UP: प्रीपेड मीटर लगे तो 36,459 ने पहली बार चुकाए बिल, 1.29 लाख बकायेदारों के कनेक्शन अभी कटे; इतनी हुई वसूली
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद 36,459 बकायेदारों ने पहली बार बिजली बिल जमा किया। कनेक्शन कटने से वसूली बढ़ी है, जबकि 1.29 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब भी कटे हैं। बिल जमा करने पर बिजली तुरंत बहाल हो रही है और व्यवस्था पारदर्शी बनी है।
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के 19 जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद पहली बार 36,459 बकायेदारों ने बकाया बिल की रकम को जमा किया। 13 मार्च से अब तक ऐसे 86,434 बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा चुके। इसमें अब तक 49975 उपभोक्ताओं ने बकाया रकम को जमा नहीं किया, जिससे इनके कनेक्शन कटे पड़े हैं। यह जानकारी निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने प्रेसवार्ता में दी।
सोमवार को निगम मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए एमडी ने बताया कि 13 मार्च से अब तक कुल 14.21 लाख प्रीपेड मीटर धारक बकायेदारों की बिजली काटी गई। इन कुल 315 करोड़ रुपये की देनदारी थी।
कनेक्शन काटने के बाद 357 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। प्रीपेड मीटर की वजह से अब ऐसे बकायेदारों से 42 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 14.21 लाख में से 1.29 लाख बकायेदारों ने अब तक बिल जमा नहीं किया, जिससे उनके कनेक्शन कटे पड़े हैं। प्रेसवार्ता में निदेशक रजत जुनेजा, मुख्य अभियंता नीरज कुमार, अधीक्षण अभियंता हरीश चौधरी ने प्रीपेड मीटर की सुविधाओं के बारे में बताया।
95 फीसदी लोगों की कटी बिजली 30 मिनट में जुड़ी
एमडी ने बताया कि प्रीपेड मीटर से जिन बकायेदारों की बिजली कटी, उनके बिल जमा करने पर 10 से 30 मिनट के अंदर 95 फीसदी लोगों की जुड़ी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की तरफ से उपभोक्ताओं में भ्रम फैलाया जा रहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर तेज चल रहा। जबकि ऐसा नहीं है, एक बार बकायेदार बैलेंस को निगेटिस से पॉजिटिव करके देखे फिर उसको सुविधा का एहसास होगा।
समाधान के फर्जी संदेश पर होगी कार्रवाई
एमडी ने कहा कि 1912 पर दर्ज होने वाली शिकायतों का समाधान किए बिना ही बिजली महकमे के जिम्मेदार फर्जी तरीके से समस्या निस्तारण की जानकारी दे रहे हैं। ऐसे जिम्मेदार सुधर जाए, नहीं तो सख्त कार्रवाई करेंगे। उन्होंने सीयूजी मोबाइल नंबर पर कॉल रिसीव न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।