्डिंगों में भी आग लगने की घटनाओं और देखते हुए एलडीए ने मानचित्र पास करने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है।
जिसमें अब भी 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली बिल्डिंगों के लिए भी फायर एनओसी अनिवार्य कर दी गई है। इसको लेकर एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है। जिसमें उत्तर प्रदेश अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवा अधिनियम-2022 और नियमावली-2024 के तहत नए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। वहीं,एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि नई व्यवस्था से भवनों में अग्नि सुरक्षा मजबूत होगी। दुर्घटनाओं की रोकथाम होगी और नागरिकों की सुरक्षा बेहतर हो सकेगी।
पुराने वालों को तीन महीने की छूट
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि कुछ श्रेणी की इमारतों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य नहीं थी मगर सुरक्षा के लिहाज से अब ऐसे भवनों के लिए भी फायर और विद्युत सुरक्षा एनओसी ली जाएगी। जो नए मानचित्र पास होंगे उनसे आवेदन के साथ ली जाएगी और जो पहले से बने हैं उनका शमन मानचित्र पास करते समय यह शपथ पत्र लिया जाएगा कि वह तीन महीने में फायर और विद्युत सुरक्षा एनओसी जमा कर देगा। ऐसा नहीं करने पर मानचित्र अवैध हो जाएगा।
अब इन भवनों को भी लिए फायर एनओसी अनिवार्य
असेम्बली भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, होटल-गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट-बैंक्वेट हॉल, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, बैंक, सिनेमा-थिएटर, जिम और अन्य विशेष उपयोग वाले भवन।