यूपी: सोना-चांदी ने 15 लाख करोड़ से भर दी यूपी वालों की तिजोरी, इन धातुओं पर निवेश से करोड़पति बने लोग
Rising silver prices: उत्तर प्रदेश में बीते दस वर्षों के दौरान खरीदा गया सोना और चांदी आम लोगों के लिए सबसे मजबूत निवेश साबित हुआ है। दाम बढ़ने से कई लोंगों को सीधा लाभ हुआ है।
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पिछले 10 वर्षों के दौरान खरीदे गए सोना और चांदी ने यूपी के लोगों को बिना किसी शेयर या फंड निवेश के घर बैठे करोड़पति बना दिया है। डीजीएफटी के आयात आंकड़ों और यूपी की औसतन 15 प्रतिशत हिस्सेदारी के आधार पर पिछले दस साल में यूपी ने एक लाख करोड़ की चांदी और 4.4 लाख करोड़ का सोना खरीदा, जो आज बढ़कर करीब 21 लाख करोड़ का हो गया है।
उत्तर प्रदेश में बीते दस वर्षों के दौरान खरीदा गया सोना और चांदी आम लोगों के लिए सबसे मजबूत निवेश साबित हुआ है। डीजीएफटी के आयात आंकड़ों और उत्तर प्रदेश की लगभग 15 प्रतिशत हिस्सेदारी के आधार पर किए गए आकलन से पता चलता है कि जो धातु अलग अलग वर्षों में खरीदी गई थी, उसकी कीमत आज कई गुना बढ़ चुकी है।
20 जनवरी 2026 को बाजार में सोना करीब 1 लाख 53 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 3 लाख 22 हजार रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है। इन दरों पर देखें तो पिछले दस साल में यूपी में आई सोना चांदी की कुल कीमत करीब 21 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गई है।
इतना सोना-चांदी आयात करता है भारत
भारत हर साल औसतन लगभग 700 टन सोना और 5 से 6 हजार टन चांदी का आयात करता है। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत है। बाजार के इस आधार पर यूपी में हर साल लगभग 105 टन सोना और 1650 टन चांदी की खपत होती है। दस साल में यह आंकड़ा करीब 1050 टन सोना और 16500 टन चांदी तक पहुंच जाता है।
लोगों ने जब सोना-चांदी की खरीद की थी, उस समय बाजार भाव काफी कम थे। वर्ष 2015 से 2024 के बीच सोने की औसत कीमत 26 हजार से 70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रही जबकि चांदी 40 से 95 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बिकती रही। उस समय यूपी में इन दस वर्षों में सोना और चांदी खरीदने पर कुल मिलाकर लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के आसपास खर्च हुआ था।
अब यही सोना और चांदी मौजूदा भाव पर आंकी जाए तो इसकी कीमत करीब 21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसका सीधा मतलब है कि केवल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण प्रदेश के लोगों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हो चुका है।
सबसे बड़ी निजी संपत्ति में बदला ये निवेश
केडिया फिनटेक के सीईओ और बाजार एक्सपर्ट नितिन केडिया और ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के मुताबिक वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, महंगाई, डॉलर में उतार चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण सोने की मांग लगातार बढ़ी है। वहीं चांदी को अमेरिका द्वारा रेयर प्रेशस मेटल श्रेणी में शामिल किए जाने और सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में बढ़ती खपत ने इसके भाव को नई ऊंचाई दी है। साफ है कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश के घरों, दुकानों और बैंक लॉकरों में रखा सोना चांदी अब केवल पारंपरिक बचत नहीं रह गया है बल्कि यह प्रदेश की सबसे बड़ी निजी संपत्ति में बदल चुका है। बिना शेयर बाजार में निवेश किए और बिना किसी जोखिम के आम लोगों की दौलत चुपचाप कई गुना बढ़ चुकी है।
